तालिबान आए, मुझे ढूंढ रहे थे, उन्होंने मेरे हाउस गार्ड को भी पीटा: पूर्व महिला मेयर

काबुल, अगस्त 24: अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है। देश के अंदर महिलाओं पर तालिबान ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। तालिबान की इस करतूतों का काबुल के पश्चिम में स्थित मैदान शहर की देश की पहली महिला मेयरों में से एक जरीफा गफरी ने कहा कि, मैं तालिबान नेताओं से बात करना चाहती हूं। मैं जिम्मेदारी ले रही हूं। मैं अपने पिता की मृत्यु को भी भूल रही हूं। मैं हर अनकही महिला की ओर से उनसे बातचीत करना चाहती हूं।

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    जरीफा गफरी ने कहा कि, मेरा उद्देश्य विभिन्न देशों के उच्च पदस्थ अधिकारियों, राजनेताओं और महिलाओं से मिलना है ताकि उन्हें अफगानिस्तान की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके और उन्हें एक आंदोलन शुरू करने के लिए मेरे साथ जुड़ने के लिए कहा जा सके। बता दें कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद जरीफा अफगानिस्तान से जा चुकी हैं, उन्होंने जर्मनी में शरण ले रखी है। उनका परिवार जर्मनी में उनके साथ है।

    जरीफा ने कहा कि, अफगानिस्तान में मेरे घर तालिबान आए, वे मुझे ढूंढ रहे थे और उन्होंने मेरे हाउस गार्ड को भी पीटा। उनके पास उन लोगों की सूची है जिन्होंने पहले उदार दृष्टिकोण अपनाया था। अफगानिस्तान हमारा था और यह हमारा रहेगा... अगर मेरे जैसी महिलाएं अब नहीं हैं तो ऐसा इसलिए है क्योंकि... एक बाघ की तरह जो अधिक बल के साथ वापस आने के लिए दो कदम पीछे हटता है।

    अफगानिस्तान में हाल की स्थिति में पाकिस्तान जैसे बाहरी देशों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर अफगानिस्तान की पूर्व मेयर जरीफा गफरी ने कहा कि, पाकिस्तान की भूमिका बहुत स्पष्ट है, अफगानिस्तान का हर बच्चा यह जानता है। यह पूछे जाने पर कि क्या तालिबान को अफगान लोगों द्वारा प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा? इस पर उन्होंने कहा कि, हाँ निश्चित रूप से। क्या आप जानते हैं कि वे (तालिबान) मेरे जैसे लोगों को क्यों मार रहे हैं? क्योंकि वे नहीं चाहते अफगान उनके खिलाफ खड़े हों।

    उन्होंने कहा कि, अफगानिस्तान आज जो कुछ भी झेल रहा है, उसके लिए स्थानीय लोगों, राजनेताओं, बच्चों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सहित सभी को दोषी ठहराया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने कभी भी सभी गलत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा, मैं यहां सिर्फ अफगानिस्तान के उन 99% लोगों की आवाज उठाने के लिए हूं जो अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जो महिलाएं काम नहीं कर पा रही हैं, जो महिलाएं बोल नहीं पा रही हैं। वह अपने देश के लिए लड़ना चाहती है और सभी को बताना चाहती है कि वहां क्या हुआ है।

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