हमास की जंग के बीच सऊदी अरब के बिगड़े इजराइल से रिश्ते! सारे प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी
Saudi Arabia Israel deal: इजराइल और हमास के बीच चल रही लंबे समय से जंग का असर अब सऊदी अरब के साथ संबंध पर भी पड़ता नजर आ रहा है। इजराइल के साथ ही गई डील को सऊदी अरब ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में हैं।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब इजराइल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की दोनों देशों के समर्थित प्रोजेक्ट्स को ठंडे बस्ते में डाल रहा है। सऊदी ने इजरायल और फिलिस्तीनी समूह हमास के बीच जंग बढ़ने की वजह से अपनी विदेश नीति पर तेजी से बदलाव के संकेत दिए हैं।

इतना ही नहीं हमास और इजराइल की इस जंग ने सऊदी अरब को ईरान के साथ जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी से फोन पर बात हो रही है। रियाद पूरे क्षेत्र में हिंसा में व्यापक वृद्धि को रोकने की कोशिश में है।
इसी के साथ सऊदी अरब हमास-इजरायल जंग के बीच उन इस्लामिक देशों में भी शामिल हैं, जो लगातार इजराइल को जंग रोकने के लिए कह रहा है। सऊदी क्राउन ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होने का हवाला देते हुए इजरायल से तुरंत युद्ध खत्म करने का आह्वान किया है।
हमास के जंग के बाद रियाद के तेवर बदल चुके हैं। क्योंकि जब तक ईरान समर्थित हमास ने 7 अक्टूबर को इज़राइल पर विनाशकारी हमला करके युद्ध नहीं छेड़ा था, तब तक इज़राइली और सऊदी दोनों नेता कहते रहे थे कि वे एक ऐसे समझौते की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं जो मध्य पूर्व को फिर से आकार दे सकता है।
हमास लड़ाकों ने 7 अक्टूबर के हमले में 1,300 से अधिक इजरायलियों को मार डाला और जवाब में गाजा पर इजरायल के लगातार हमलों में शुक्रवार तक 1,952 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए थे।
इस जंग में सऊदी पूरी तरह से खुलकर सामने आया है। सऊदी अरब और मुस्लिम देशों ने शनिवार को इजराइल से आह्वान किया कि गाजा में सैन्य अभियान को तत्काल बंद किया जाए। रियाद में एक संयुक्त इस्लामी-अरब शिखर सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा गया कि फलस्तीन के खिलाफ हो रहे अपराध की इजरायल जिम्मेदारी ले।












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