पाकिस्तान में खौफ में इमरान के करीबी, गिरफ्तारी के डर से कार से कूदकर कोर्ट भागे फवाद चौधरी, वीडियो
पाकिस्तान की सेना इमरान खान के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है और उनके तमाम करीबी नेताओं को गिरफ्तार कर उन्हें अकेला कर दिया जाएगा, ताकि वो किसी से राजनीतिक विचार तक ना कर सकें।

Fawad Chaudhry Video: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी में सेना का खौफ इस कदर घर कर गया है, कि वो वर्दीधारियों को देखते ही डर के मारे भागने लगते हैं।
पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री और इमरान खान के करीबी फवाद चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वो वर्दीवाले को देखते ही कार से कूदकर कोर्ट में भागते दिखाई दे रहे हैं।
अपनी रिहाई के कुछ मिनट बाद, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता फवाद चौधरी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में भागते देखे जा रहे हैं। जियो न्यूज के मुताबिक, कोर्ट में घुसने की वजह से फवाद चौधरी फिर से गिरफ्तार होने से बच गये। बताया जा रहा है, कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो कोर्ट से घर के निकले थे, लेकिन कार में बैठके बाद ही उन्होंने अपने सामने पुलिस को देख लिया।
जिसके बाद वो कार से कूदकर हाईकोर्ट की तरफ भाग निकले, जिसके बाद वो दोबारा गिरफ्तार होने से बच गये।
कार से कूदकर कोर्ट में भागे
जियो न्यूज के मुताबिक, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद, फवाद चौधरी अपनी कार में बैठे ही थे और मुश्किल से चंद कदम आगे बढ़े ही थे, कि उन्होंने आतंकवाद-रोधी दस्ते के कर्मियों को अपनी ओर आते देखा। जैसे ही उन्होंने देखा, कि पुलिस उनकी ओर बढ़ रही है, वो अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी कार से निकलकर कोर्ट के परिसर में भाग गए।
दिलचस्प बात यह है, कि पुलिस ने पीटीआई नेता को धारा 144 का उल्लंघन नहीं करने और विरोध प्रदर्शनों में भाग नहीं लेने का IHC में एक हलफनामा जमा करने के बावजूद गिरफ्तार करने का कदम उठाया।
बताया जा रहा है, कि पाकिस्तानी सेना, इमरान खान की पार्टी के नेताओं के खिलाफ खतरनाक अभियान चला रही है और नेताओं को जेल में बंद कर उनकी जमकर पिटाई की जा रही है। कई नेताओं और पत्रकारों के गायब होने की भी रिपोर्ट है, जिन्हें सेना पकड़कर ले गई थी। ऐसे ही पत्रकार इमरान रियाज खान, पिछले 4 दिनों से गायब हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
इमरान के करीबियों पर क्रैकडाउन
इससे पहले आज, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पीटीआई नेताओं फवाद चौधरी, शिरीन मजारी और सीनेटर फलक नाज की गिरफ्तारी को सार्वजनिक अध्यादेश के रखरखाव (एमपीओ) की धारा 3 के तहत "अवैध" घोषित कर दिया था, यानि अब पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती थी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की गई।
पीटीआई नेताओं को रिहा करने के आदेश न्यायमूर्ति मियां गुल हसन औरंगजेब की अदालत ने अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जारी किए। फवाद चौधरी की सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद के महाधिवक्ता बैरिस्टर जहांगीर जादून एकल न्यायाधीश की पीठ के समक्ष उपस्थित हुए थे।
वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने एक ट्वीट कर कहा है, कि पहले फवाद चौधरी का सुप्रीम कोर्ट से अपहरण किया गया था और अब उन्हें इस्लामाबाद हाईकोर्ट से अगवा करने की कोशिश की गई है।
Recommended Video

आपको बता दें, कि पाकिस्तान की सेना इमरान खान को अकेला करने के लिए उनके तमाम कोर ग्रुप के नेताओं को गिरफ्तार कर रही है। पीटीआई के दर्जनों नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया है और बताया गया है, कि अभी तक 7 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पाकिस्तानी सेना, इमरान खान के खिलाफ आर्मी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्लानिंग कर रही है, जिसमें उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है।












Click it and Unblock the Notifications