सिंगापुर के बाद फ्रांस में UPI.. परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर डील.. भारत-फ्रांस में क्या-क्या समझौते होंगे, जानिए
France likely to use UPI: यूपीआई सिस्टम ने भारत में डिजिटल व्यवस्था को इतना आसान कर दिया है. कि अब भारत में शायद ही कोई ऐसा दुकान बचा हो, जहां ऑनलाइन पेमेंट ना हो रहा हो। भारत में चाय की दुकान से लेकर लाखों रुपये की शॉपिंग तक... अब कैश ले जाने की कोई जरूरत ही नहीं रही है। लेकिन, अभी भी यूरोप में ऐसा नहीं है।
आपको जानकर हैरानी होगी, कि भारत में जितनी आसानी से ऑनलाइन पेमेंट किए जाते हैं, यूरोप में ऐसा नहीं है और यूरोप में अभी भी कैश से ही कारोबार चलता है। लेकिन, अब फ्रांस में भारतीय यूपीआई सिस्टम शुरू होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक के दौरान फ्रांस, भारत के यूपीआई सिस्टम को अपना सकता है।

फ्रांस अपनाएगा यूपीआई सिस्टम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान मख्य फोकस डिफेंस सेक्टर पर हो सकता है, लेकिन इसके अलावा दोनों देश, 9900 मेगावाट जैतापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को लेकर भी अहम बातचीत करेंगे। इसके अवलावा डिजिटल अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए भी दोनों देशों की तरफ से बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
पांच वर्षों के बाद, भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को भी पुनर्जीवित किया गया है और 14 जुलाई को दोनों पक्षों के 10-12 कॉर्पोरेट नेताओं के साथ विदेश मंत्रालय के कार्यालय क्वाई डी'ऑर्से में बैठक हो रही है।
इस दौरान, भारतीय पक्ष की सह-अध्यक्षता जुबिलेंट भरतिया समूह के सह-अध्यक्ष हरि भरतिया करेंगे, जबकि फ्रांसीसी पक्ष का नेतृत्व सूचना प्रौद्योगिकी फर्म कैपजेमिनी एसई के अध्यक्ष पॉल हर्मेलिन करेंगे।
हर्मिलिन को फ्रांस सरकार ने भारत के साथ कारोबार के लिए प्वाइंट पर्सन के तौर पर भी नियुक्त किया है। कैपजेमिनी भारत में लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार देती है और पुणे में 6जी प्रयोगशाला खोलने के लिए तैयार है।
भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2014 से दोगुना होकर 14 अरब यूरो हो चुका है, जिसका संतुलन भारत के पक्ष में है।
सिंगापुर के बाद फ्रांस बनेगा दूसरा देश
हालांकि, दोनों देशों के बीच जिस बड़ी चीज़ पर फिलहाल काम चल रहा है, वह है फ्रांस में डिजिटल भुगतान तकनीक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या यूपीआई का संभावित लॉन्च।
2023 में, UPI और सिंगापुर के PayNow ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे किसी भी देश के उपयोगकर्ताओं को सीमा पार लेनदेन करने की अनुमति मिल गई थी। यदि मैक्रों सरकार, यूपीआई के साथ भी ऐसा करने के लिए सहमत हो जाती है, जिसपर एनपीसीआई (यूपीआई के पीछे की कंपनी) और फ्रांस की लायरा एक साल से इस पर काम कर रही है, तो फ्रांस यूपीआई सिस्टम वाला पहला यूरोपीय देश बन जाएगा।
ऐसा माना जा रहा है, कि प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस यात्रा के समय ही फ्रांस में यूपीआई सिस्टम को लॉन्च किया जाएगा।
क्लीन एनर्जी सेक्टर में समझौते
पीएम मोदी की यात्रा का दूसरा प्रमुख फोकस क्लीन एनर्जी पर होगा। पीएम मोदी ने पेरिस से ही साल 2015 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत की थी, जिसके आज 100 सदस्य देश हैं। इस बार फोकस ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर होगा।
इस मामले को लेकर, दोनों पक्षों ने 2019 में फ्रांस द्वारा की गई 8000 पेज की तकनीकी-वाणिज्यिक पेशकश पर तकनीकी चर्चा को आगे बढ़ाने के साथ 1650x6 मेगावाट जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह जल्द ही सफल होगा और द्विपक्षीय स्वच्छ ऊर्जा पहल के हिस्से के रूप में संयंत्र एक वास्तविकता बन जाएगा।
इसके अलावा, फ्रांस भी भारत के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए तैयार है और फ्रांसीसी कंपनियों भी अपने विनिर्माण और सोर्सिंग फुटस्टेप में विविधता लाने के लिए उत्सुक हैं और ये कंपनियां, भारत को चीन के वैकल्पिक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में देख रहे हैं।
फ्रांस EXAScale कंप्यूटिंग के लिए भारत के साथ सहयोग बनाने के लिए भी तैयार है। फ्रांस अतीत में सुपरकंप्यूटिंग और साझा तकनीक में भारत का भागीदार रहा है।












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