पाकिस्तान को टेरर फंडिंग वॉचलिस्ट में शामिल करने का निर्णय, अर्थव्यवस्था को लगेगा तगड़ा झटका
इस्लामाबाद। अमेरिकी कोशिशों को बाद पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग वॉचडॉग ने पाकिस्तान को अपने टेरर फंडिंग के वॉचलिस्ट में शामिल किया है। विशेषज्ञों की मानें तो यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने वाला निर्णय है और इससे अमेरिका और पाक के रिश्तों में जबरदस्त तनाव देखने को मिलेगा। अमेरिका लगातार पाकिस्तान को टेरर फंडिंग देश की लिस्ट में शामिल करने की कोशिश में लगा था। अमेरिका आरोप है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।

इससे पहले गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) और चीन की तरफ से विरोध वापस लेने के बाद फानेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) अब पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' देशों में शामिल करने के लिए योजना बनाई है। पिछले सप्ताह पाकिस्तान को टेरर फंडिंग देश की लिस्ट में शामिल करने के लिए पेरिस में FATF के सदस्य देशों ने मीटिंग की थी। जिसमें अमेरिका की इस कोशिश का तुर्की, सऊदी अरब और चीन ने की था।
टेरर फंडिंग लिस्ट में शामिल नहीं होने के लिए पाकिस्तान ने आखिरी मिनट तक बचने का प्रयास किया था। पाकिस्तान ने दलील भी दी थी कि उन्होंने आतंकियों से संबंधित चैरिटी पर हाल ही में बैन लगाया है। हालांकि सारी कोशिश नाकाम हो गई।
इस निर्णय के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगने वाला है। एक तरफ तो इस साल पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं, वहीं दूसरी तरफ FATF देश पाकिस्तानी विदेशी बैंक ब्रांच के टेरर लिंक पर कड़ी नजर रखेगी, जिसका असर देश के फायनेंस पर भी पड़ेगा।












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