पंजशीर में भीषण जंग, अब तालिबान के ठिकानों पर 'अज्ञात' विमानों ने बरसाए गोले, पाकिस्तान को जवाब?
पंजशीर में भयानक युद्ध की शुरूआत हो चुकी है। पहले पाकिस्तान वायुसेना ने एंटी तालिबान फोर्स पर एयरस्ट्राइक किया था और अब खबर है कि तालिबान के ठिकानों को अज्ञात विमानों ने निशाना बनाया है।
काबुल, सितंबर 07: पंजशीर में भीषण लड़ाई की शुरूआत हो गई है और नॉर्दर्न एलायंस ने पूरे देश के लोगों को तालिबान के खिलाफ सड़क पर आने का आह्वान कर दिया है, जिसके बाद अफगानिस्तान में गृहयुद्ध की आशंका जताई जा रही है। वहीं, पंजशीर से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया जा रहा है कि इस बार तालिबान के ठिकानों पर अज्ञात विमानों ने जमकर बम बरसाए हैं, जिसके बाद तालिबान को काफी नुकसान हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान ने तालिबान के समर्थन में नॉर्दर्न एलांयस पर बम बरसाए थे, जिसके बाद अब अज्ञात विमानों ने तालिबान को निशाना बनाया है। हालांकि, अभी तक पता नहीं चल पाया है कि तालिबान के खिलाफ किस देश ने अपना फाइटर विमान हमला करने के लिए भेजा था।

अज्ञात विमानों ने किया हमला
दरअसल, पाकिस्तान एयरफोर्स की मदद से तालिबान ने पंजशीर के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। तालिबान के समर्थन में परसों रात पाकिस्तानी विमानों ने विद्रोही सेना के ऊपर भारी बमबारी की थी, वहीं जवाबी हमले में विद्रोहियों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराने का दावा किया था। लेकिन, विद्रोही ताकतों को पाकिस्तानी हमले में भारी नुकसान हुआ था। पंजशीर में पाकिस्तानी हमले की ईरान ने कड़ी निंदा की थी और पाकिस्तान के खिलाफ जांच की मांग की थी। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बकायदा बयान जारी करते हुए कहा था कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरफोर्स द्वारा विद्रोही ताकतों पर किया गया हमला निंदनीय है और वैश्विक समुदाय को पाकिस्तान की जांच करनी चाहिए। लेकिन, अब खबर है कि तालिबान के खिलाफ फाइटर जेट से हमला किया गया है। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि देर रात अज्ञात विमानों ने तालिबान के ठिकानों पर बम बरसाए हैं।

एंटी तालिबान फोर्स का दावा
एंटी तालिबान फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद के समर्थक और पंजशीर के उप-राज्यपाल कबीर वासिक ने दावा किया है कि पंजशीर और अंदराब में भीषण लड़ाई जारी है। अहमद मसूद के नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के हमले में तालिबान को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही एंटी तालिबान फोर्स ने काफी खतरनाक गुरिल्ला वार शुरू कर दिया है, जिसमें तालिबान के कई आतंकी मारे गये हैं। हालांकि, तालिबान ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा है कि पंजशीर पर उसका कब्जा हो चुका है। वीडियो में तालिबान के लड़ाके घूमते दिखाई दे रहे हैं।

तीन फाइटर जेट से हमला
वहीं, पूरे अफगानिस्तान में इस वक्त पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लेकिन, अपुष्ट खबरों के मुताबिक अज्ञात लड़ाकू विमानों ने पंजशीर घाटी में तालिबान के ठिकानों पर हमला किया है। कई विशेषत्रों का मानना है कि ये फाइटर जेट अफगानिस्तान वायुसेना के हो सकते हैं, जो तालिबान से युद्ध के दौरान ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान चले गये थे। लेकिन, अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन, चश्मदीदों का कहना है कि कम से कम तीन फाइटेर जेट देर रात पंजशीर की घाटी में तालिबान के ठिकानों पर बमबारी कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने विमानों को उड़ान भरते हुए देखा है।

पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा
वहीं, पूरे अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा फैल चुका है और लोग सोशल मीडिया पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, तालिबान के समर्थन में पाकिस्तानी एयरफोर्स के पंजशीर में घुसने के बाद ये गुस्सा और फूट पड़ा है। पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान में रैलियां निकाली जा रही हैं और बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी पाकिस्तान का विरोध कर रही हैं। दरअसल, तमाम रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तानी एयरफोर्स की मदद से ही तालिबान पंजशीर में दाखिल हो पाया। गई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी एयरफोर्स ने तालिबानी आतंकियों को पंजशीर में ड्रॉप किया है और एंटी तालिबान फोर्स के ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें कई अफगान नेता मारे गये हैं। पाकिस्तानी हमले के खिलाफ ईरान ने जांच की मांग भी की है।

सभी जिलों पर कब्जे का दावा
इससे पहले तालिबान ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि बंजशीर के सभी आठ जिलों पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है, जिसमें राजधानी बाजारक भी शामिल है। तालिबान ने कुछ तस्वीरें भी जारी कर कब्जे के सबूत दिखाए हैं, जिसमें तालिबानी झंडे देखे जा रहे है। तालिबानी प्रवक्ता बिलाल करीमी ने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया है कि तालिबान ने सभी आठ जिलों पर कब्जा कर लिया है और लड़ाई अभी भी चल रही है। इसके अवाला रिपोर्ट है कि तालिबान के खिलाफ अलग अलग राज्यों की राजधानियों में विद्रोह शुरू हो चुके हैं। ऐसे में अब गृहयुद्ध की आशंका जताई जा रही है।

जारी रहेगा प्रतिरोध
आपको बता दें कि सोवियत संघ ने भी कई बार पंजशीर पर कब्जा करने की बात कही थी, लेकिन हर बार पंजशीर के विद्रोहियों ने सोवियत संघ को पंजशीर से खदेड़ दिया। नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने हालांकि इस बात को कबूल किया है कि उसे भारी नुकसान हुआ है और उसके कई नेता मारे गये हैं, लेकिन इसके साथ ही एक वीडियो जारी कर कहा गया है कि "हम पंजशीर में हैं और हमारा विरोध जारी रहेगा।" इसके साथ ही नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद ने पूरे अफगानिस्तान के लोगों से तालिबान के खिलाफ उठने का आह्वान किया है और उसके बाद से ही अफगानिस्तान में तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ भारी प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं।

गृहयुद्ध की क्यों है आशंका?
दरअसल, नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद ने अफगानों से तालिबान के खिलाफ हथियार उठाने का आह्वान कर दिया है और अफगानिस्तान में सिर्फ तालिबान समर्थक ही नहीं रहते हैं। बल्कि, तालिबान में दर्जनों अलग अलग समुदाय के लोग रहते हैं और उनका अलग अलग हिस्सों पर मजबूत पकड़ है और अगर वो तालिबान के खिलाफ हथियार उठा लेते हैं तो फिर गृहयुद्द का शुरू होना तय होगा। क्योंकि, जहां तालिबान कब्जा कर चुका है, वो इलाका किसी भी कीमत पर वो छोड़ना नहीं चाहेगा, ऐसे में भारी खून-खराबा होने की आशंका है। वहीं, नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद ने ऐलान कर दिया है कि जो भी तालिबान के खिलाफ हथियार उठाएगा, वो उनके साथ हैं। हालांकि, अभी तक अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है। दो दिन पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर पंजशीर में होने की बात कही थी, लेकिन जब से पाकिस्तान ने उनके घर पर भीषण बमबारी की है, उसके बाद से अमरूल्ला सालेह को लेकर कोई खबर नहीं आई है।












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