H-1B visa विवाद पर एलन मस्क के साथ खड़े हुए डोनाल्ड ट्रंप, कार्यक्रम का किया समर्थन, जानिए क्यों छिड़ी है जंग?
H-1B Visa Elon Musk: कई दिनों से चल रही तीखी नोकझोंक और बहस के बाद आखिरकार अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा (H-1B Visa) को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय जाहिर कर दी है। शनिवार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने एक सार्वजनिक विवाद में अपने अरबपति सहयोगी एलन मस्क का पक्ष लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा है, कि वह इस कार्यक्रम का पूरा समर्थन करते हैं, जो विदेशी तकनीकी कर्मचारियों के लिए दरवाजे खोलता है, भले ही उनके कुछ समर्थक इस पहल का विरोध कर रहे हों।

H-1B वीजा को लेकर विवाद क्या है? (H-1B visa debate)
रिपब्लिकन फायरब्रांड नेता डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी एलन मस्क और ट्रंप की मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) पहल के समर्थकों के बीच कई ट्वीट के बाद आई है। शुक्रवार देर रात टेस्ला के सीईओ ने वीजा कार्यक्रम की रक्षा के लिए "युद्ध" करने की कसम खाने के बाद लड़ाई को और तेज कर दिया था। न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, कि उन्हें इस पहल से कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने अमेरिकी समाचार आउटलेट से कहा, कि "मेरी प्रॉपर्टीज में कई H-1B वीजा हैं। मैं H-1B में विश्वास करता रहा हूं। मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया है। यह एक बेहतरीन कार्यक्रम है।" दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वीजा के इस्तेमाल को सीमित करने का कदम उठाया था। यह मामला, एलन मस्क के काफी करीब है क्योंकि उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था और अमेरिकी नागरिक बनने से पहले उनके पास H-1B वीजा था। इतना ही नहीं, टेस्ला ने इस साल 724 विदेशी कर्मचारियों के लिए H-1B वीजा हासिल किए हैं।
कितना बड़ा हो चुका है ये विवाद? (Elon Musk Donald Trump H-1B Visa Conflict)
आपको बता दें, कि H-1B वीजा आम तौर पर तीन साल के लिए दिया जाता है और बाद में इसे बढ़ाया जा सकता है या लोग इसके समाप्त होने के बाद ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एलन मस्क और MAGA समर्थकों के बीच विवाद तब शुरू हुआ, जब ट्रंप ने भारत में जन्मे श्रीराम कृष्णन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्हाइट हाउस सलाहकार नियुक्त किया। वेंचर कैपिटलिस्ट की नियुक्ति MAGA समर्थकों लॉरा लूमर और मैट गेट्ज़ सहित कई रिपब्लिकन कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आई। लूमर 2024 के राष्ट्रपति पद की रेस के दौरान तब प्रसिद्ध हुईंस जब उन्होंने ट्रंप को ओहियो में पालतू जानवरों को खाने वाले हैती के अप्रवासियों के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए उकसाया था।
लूमर ने कृष्णन की नियुक्ति को "बेहद परेशान करने वाला" बताया, जबकि कई रिपब्लिकन कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया, कि वह ट्रंप की आव्रजन नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, कृष्णन H-1B वीजा प्रावधानों को बढ़ाने के प्रबल समर्थक रहे हैं।
वहीं, शुक्रवार को, ट्रंप के लंबे समय से विश्वासपात्र रहे स्टीव बैनन ने एच-1बी कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए "बड़ी टेक्लोलॉजी कंपनियों के कुलीनों" की आलोचना की और आप्रवासन को पश्चिमी सभ्यता के लिए खतरा बताया। जवाब में, एलन मस्क और कई अन्य टेक अरबपतियों ने कानूनी आप्रवासन और अवैध आप्रवासन के बीच एक रेखा खींची।
एलन मस्क के इस दावे का समर्थन बायोटेक उद्यमी विवेक रामास्वामी ने भी किया, जिनके माता-पिता भारतीय अप्रवासी थे।
व्हाइट हाउस में 2024 के अपने कार्यकाल के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे सभी अप्रवासियों को निर्वासित करने, अमेरिकी नागरिकों के लिए ज्यादा नौकरियां पैदा करने में मदद करने के लिए टैरिफ लगाने और आप्रवासन को गंभीर रूप से प्रतिबंधित करने का वादा किया। हालांकि, अमेरिकी टेक उद्योग अपनी कंपनियों को चलाने में मदद करने के लिए विदेशी कुशल श्रमिकों को काम पर रखने के लिए सरकार के एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जिसको लेकर आलोचकों का कहना है, कि यह अमेरिकी नागरिकों के वेतन में कटौती करता है।












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