YouTube पर सनसनीखेज वीडियो बनाने वाले हो जाएं सावधान, अदालत ने ठोका 4 करोड़ का जुर्माना

YouTube, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सनसनीखेज वीडियो बनाकर चर्चा बटोरने वाले और उससे पैसे कमाने वाले लोग सावधान हो जाएं। क्योंकि जल्द ही गूगल इसे लेकर कड़े नियम बनाने वाला है।

सिडनी, 06 जूनः YouTube, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सनसनीखेज वीडियो बनाकर चर्चा बटोरने वाले और उससे पैसे कमाने वाले लोग सावधान हो जाएं। क्योंकि जल्द ही गूगल इसे लेकर कड़े नियम बनाने वाला है। दरअसल फेक न्यूज को लेकर गूगल को गहरा झटका है। एक ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने गूगल पर करीब 4 करोड़ रुपये का मुआवजा ठोका है।

नेता का राजनीतिक करियर तबाह

नेता का राजनीतिक करियर तबाह

ऑस्ट्रेलिया में यूट्यूब पर चलाए गए भड़काऊ, आपत्तिजनक, अपमानजनक वीडियो के कारण एक नेता का राजनीतिक करियर तबाह हो गया, जिसका गुनहगार गूगल को माना गया है। अदालत ने सोमवार को गूगल को इसके लिए 515,000 अमेरिकन डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के उपमुख्यमंत्री जॉन बारिलारो को एक यूट्यूबर के दुष्प्रचार वाले वीडियो के कारण समय से पूर्व राजनीति से संन्यास लेना पड़ा।

80 लाख बार देखा गया वीडियो

80 लाख बार देखा गया वीडियो

संघीय अदालत ने पाया कि यूट्यूब की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के गूगल ने बालियारो को नस्लवादी ठहराने वाले यूट्यूबर जॉर्डन शैंक्स के दो वीडियो को प्रसारित कर हजारों डॉलर बनाए। जॉर्डन शैंक्स के इस वीडियो को 2020 के अंत में पोस्ट किया गया था जिसे अब तक 8 मिलियन से भी अधिक बार देखा जा चुका है। गूगल को एक नेता की मानहानि के लिए जिम्मेदार पाया गया है।

हर वीडियो की निगरानी कठिन

हर वीडियो की निगरानी कठिन

ऑस्ट्रेलिया में मानहानि कानून की समीक्षा करने वाली टीम इस बात की जांच कर रही है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनके द्वारा प्रसारित की गई सामग्री के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए या नहीं। वहीं, गूगल तथा अन्य दिग्गज सोशल मीडिया कंपनियों का तर्क है कि हर पोस्ट, वीडियो या अन्य सामग्री की निगरानी नहीं की जा सकती है।

गूगल को बताया जिम्मेदार

गूगल को बताया जिम्मेदार

अदालत ने पाया कि यूट्यूब पर वीडियो बनाने वाले क्रिएटर जॉर्डन शैंक्स ने सबूतों के अभाव में राजनेता बारिलारो पर वीडियो बनाया जिसमें उन्हें भ्रष्ट, नस्लवादी बताया गया। यूट्यूबर ने राजनेता को इतावली विरासत पर हमला करने का जिम्मेदार बताया। न्यायाधीश स्टीव टेरेस ने कहा कि यूट्यूबर द्वारा बनाए गए उसके वीडियो में भाषा को लेकर लापरवाही बरती गई है और यह बेहद अभद्र है।

जिम्मेदारी से नहीं बच सकता गूगल

जिम्मेदारी से नहीं बच सकता गूगल

न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे घृणा फैलाने वाले वीडियो को प्रसारित करने से न रोककर गूगल स्वंय की नीतियों का ही उल्लंघन कर रहा है। गूगल के प्लेटफॉर्म पर लगातार प्रसारित हो रहे ऐसे वीडियो से राजनेता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और उन्हें समय से पहले ही राजनीति छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। यूट्यूबर द्वारा की गई गलती से गूगल अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता। वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।

राजनेता ने ली राहत की सांस

राजनेता ने ली राहत की सांस

बतादें कि राजनेता के खिलाफ वीडियो बनाने वाले क्रिएटर जॉर्डन शैंक्स के फेसबुक पर सवा छह लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब पर लगभग साढ़े तीन लाख सब्सक्राइबर्स हैं। राजनेता के कोर्ट में जाने और मुकदमें का फैसला आने से पहले तक यूट्यूबर ने राजनेता के खिलाफ दुष्प्रचार जारी रखा। इस मामले में अदालत का फैसला आने के बाद ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़ी आबादी वाले प्रांत न्यू साउथ वेल्स के उपमुख्यमंत्री जॉन बारिलारो ने कहा कि वह अब राहत और अच्छा महसूस कर रहे हैं।

नियम कड़े बनाएगा गूगल

नियम कड़े बनाएगा गूगल

ऑस्ट्रेलियाई अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद ऐसा माना जा रहा है कि गूगल अब दुष्प्रचार फैलाने वाले वीडियो पर जल्द लगाम लगाएगा। इसके लिए वह ऐसे क्रिएटर जो बिना सबूत के ऐसी अपमानजनक वीडियो बनाते हैं उनपर कड़े नियम लागू करेगा।

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