स्पेन की सड़क पर ट्रक चलाती "दादी" की कहानी

मद्रिद, 30 दिसंबर। ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करना बेगोना उरमेनेटा के लिए हमेशा आसान नहीं रहा है, लेकिन वे अपने पेशे से प्यार करती हैं और कहती हैं कि स्पेन को उनके जैसे लोगों की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है क्योंकि यूरोप में माल ढुलाई करने वाले ट्रक ड्राइवरों की भारी कमी है.
59 वर्षीय तलाकशुदा, दो बच्चों की मां और दो बच्चों की दादी 26 साल से लंबी दूरी की लॉरी चला रही हैं. वे मछली से लेकर खतरनाक सामानों को पहुंचाती आई हैं. बेगोना उरमेनेटा कहती हैं, "आपको निश्चित रूप से बार-बार खुद को साबित करना होता है. जब मैंने शुरू किया, तो वे कहते थे...बेगोना एक लड़की है, वह फ्रिज नहीं ले जा सकती, वह पैलेट नहीं ढो सकती."
पूर्वी स्पेन के वेलेंसिया की रहने वाली उरमेनेटा कहती हैं, "अगर इससे वे खुश होते हैं, तो उन्हें यह कहने देना चाहिए. क्योंकि अब तक मैं यह सब कर सकती हूं, अगर नहीं कर पाती हूं तो मदद मांगती हूं."
स्पेन में 20 प्रतिशत महिला टैक्सी या बस ड्राइवर के मुकाबले में केवल 4 प्रतिशत महिलाएं ही ट्रक चलाती हैं. सरकार ने अधिक महिलाओं और युवाओं को ऐसे क्षेत्र में आकर्षित करने की दृष्टि से उपायों की समीक्षा करने का आदेश दिया है, जहां काम शारीरिक रूप से मांग वाला और अक्सर अकेले ही काम करना हो सकता है. यह पेशा चालकों को लंबे समय तक घर और परिवार से दूर ले जा सकता है.
स्पेन में अब लॉरी चालक की औसत आयु 50 है. उरमेनेटा का मानना है कि 10 वर्षों के भीतर देश के माल की ढुलाई के लिए कोई भी नहीं होगा. उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "आज स्पेन में 10,000 से 20,000 ट्रक ड्राइवरों की कमी कुछ भी नहीं है, यह हिमशैल का सिरा है."
उरमेनेटा कई-कई घंटे अकेले सड़क पर ट्रक चलाती हैं और इस काम में उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आती. उन्होंने अपने ट्रक की विंडस्क्रीन पर एक चिन्ह रखा है, जिसमें लिखा है "महिला ट्रक चालक- मेरा पेशा, मेरा जुनून."
ट्रक ड्राइवरों की कमी किसी भी तरह से स्पेन तक ही सीमित नहीं है, जैसा कि पहले अनुभव की गई आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधानों से प्रदर्शित होता है, इस साल जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी और इसके कारण हुए लॉकडाउन से उभरने में लगी है.
यूरोपियन रोड ट्रक चालक एसोसिएशन के मुताबिक अकेले यूरोप में लगभग 4,00,000 ट्रक ड्राइवरों की कमी है. उरमेनेटा कहती हैं कि उन्हें कम उम्मीद है कि युवा लोगों को ऐसे मांग वाले काम के लिए आकर्षित किया जा सकता है जो अपेक्षाकृत खराब वेतन की पेशकश करते हैं. वे कहती हैं, "कारखाने की नौकरियां बहुत अधिक आकर्षक हैं. लोग रोज शाम घर जा पाते हैं."
एए/वीके (रॉयटर्स)
Source: DW
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