France: 17 साल के लड़के की हत्या के बाद जल रहा है फ्रांस, तीसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने मारी थी गोली
France News: यूरोपीय देश तीसरे दिन भी दंगे की आग में जल रहा है और फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लगातार तीसरी रात भी कई शहरों में हिंसक दंगे किए गये हैं। फ्रांस में ये दंगा उस वक्त शुरू हुआ, जब पुलिस ने 17 साल के एक लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
17 साल के लड़के की हत्या के बाद फ्रांस सुलगने लगा और देश भर में हिंसक प्रदर्शन किए जाने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने जिस 17 साल के लड़के की गोली मारकर हत्या की थी, वो मोरक्कन मूल का अल्जीरियाई लड़का था और उसकी हत्या के बाद फ्रांस में हिंसा भड़क उठी।

फ्रांस में भीषण दंगे
फ्रांस की नेशनल पुलिस ने गुरुवार रात कहा, कि उसके जवान मार्सिले, ल्योन, पाउ, टूलूज़ और लिली शहरों में आग लगने और प्रदर्शनकारियों की हिंसा को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेशनल पुलिस ने कहा है कि दंगों को रोकने के लिए शहरों में करीब 40 हजार पुलिस अधिकारियों को तैनात करना पड़ा है।
जिस 17 साल के लड़के को गोली मारी गई थी, उसका नाम नाहेल एम था और मंगलवार को पुलिस ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
पेरिस के पश्चिमी उपनगर नैनटेरे में किशोर को गोली मारी गई थी, जिसके बाद भड़के लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और फिर कारों में आग लगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर बम के गोले फेंकने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने इमारतों और बसों में आग लगानी शुरू कर दी और "नाहेल के लिए प्रतिशोध" लिखकर दंगे करने शुरू कर दिए।
रात के वक्त दंगाईयों ने एक बैंक को आगे के हवाल कर दिया और काफी कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। आग की लपटों को काफी मुश्किलों के बाद अपार्टमेंट के ऊपरी इमारतों में फैलने से रोका गया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पेरिस पुलिस ने कहा कि मध्य पेरिस में, एक नाइके जूते की दुकान में तोड़फोड़ की गई और रुए डे रिवोली शॉपिंग स्ट्रीट पर खिड़कियां तोड़ दी गईं।

कई शहरों में कर्फ्यू लागू
मध्य पेरिस से 8 किमी दूर क्लैमार्ट में स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार तक रात का कर्फ्यू लगा दिया है, और पेरिस क्षेत्र के पुलिस प्रमुख वैलेरी पेक्रेसे ने कहा, कि रात 9 बजे के बाद सभी बस और ट्राम सेवाएं रोक दी गई हैं। बुधवार की रात कुछ बसों को जलाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है। भीषण आग ने पेरिस के उपनगर एल'इले-सेंट-डेनिस में टाउन हॉल को जला दिया है, जो देश के राष्ट्रीय स्टेडियम और पेरिस में होने वाले 2024 ओलंपिक के मुख्यालय से ज्यादा दूर नहीं है।
पेरिस शहर के मुख्य समाचार पत्र ला प्रोवेंस की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के दूसरे सबसे बड़े शहर मार्सिले में, पुलिस ने पर्यटन स्थल ले विएक्स पोर्ट में युवाओं के साथ झड़प के दौरान आंसू गैस के ग्रेनेड दागे हैं। लिली, ल्योन और बोर्डो में विशेष पुलिस इकाइयाँ तैनात की गईं हैं।
वहीं, प्रदर्शकारी जहां-तहां बसों पर पत्थरबाजी कर रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय परिवहन कंपनी के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया।
फ्रांस के अलावा, बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में भी दंगाइयों और पुलिस अधिकारियों के बीच झड़पें हुईं हैं। जिसके बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं शहर के कुछ सार्वजनिक परिवहन संचालन बंद कर दिए गए हैं। बेल्जियम की मीडिया ने जलती हुई कार और दंगा गियर में पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें दिखाईं हैं। बेल्जियम की समाचार एजेंसी बेल्गा ने बताया है, कि ब्रुसेल्स के केंद्रीय एनीसेंस जिले के आसपास तनाव काफी ज्यादा है।

2005 जैसा ही दंगा होने की आशंका
फ्रांस में बड़े पैमाने पर फैली अशांति ने 2005 में हुए दंगों की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने देश को तीन सप्ताह तक बंद रखा था और तत्कालीन राष्ट्रपति जैक्स शिराक को आपातकाल की स्थिति घोषित करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस समय 6,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
हिंसा की वह लहर पेरिस के उपनगर क्लिची-सूस-बोइस में भड़क उठी थी। उस वक्त पुलिस से भागते हुए दो युवा एक बिजली सबस्टेशन में छिप गये थे, जिनकी करंट लगने से मौत हो गई थी और उसके बाद पूरे देश में दंगे फैल गये थे। 10 साल बाद एक मुकदमे में दो पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया गया था।












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