G7 Updates: G-7 बीच में छोड़कर क्यों चले गए डोनाल्ड ट्रंप? फ्रांस के राष्ट्रपति ने ली चुटकी तो मान गए बुरा
G7 Updates: कनाडा के अल्बर्टा राज्य के कैननास्किस में आयोजित हुए G7 समिट में इजराइल-ईरान युद्ध का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इजराइल ईरान के बढ़ते तनाव के कारण समिट बीच में ही छोड़ कर डोनाल्ड ट्रंप वापस अमेरिका वापस लौटे। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार शाम को जानकारी दी की राष्ट्रपति ट्रंप को (सोमवार) रात वॉशिंगटन लौट आएंगे। ताकि वे विश्व में चल रहे कई महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान दे सकें। ट्रंप रविवार को कनाडा पहुंचे थे और प्र्रोव योजना के अनुसार वे मंगलवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) तक कनाडा में रहने वाले थे। ट्रंप के जल्दी अमेरिकी लौटने की पुष्टि करते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का G7 समिट में एक शानदार दिन रहा. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम और प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ एक प्रमुख व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर भी किए। साथ ही ट्रंप ने कई वैश्विक मुद्दों पर भी बात रखी। कनाडा में आयोजित हो रहा G7 सम्मेलन 17 जून को समाप्त हो रहा है। मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रम के कारण राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद G7 शिखर सम्मेलन को जल्दी छोड़कर अमेरिका के लिए वापस लौट गए है।

ट्रंप और मैक्रो में कहासुनी
इजराइल ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी राष्टपति वाशिंगटन लौट गए हैं। ऐसी स्तिथि में ट्रंप के जाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा था कि वे इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर पर काम करने के लिए गए हैं। उनके इस बयान ने चिंगारी का काम किया जिस पर ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई, ट्रम्प ने अपने मीडिया एकाउंट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि "फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रसिद्धि पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने गलत तरीके से कहा कि मैं कनाडा में हो रहे G7 शिखर सम्मेलन से इजरायल और ईरान के बीच "सीज़फायर" (युद्धविराम) पर काम करने के लिए वॉशिंगटन डी.सी. लौट गया। गलत! उन्हें बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं है कि मैं अब वॉशिंगटन क्यों जा रहा हूं, इसका युद्धविराम से कोई लेना-देना नहीं है। बात उससे कहीं बड़ी है। चाहे जानबूझकर हो या गलती से, इमैनुएल हमेशा गलत ही समझते हैं।
ट्रंप ने ईरान को दी धमकी
कनाडा में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के बीच ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, 'ईरान को मेरे द्वारा सुझाया गया 'समझौता' स्वीकार करना चाहिए था। यह कितना दुखद और मानव जीवन की बर्बादी है। मैं साफ शब्दों में कहूं तो ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए। मैंने बार-बार यही कहा है! ट्रम्प ने सभी लोगो से आग्रह किया की उन्हें तुरंत तेहरान खली कर देना चाहिए। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कूटनीतिक रणनीति अपनाते हुए लिखा की, 'अमेरिका फर्स्ट का मतलब कई महान चीजों से है, जिसमें यह तथ्य शामिल है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए।
कौनसे देश हैं G-7में शामिल?
G7 दुनिया की 7 उन्नत अर्थव्यवस्थाओं - फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा तथा यूरोपीय संघ का एक अनौपचारिक समूह है। 2025 में ग्रुप ऑफ़ 7 (G7) की अध्यक्षता के रूप में, कनाडा जून में अल्बर्टा के कनानैस्किस में G7 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा। इसके सदस्य वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हर साल G7 शिखर सम्मेलन में मिलते हैं।
इजरायल का पहले ही समर्थन कर चुके हैं ट्रंप
ट्रंप पहले ही खुलकर इजरायल का समर्थन कर चुके हैं, लेकिन अब तक अमेरिका ने सीधे युद्ध में कूदने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है। ऐसे में ट्रंप का यह कदम और सोशल मीडिया पोस्ट भी दुनिया को सीधे रूप से गंभीर संकेत दे चुके है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से साफ संकेत मिल रहा है की अमेरिका, इजरायल का मजबूत समर्थन कर रहा है. हालांकि, अभी तक अमेरिका ने ईरान पर हुए हालिया हमलों में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार किया है।
ईरान छोड़कर जा रहे लोग
इजरायल ने चार दिन पहले ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए थे, दोनों ही ओर से एक दूसरे पर बम और गोले दागे जा रहे हैं। जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। दोनों देश के स्थानीय लोग भी अपने घरों को छोड़ दूसरे स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। ट्रंप के इस फैसले ने वैश्विक कूटनीति में उथल-पुथल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाता है और यह संकट कितनी दूर तक जाएगा।
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