अब सिंगापुर से थाइलैंड पहुंचे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, इस शर्त पर मिली रहने की इजाजत
सिंगापुर, 11 अगस्तः श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने गुरुवार को सिंगापुर छोड़ दिया। सिंगापुर स्थित आव्रजन कार्यालय ने कहा कि इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि गोटाबाया राजपक्षे ने आज श्रीलंका छोड़ दिया है। आज उनकी यात्रा की समयसीमा समाप्त हो गयी थी। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि पूर्व राष्ट्रपति कहां जा रहे हैं। लेकिन थाई सूत्रों के मुताबिक वह थाईलैंड में एक नए सुरक्षित ठिकाने की तलाश कर रहे हैं।

सिंपापुर की वीजा अवधि हुई समाप्त
इससे पहले राजपक्षे के एक सहयोगी ने एएफपी को बताया था कि उनका वीजा गुरुवार को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने विस्तार के लिए आवेदन दिया था लेकिन बुधवार सुबह तक इसका जवाब नहीं आया था। इसलिए राजपक्षे ने कुछ दिनों के लिए थाईलैंड लौटने की योजना बनाई है। इससे पहले थाई विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि राजपक्षे को थाईलैंड जाने का अनुरोध मिला है। उन्होंने यहां रहने को शरण नहीं मांगी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तनी संगरत ने कहा कि थाइलैंड को राजपक्षे के राजनयिक पासपोर्ट से कोई समस्या नहीं है। राजनियक पासपोर्ट पर गोटाबाया राजपक्षे 90 दिनों तक थाइलैंड में रह सकते हैं। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति के थाईलैंड में शरण लेने को लेकर श्रीलंका सरकार ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है।
राजनीतिक गतिविधियों से रहेंगे दूर
बैंकॉक पोस्ट अखबार ने थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के हवाले से कहा कि यह एक मानवीय मुद्दा है। हमने वादा किया है कि यह एक अस्थायी प्रवास है। इस दौरान गोटाबाया को किसी तरह की राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका सरकार ने यात्रा का विरोध नहीं किया है। इसके अलावा थाई सरकार उनके लिए आवास की व्यवस्था नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से कोलंबो के साथ टकराव नहीं होगा क्योंकि कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सत्ता में रहते हुए उनके लिए काम किया था। मंत्री ने कहा कि राजपक्षे के ठहरने के लिए एक शर्त यह थी कि वह थाईलैंड के लिए समस्या पैदा न करें।












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