ISIS ने फुलाए अमेरिका के हाथ-पांव, काबुल से लोगों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ता बना रही यूएस आर्मी
आईएसआईएस के संभावित हमले को देखते हुए अमेरिकी सेना ने काबुल एयरपोर्ट पर वैकल्पिक मार्ग बनाना शुरू कर दिया है।
काबुल, अगस्त 23: अफगानिस्तान में चल रहे विश्व के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में अब अमेरिका के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। तालिबान ने तो अमेरिका की टेंशन पहले से ही बढ़ा रखी थी, लेकिन अब रिपोर्ट है कि एक और खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अमेरिका की नाक में दम कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर बहुत बड़ा हमला होने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा तो कड़ी कर ही दी गई है, इसके साथ ही अब अमेरिकी सेना काबुल हवाई अड्डे के लिए "वैकल्पिक मार्ग" स्थापित कर रही है।

वैकल्पिक रास्ता बनाने की तैयारी
खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि काबुल हवाई अड्डा या फिर उसके आस-पास के इलाके में बहुत बड़ा आतंकी हमला हो सकता है और ये हमला इस्लामिक स्टेट के आतंकी कर सकते हैं। एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि, "इस बात की प्रबल संभावना है कि आईएसआईएस-के हवाईअड्डे पर हमला करने की कोशिश कर रहा है।" वहीं, दो अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने काबुल हवाई अड्डे और उसके प्रवेश द्वार तक लोगों के लिए "वैकल्पिक मार्ग" स्थापित करने की बात की है। अधिकारी के मुताबिक, ये नए मार्ग अमेरिकियों, तीसरे पक्ष के नागरिकों और खास अफगानों के लिए उपलब्ध होंगे। वहीं, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि, तालिबान को इसकी जानकारी है और वो अमेरिकी सेना की मदद कर रहे हैं।

काबुल एयरपोर्ट पर हमले की आशंका
दूसरे अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि, पेंटागन हवाई अड्डे के आसपास की स्थिति की काफी कड़ी निगरानी कर रहा है। पेंटागन इस बात को जानता है कि काबुल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में पसरी भाड़ी भीड़ को आईएसआईएस के आतंकी निशाना बना सकते हैं। आशंका है कि तालिबान के आतंकी या तो आत्मघाती हमला कर सकते हैं या फिर भीड़ को निशाना बनाकर बम फेंक सकते हैं या फिर मोर्टार दाग सकते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, वैकल्पिक रास्ता बनाने की तैयारी काफी बारिकी से की जा रही है, वहीं भीड़ को कम करने के लिए अलग अलग तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, अमेरिकी अधिकारी भी भीड़ पर कड़ी नजर रख रहे हैं और हथियारों को डिटेक्ट करने के लिए जगह जगह खुफिया सेंसर भी लगाए गये हैं।

जो बाइडेन कर रहे हैं निगरानी
व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति और आतंकी संगठन आईएसआईएस से संभावित खतरों को लेकर चर्चा की है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने पहले सीएनएन को बताया था कि आईएसआईएस-के में "सीरिया के अनुभवी जिहादियों और अन्य विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की एक छोटी संख्या" शामिल है।'' अमेरिकी अधिकारियों ने करीब 10-15 मोस्ट वांटेड आतंकियों की पहचान की थी। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने बताया कि इस आईएसआईएस-के में के का मतलब खोरासन है, जिसमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान के आतंकी शामिल हैं। वहीं, अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि जुलाई और अगस्त महीना मिलाकर अभी तक करीब 22 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 17 हजार लोगों को 4 अगस्त के बाद निकाला गया है, जिनमें 2500 लोग अमेरिका के रहने वाले हैं।












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