ईरानी सेना में बड़ा फेरबदल, नए चीफ ऑफ स्टाफ बने जनरल मुसवी, जनरल हातामी को मिली सेना की कमान
Israel Iran War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर जंग के हालात नजर आ रहे हैं। इजरायल के हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत के बाद, देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने सैन्य नेतृत्व में व्यापक फेरबदल की घोषणा की है।
खामेनेई ने एक बड़े सैन्य पुनर्गठन के तहत मेजर जनरल अमीर हातामी को इस्लामी गणराज्य ईरान की थलसेना का नया प्रमुख कमांडर नियुक्त किया है। यह फैसला जनरल मोहम्मद हुसैन बाघेरी की इजरायल के हवाई हमलों में हत्या के बाद लिया गया है। बाघेरी ईरान की प्रभावशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख थे।

बाघेरी की हत्या के बाद बदलाव
ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद हुसैन बाघेरी की हत्या के बाद यह नियुक्ति की गई है। बाघेरी को तेहरान में इजराइल के हवाई हमलों में मार दिया गया, जो ईरान के सैन्य ढांचे पर अब तक की सबसे घातक कार्रवाई मानी जा रही है। उनके निधन के बाद, पूर्व आर्मी चीफ मेजर जनरल सैय्यद अब्दुल रहीम मुसवी कोसशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी दी गई है।
अमीर हातामी कौन हैं? Who is Amir Hatami?
59 वर्षीय अमीर हातामी ईरान के पूर्व रक्षा मंत्री रह चुके हैं और 2013 से 2021 तक इस पद पर कार्यरत रहे। वे 1989 के बाद पहले ऐसे रक्षा मंत्री थे जिनकी पृष्ठभूमि आर्टेश (ईरान की नियमित सेना) से है, जबकि इस पद पर आमतौर पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अधिकारी ही नियुक्त होते रहे हैं। हातामी ने इमाम अली ऑफिसर्स एकेडमी, AJA यूनिवर्सिटी ऑफ कमांड एंड स्टाफ और नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की है।
खामेनेई ने हातामी की तारिफ करते हुए "निष्ठा, योग्यता और अनुभव" की सराहना की और उनसे "परिवर्तनकारी और क्रांतिकारी दृष्टिकोण" अपनाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने लिखा, "पवित्र रक्षा (Sacred Defense) और उसके बाद के अनुभवों, साथ ही सेना के समर्पित एवं सक्षम कार्मिकों के बल पर, आपकी कमान में सैन्य तत्परता बढ़ाने, आध्यात्मिक एवं वैचारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, कर्मियों की भलाई सुनिश्चित करने और अन्य सैन्य शाखाओं के साथ समन्वय को और अधिक बढ़ाने की दिशा में प्रगति की आशा है।"
अयातुल्ला खामेनेई ने किए अन्य बड़े सैन्य नियुक्तियाँ
इजरायली हमलों में प्रमुख जनरलों की शहादत के बाद, खामेनेई ने अन्य प्रमुख सैन्य नियुक्तियाँ भी की हैं:
- मेजर जनरल मोहम्मद पाकपोर को IRGC का नया प्रमुख नियुक्त किया गया, जिन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल हुसैन सलामी का स्थान लिया।
- मेजर जनरल अली शादमानी को खातम अल-अंबिया सेंट्रल कमान का नया कमांडर बनाया गया है, जो लेफ्टिनेंट जनरल ग़ुलाम अली राशिद की जगह लेंगे
इजरायली हमले में कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए
बता दें कि इजराइल के ऑपरेशन 'राइजिंग लायन' में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए, जिनमें IRGC प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी, एयरफोर्स प्रमुख अमीर अली हाजीज़ादेह और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी शामिल हैं। मेजर जनरल हुसैन सलामी, जिन्होंने 2019 से लेकर अब तक IRGC का नेतृत्व किया था, उन पर घरेलू असंतोष को दबाने और यमन में हूथी विद्रोहियों समेत अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों को समर्थन देने का दायित्व था। वे अप्रैल और अक्टूबर 2024 में इजराइल पर ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों की रणनीति के प्रमुख योजनाकार माने जाते हैं।
वहीं, IRGC एयरफोर्स प्रमुख हाजीजादेह, जिन्हें अमेरिका और इज़राइल पर मिसाइल हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था, एक भूमिगत कमांड सेंटर पर हमले में मारे गए। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली शामखानी, जो 2023 में पद छोड़ने के बावजूद खामेनेई के विश्वस्त सलाहकार बने रहे, भी इस हमले में मारे गए। शामखानी ने चीन की मध्यस्थता में सऊदी अरब के साथ संबंधों की बहाली में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
सैन्य ढांचे के पुनर्गठन की कवायद
इन हत्याओं के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता ने पूरे सैन्य ढांचे में नई नियुक्तियों की घोषणा की। खामेनेई ने मेजर जनरल मोहम्मद पकपूर को IRGC का नया प्रमुख कमांडर नियुक्त किया है, जबकि जनरल अली शादमानी को 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' का प्रमुख बनाया गया है।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने अपनी कार्रवाई को "पूर्व-खतरनाक हमले" (pre-emptive strike) बताते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के बेहद करीब है और यह इजराइल व पूरी दुनिया के लिए एक अस्तित्वगत खतरा है। जवाब में, ईरान ने तेल अवीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान में हालिया सैन्य फेरबदल केवल आंतरिक संरचनात्मक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है - यह दिखाने के लिए कि ईरानी नेतृत्व इजरायली हमलों के बावजूद निर्णायक नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक जवाबदेही बनाए रखने में सक्षम है। अमीर हातामी की नियुक्ति न केवल अनुभव और क्षमता की मान्यता है, बल्कि यह दर्शाता है कि ईरान अब नियमित सेना (आर्टेश) को भी IRGC के समान महत्व देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह सैन्य पुनर्गठन क्षेत्रीय संतुलन और ईरान की प्रतिरोध क्षमता को कैसे प्रभावित करता है।












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