ओमिक्रॉन वेरिएंट पर प्रभावी पाई गई स्पुतनिक वी वैक्सीन, गमलेया सेंटर की स्टडी में किया गया दावा
नई दिल्ली, दिसंबर 22। कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट से दुनिया के कई देशों में इस वक्त हाहाकार मचा हुआ है। ब्रिटेन और अमेरिका में स्थिति बहुत ज्यादा ही खराब है। इन दोनों ही देशों में ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों की मौत के मामले सामने आए हैं। ब्रिटेन में तो अभी तक 12 मरीजों की मौत हो चुकी है। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच एक अच्छी खबर ये आई है कि दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी को ओमिक्रॉन के खिलाफ प्रभावी पाया गया है।

स्पुतनिक के टीके से गंभीर नहीं होंगे हालात!
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दरअसल, गमलेया सेंटर के प्रारंभिक प्रयोगशाला स्टडी से पता चलता है कि स्पूतनिक वी ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ ज्यादा प्रभावी है। एक स्टडी को लेकर गमलेया सेंटर का दावा है कि ओमिक्रॉन के खिलाफ स्पुतनिक वी का टीका हाई वायरस न्यूट्रालाइजिंग को खत्म करने और अस्पताल में भर्ती मरीजों का रक्षा कवच बनने का काम कर सकता है।
आपको बता दें कि गमालेया सेंटर द्वारा प्रारंभिक प्रयोगशाला स्टडी को मेडरेक्सिव प्रीप्रिंट सर्वर में प्रकाशित किया गया है। स्टडी के नतीजों से पता चलता है कि रूसी वैक्सीन से गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ एक मजबूत रक्षा प्रदान करने की उम्मीद है। स्पुतनिक वी के लंबे समय तक चलने वाले संरक्षण के एक संकेतक के रूप में टीकाकरण के बाद लंबी अवधि (टीकाकरण के छह महीने से अधिक) के साथ सीरा का उपयोग करके अध्ययन किया गया था।
स्टडी में कहा गया है स्पुतनिक वी का टीका डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ 80 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया था। ओमिक्रॉन के खिलाफ इसकी प्रभावकारिता ये है कि ये वायरस म्यूटेंट नहीं होने देगा। स्टडी में सुझाव दिया गया है कि एक बूस्टर डोज के रूप में स्पुतनिक लाइट टीकाकरण के 2-3 महीने बाद सेरा पर आधारित ओमाइक्रोन के खिलाफ वायरस-निष्प्रभावी गतिविधि को काफी बढ़ाता है और मजबूत एंटीबॉडी और टी-सेल प्रतिक्रिया को पैदा करता है।












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