एक देश ऐसा भी: प्रधानमंत्री ने महीनेभर सरकारी पैसे से किया नाश्ता, पुलिस ने शुरू की जांच
नई दिल्ली, 29 मई: भारत में अगर कोई पार्षद या गांव का प्रधान भी बन गया, तो वो भ्रष्टाचार का रास्ता पकड़कर लाखों कमा लेता है। विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की तो बात ही अलग है, उन्हें बंगला, गाड़ी समेत तमाम सुविधाएं मिलती हैं, भले ही वो कितने भी अमीर हों, लेकिन हर जगह ये कहानी नहीं है। 55 लाख की आबादी वाले छोटे से देश फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उन्होंने सरकारी खजाने से मामूली रकम अपने खाने पर खर्च कर ली।

26 हजार का किया नाश्ता
दरअसल फिनलैंड की पीएम ने अपने आधिकारिक निवास केसरंता में रहते हुए एक महीने तक परिवार के साथ नाश्ता किया, जिस पर 300 यूरो का खर्च आया है। भारत के हिसाब से देखें तो ये राशि 26400 रुपये के आसपास होगी। वैसे तो ये आम बात लग रही, लेकिन इसको लेकर फिनलैंड में बवाल शुरू हो गया है। लोगों का मानना है कि पीएम ने करदाताओं के पैसे से नाश्ता कर अवैध काम किया है। जिसके लिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने जांच शुरू की
मामले की गंभीरता को देखते हुए फिनलैंड पुलिस भी एक्शन में आई। साथ ही इस बात की घोषणा हुई कि वो इस मामले की विस्तार से जांच करेगी। अगर खर्च सही पाया गया तो पीएम के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। जासूसी अधीक्षक तेमू जोकिनन ने कहा कि जांच प्रधानमंत्री कार्यालय के अंदर अधिकारियों के फैसलों पर केंद्रित होगी। किसी भी तरह से प्रधानमंत्री या उनकी आधिकारिक गतिविधियों से इसका संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी माना की पीएम ने जो पैसे खर्च किए हैं, वो सरकार से लिए गए हैं, जोकि सही नहीं है।

पीएम ने दी प्रतिक्रिया
फिनलैंड कानून विशेषज्ञों के मुताबिक सुबह के नाश्ते के लिए करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल करना वास्तव में फिनिश कानून का उल्लंघन हो सकता है। जांच सही पाए जाने पर उनसे पैसे की रिकवरी होगी या फिर कोई दूसरी कार्रवाई भी उनके ऊपर की जा सकती है। वहीं पीएम सना मारिन की भी प्रतिक्रिया इस मामले पर आई है। उन्होंने कहा कि पीएम के तौर पर मैंने ये लाभ नहीं मांगा था, ना ही इस तरह के निर्णय में शामिल थी। वो फैसले का स्वागत करती हैं और जब तक इस पर विचार नहीं हो जाता, तब तक किसी तरह का लाभ नहीं लेंगी।












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