हिंदू धर्म अपनाएंगी इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति की बेटी, इस्लाम का करेंगी त्याग, कार्ड बंटे, उत्सव शुरू
इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति की बेटी इस्लाम धर्म का त्याग कर हिंदू धर्म अपनाएंगी। 26 अक्टूबर को बाली में धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा।
जकार्ता/इंडोनेशिया, अक्टूबर 24: इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने इस्लाम धर्म छोड़ने का ऐलान किया है। इस्लाम धर्म त्यागने का ऐलान करते हुए उन्होंने घोषणा की है, कि वो 26 अक्टूबर को तमाम धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ हिंदू धर्म अपनाएंगी। सीएनएन इंडोनेशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति की बेटी ने इस बात का ऐलान कर दिया है और बकायदा इसके लिए धार्मिक रीति रिवाज और अनुष्ठान शुरू भी की जा चुकी है।

अपनाएंगी हिंदू धर्म
सीएनएन इंडोनेशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती सुकर्णोपुत्री 26 अक्टूबर को तमाम हिंदू रीति रिवाजों और अनुष्ठान के जरिए हिंदू धर्म में परिवर्तित हो जाएंगी। शनिवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक, बाली में सुकर्णो सेंटर हेरिटेज एरिया में मंगलवार को एक अनुष्ठान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें वो हिंदु धर्म अपनाएंगी। सुकमावती सुकर्णोपुत्री पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की तीसरी बेटी हैं और पूर्व राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री की छोटी बहन हैं। इस परिवार का इंडोनेशिया की राजनीति में काफी ताकतवर स्थान है और परिवार से दो शख्स अभी तक देश के राष्ट्रपति बन चुके हैं।

ईशनिंदा का लगा था आरोप
70 साल की सुकमावती सुकर्णोपुत्री का इंडोनेशिया में काफी प्रभाव है, लेकिन 2018 में कट्टरुपंथी इस्लामिक समूहों ने ऊनके ऊपर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। इस्लामिक समूहों ने आरोप लगाया खा कि, सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने इस्लाम का अपमान करने वाली कविता पढ़ा है और इसकी शिकायत की गई थी। जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति की बेटी को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी। लेकिन, अब उन्होंने इस्लाम छोड़ने का ही ऐलान कर दिया है और हिंदू धर्म अपनाने का फैसला कर लिया है। आपको बता दें कि, इंडोनेशिया में इस्लाम सबसे बड़ा धर्म है। दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है और उनका इस्लाम छोड़ने का फैसला काफी साहसिक माना जा रहा है।

आसान नहीं इस्लाम त्याग का फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, सुकर्णोपुत्री के धर्म परिवर्तन को परिवार के सदस्यों की स्वीकृति भी मिल गई है। वह इंडोनेशिया के संस्थापक राष्ट्रपति सुकर्णो और तीसरी पत्नी फातमावती की बेटी हैं। वह इंडोनेशिया की 5वीं राष्ट्रपति मेगावती सोकर्णोपुत्री की बहन भी हैं। उनका विवाह कांजेंग गुस्ती पंगेरन आदिपति आर्य मंगकुनेगारा IX से हुआ था, लेकिन 1984 में उनका तलाक हो गया था। इस्लाम छोड़कर सनातम धर्म में आने का उनका ये फैसला उनकी दादी इदा आयु न्योमन राय श्रीम्बेन से प्रभावित था, जो बाली की रहने वाली थीं। आपको बता दें कि, सुकमावती सुकर्णोपुत्री इंडोनेशियाई नेशनल पार्टी (पार्टाई नैशनल इंडोनेशिया-पीएनआई) की संस्थापक हैं।
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जन्मदिन के दिन नई जिंदगी में कदम
दिलचस्प बात यह है कि उनका हिंदू धर्म अपनाना उनके 70वें जन्मदिन के मौके पर होगा। सुकमावती सुकर्णोपुत्री के वकील विटारियोनो रेजसोप्रोजो ने पहले बताया कि, उनके मुवक्किल हिंदू धर्मशास्त्र में पारंगत हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाली में सुकर्णो सेंटर के प्रमुख आर्य वेदकर्ण को आयोजन के सुचारू संचालन के लिए सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने खुद निमंत्रण सौंपा है। हालांकि, यह अज्ञात है कि क्या वह बाली में स्थायी रूप से बस जाएगी। इससे पहले भी जब वह इस क्षेत्र का दौरा करती थीं तो वह अक्सर बाली में हिंदू रीति-रिवाजों में शामिल होती थीं।

समारोह की भव्य तैयारी
बाले अगुंग के एक शरणार्थी जूनियर मेड अरसाना के मुताबिक, समारोह की भव्य तैयारियां चल रही हैं। अरसाना ने कहा कि, "सब कुछ सजाया गया है,"। अरसाना ने कहा कि धर्म परिवर्तन का संकल्प सुकमावती सुकर्णोपुत्री द्वारा परिषद हिंदू धर्म इंडोनेशिया (पीएचडीआई) प्रबंधन की उपस्थिति में किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे पहले राष्ट्रपति की बेटी अपने भाई-बहनों के साथ बाले अगुंग आती थी। सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने पहले कई हिंदू समारोहों में भाग लिया था और हिंदू धर्म में धार्मिक प्रमुखों के साथ बातचीत की थी। धर्म परिवर्तन के उनके फैसले को उनके भाइयों, गुंटूर सोएकर्णोपुत्र, और गुरु सोएकर्णोपुत्र, और बहन मेगावती सुकर्णोपुत्री का समर्थन मिला है। वहीं, उनके धर्म परिवर्तन के फैसले का उनके पुत्र मोहम्मद ने स्वागत किया है।












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