Donald Trump: गिरफ्तारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप किए गये रिहा, पेशी के बाद बाइडेन को बताया भ्रष्ट राष्ट्रपति

Donald Trump News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीक्रेट दस्तावेजों को गलत तरीके से संभालने के आरोपों में खुद को बेगुनाह करार दिया है। मियामी की अदालत में पेशी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने जज के सामने कहा, कि वो सीक्रेट दस्तावेजों के गलत तरीके से रख-रखाव के मामले में निर्दोष हैं। कोर्ट की कार्यवाही खत्म होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप सीधे मियामी शहर स्थिति क्यूबा रेस्टोरेंट पहुंचे।

कोर्ट परिसर में डोनाल्ड ट्रंप के काफी समर्थक जमा हो गये थे, जिन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया, इस दौरान उनके समर्थक काफी उत्साह में भरे हुए नजर आ रहे थे। ऐसा लग रहा था, कि कोर्ट में पेशी को भी डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी अभियान बना दिया है। रेस्टोरेंट के बाद डोनाल्ड ट्रंप एक निजी गोल्फ क्लब गये और उसके बाद उन्होंने अपने ऊपर लगाए गये आरोपों के लिए बाइडेन प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

US Secret Document Case

गिरफ्तारी के बाद किए गये रिहा

सीक्रेट दस्तावेजों को लावरवाही से रखने के मामले में कोर्ट में पेशी होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को गिरफ्तार कर लिया गया था और करीब एक घंटे तक चली कोर्ट कार्यवाही के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, उनके वकील ने कहा, कि "निश्चित तौर पर हम दोषी नहीं हैं, कि याचिका पेश कर रहे हैं।"

हालांकि, कोर्ट के बाहर डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से अपने रंग में रंगे नजर आए और उनके समर्थक लगातार उन्हें बधाई दे रहे थे। वहीं, काफी समय तक अपने समर्थकों के बीच रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्राइवेट जेट से न्यूजर्सी के लिए रवाना हो गये, जहां उनके समर्थकों ने रैली बनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप के नाम के नारे लगाए जा रहे थे और तेज संगीत भी चल रहा था।

इस दौरान सिर्फ एक केबल चैनल ही उनके भाषण की लाइव कवरेज कर रहा था, जो उनका पसंदीदा केबल चैनल है। भाषण के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए।

डोनाल्ड ट्रंप ने समर्थकों से क्या कहा?

मियामी की एक अदालत में ट्रंप की पेशी के बाद उनके वकील ने कहा, कि डोनाल्ड ट्रंप पर लगाये गये सभी 37 आरोप बेबुनियाद हैं। कोर्ट की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक चली, जिसके बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि "मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। वो डॉक्यूमेंट्स ले जाना मेरा हक था, फिर भी मेरे ऊपर क्रिमिनल चार्जेज लगा दिए गये हैं।"

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, कि उनके खिलाफ जासूसी एक्ट के तहत आरोप तय किए गये हैं, जिसका इस्तेमाल देशद्रोहियों और जासूसों के खिलाफ किया जाता है।

समर्थकों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि चार्जशीट में जो आरोप लगाए गये हैं, उनमें प्रेसिडेंशियल रिकॉर्ड एक्ट का जिक्र नहीं किया गया है, जो कि एक सिविल कानून है और अमेरिका का पूर्व राष्ट्रपति होने के नाते उनके पास अधिकार है, कि वो दस्तावेजों को अपने साथ ले जा सकते थे।

डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन, बिल क्लिंटन और पूर्व उप-राष्ट्रपति हिलेरी क्लिंटन पर भी दस्तावेजों को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया।

कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप को जमानत देने के बाद उन्हें, और इस केस में एक और आरोपी वॉल्ट नॉटा को आदेश दिया, कि वो इस केस के संबंध में किसी और से कोई बात नहीं कर सकते हैं और ना ही गवाहों से कोई संपर्क कर सकते हैं।

ट्रंप की यात्रा पर कोई पाबंदी नहीं

अमेरिका की जस्टिस डिपार्टमेंट ने कोर्ट में ट्रंप का पासपोर्ट सरेंडर कराने की अपील की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। जज ने अपने ऑर्डर में कहा, कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी को पासपोर्ट सरेंडर करने की आवश्यकता नहीं है और वो यात्रा करने के लिए स्वतंत्र हैं।

हालांकि, कोर्ट ने जस्टिस डिपार्टमेंट को दोनों आरोपियों से श्योरिटी बॉन्ड्स भरवाकर रिहा करने के आदेश दिए।

आपको बता दें, कि डोनाल्ड ट्रंप पर सीक्रेट दस्तावेजों को गलत तरह से रखने का आरोप है। आरोप है, कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपने साथ व्हाइट हाउस से सीक्रेट दस्तावेजों का जखीरा अपने साथ लेकर गये थे।

जिसको लेकर एफबीआई ने उनके फ्लोरिडा स्थिति मार-ए-लागो एस्टेट आवास पर छापा मारा और एफबीआई ने आरोप लगाया, कि सीक्रेट दस्तावेजों को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बाथरूम, बॉलरूम, शॉवर की जगह, ऑफिस में, स्टोर रूम में और बेडरूम में रखा हुआ था।

इसके अलावा चार्जशीट में आरोप लगाया गया है, कि किसी तरह की जांच से बचने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वकीलों को उन सारे सीक्रेट दस्तावेजों को नष्ट करने के आदेश दिए थे। सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि छापेमारी के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के आवास से 337 दस्तावेज बरामद किए गये, जिनमें से 21 दस्तावेजों पर सीक्रेट शब्द लिखा हुआ था। बताया जा रहा है, कि इन दस्तावेजों में कुछ दस्तावेज अमेरिका के परमाणु हथियार कार्यक्रम से संबंधित थे और अगर वो गायब हो जाते, तो देश की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता था।

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