आईसीजे में खत्म हुई फांसी की सुनवाई, पाक ने कहा कुलभूषण जाधव के पास 150 दिन
ICJ में कुलभूषण जाधव की फांसी के मामले पर सुनवाई भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे खत्म हुई। अदालत ने फैसला सुरक्षित तो रखा साथ ही पाक को भी करारा झटका लगा।
हेग। भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधन को मौत की सजा दिए जाने के संबंध में नीदरलैंड स्थित हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी आईसीजे में सुनवाई खत्म हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी- अपनी बात अदालत के समक्ष रखी।

पाक ने कहा...
पाकिस्तान की ओर से अदालत में पक्ष रख रहे वकील क्यूसी खावर कुरैशी ने कहा कि भारत की अर्जी खारिज कर दी जाए क्योंकि उसमें कई खामियां हैं। उन्होंने कहा कि हमें जाधव को फांसी देने की जल्दी नहीं है। इतना ही नहीं कुरैशी ने कहा कि इस मामले में विएना संधि लागू नहीं होती है। इस दौरान पाक ने कहा कि कुलभूषण ने अपना गुनाह कबूल कर लिा है और उसके पास अपील करने के लिए 150 दिन है।
पाक ने दलील रखने के दौरान वो वीडियो दिखाने के लिए कहा जिसमें कुलभूषण का कथित इकबालिया बयान है लेकिन अदालत ने इससे इनकार कर दिया। पाक ने कहा कि जाधव कांसुलर से मिलने योग्य नहीं है।

वहीं भारत की ओर से वकील हरीश साल्वे ने कहा कि कुलभुषण जाधव को काउंसलर से मिलने न देकर विएना संधि को तोड़ा है। पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी और भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ का एजेंट होने का आरोप लगाया है। वहीं भारत ने पाकिस्तान के इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
जासूसी का आरोप
आपको बता दें कि पाकिस्तान ने इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर 46 वर्षीय कुलभुषण जाधव को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। भारत ने आईसीजे से मांग कर कहा है कि पाकिस्तान उन सभी उपायों को सुनिश्चित करे जिसके तहत जाधव को फांसी न हों।
आर्टिकल 74 के तहत एक अस्थायी उपाय के लिए अनुरोध किया गया है जिसे बाकी अनुरोधों की जगह प्राथमिकता दी जाएगी। अदालत में भारत की जिरह को सुबह 11:30 बजे तक सुना गया है।
साल्वे ने कहा...
भारत की ओर से साल्वे ने कहा है कि जाधव को अपनी रक्षा करने की मंजूरी देनी चाहिए और पाकिस्तान मानवाधिकारों से इनकार नहीं कर सकता है।

साल्वे ने कहा कि जाधव को पाकिस्तान ने उनके अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं दी। उनका ट्रायल उन्हें जानकारी दिए बिना चलाया गया। साल्वे ने कहा कि जाधव को ईरान में किडनैप किया गया और फिर दबाव डालकर उनसे गुनाह कुबूल कराया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा है कि जल्द से जल्द इस मामले पर अपना फैसला देंगे।

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