Hajj 2026: ईरान जंग के बीच सऊदी ने मक्का में बैन की एंट्री! हज से पहले सख्त हुए नियम, उमरा वीजा सस्पेंड
Hajj 2026: अमेरिका-ईरान की जंग में सऊदी पर भी कई हमले हुए थे। जिसके बाद से सऊदी अपनी इंटरनल सिक्योरिटी मजबूत करने पर जोर दे रहा है। शायद यही कारण है सऊदी अरब ने हज 2026 से ठीक पहले मक्का में एंट्री को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। सरकार ने उमरा वीजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है और शहर में प्रवेश के नियम काफी कड़े कर दिए हैं। यह फैसला हज और उमरा मंत्रालय ने आंतरिक मंत्रालय के साथ मिलकर लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य हर साल आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करना और मौजूदा खतरों के बीच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बिना परमिट मक्का में एंट्री बैन
13 अप्रैल 2026 से मक्का में एंट्री सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनके पास वैध हज परमिट होगा या जो वहां काम या रहने के लिए सही दस्तावेज रखते हैं। इसके अलावा, टूरिस्ट वीजा, उमरा वीजा या किसी अन्य वीजा पर आने वाले लोगों को इस दौरान मक्का में एंट्री नहीं मिलेगी। पहले ऐसा होता था कि उमरा वीजा या टूरिस्ट वीजा पर आए लोग मक्का में दर्शन कर लेते थे, पर अब ऐसा नहीं होगा। मिनिस्ट्री ने साफ कहा है कि यह कदम तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और पवित्र स्थलों पर सुचारु आवाजाही बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसके साथ ही मक्का के सभी मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर सिक्योरिटी चेक भी बढ़ा दिए गए हैं।

उमरा वीजा की अहम डेडलाइन क्या थी?
फिलहाल उमरा परमिट पूरी तरह सस्पेंड कर दिए गए हैं। इससे पहले कुछ महत्वपूर्ण तारीखें तय की गई थीं। उमरा वीजा जारी करने की आखिरी तारीख 19 मार्च 2026 थी। सऊदी अरब में एंट्री की अंतिम तारीख 2 से 3 अप्रैल 2026 रखी गई थी, जबकि देश छोड़ने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी। इन तारीखों के बाद उमरा वीजा धारकों को न तो सऊदी में प्रवेश मिलेगा और न ही वे हज परमिट के बिना मक्का में रह पाएंगे। हज परमिट अलग होगा जबकि उमरा परमिट पर पाबंदी रहेगी।
हज वीजा की बुकिंग कब से शुरू?
हज 2026 के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया 8 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। तीर्थयात्रियों की पहली बड़ी खेप 18 अप्रैल से सऊदी पहुंचना शुरू करेगी। अभी फाइनल आंकड़े सामने नहीं आए हैं, लेकिन उम्मीद है कि 2025 की तरह इस बार भी 1.8 मिलियन (18 लाख) या उससे ज्यादा लोग हज में शामिल हो सकते हैं। यह दिखाता है कि दुनिया भर में धार्मिक यात्रा की डिमांड अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
निगरानी का तरीका भी बदला
सऊदी अरब अब टेक्नोलॉजी का भी पूरा इस्तेमाल कर रहा है। नुसुक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर तीर्थयात्री की जानकारी और परमिट को वेरिफाई किया जाएगा। इससे अनऑथराइज लोगों को रोकना आसान होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे भारी जुर्माना, देश से निकालने (डिपोर्ट) और भविष्य में सऊदी में एंट्री बैन जैसे कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
नुसुक ऐप से होगी पूरी प्लानिंग और ट्रैकिंग
नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों हज आवेदन प्रोसेस किए जा चुके हैं। यह ऐप न सिर्फ बुकिंग में मदद करता है, बल्कि तीर्थयात्रियों की ट्रैकिंग भी आसान बनाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वीजा पहले जारी करना और यात्रियों को अलग-अलग चरणों में बुलाना इसलिए किया जा रहा है ताकि आखिरी समय में भीड़ न बढ़े और पूरे सिस्टम को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।
हज के दौरान उमरा पूरी तरह बंद रहेगा
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि हज के दौरान मक्का में एंट्री सिर्फ हज परमिट से ही मिलेगी। इस दौरान उमरा पूरी तरह से जून 2026 में हज खत्म होने तक सस्पेंड रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें और हज के लिए टूरिस्ट वीजा पर निर्भर न रहें। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे भारी जुर्माना, डिपोर्टेशन और लंबे समय तक सऊदी में एंट्री बैन का सामना करना पड़ेगा।
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