पाकिस्तान में खुलेआम नमाज अदा करता दिखा हिजबुल सरगना सलाहुद्दीन, अब FATF ने दी कड़ी चेतावनी
हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयदा सलाहुद्दीन को कुछ दिन पहले पाकिस्तान में खुलेआम घूमते हुए देखा गया था। इस दौरान वह हिजबुल के खुंखार आतंकी बशीर अहमद पीर के जनाजे में शामिल हुआ था।

Image: File
पाकिस्तान भले ही दुनिया को बताता रहे कि वह आतंकवादियों की मदद नहीं करता क्योंकि वह खुद आतंकवाद से पीड़ित है मगर सच्चाई क्या है ये पूरी दुनिया को मालूम है। हाल में ही गीतकार जावेद अख्तर ने फ़ैज फेस्टिवल में टेरर अटैक की निंदा करते हुए कहा था कि इसके गुनाहगार अभी भी खुलेआम पाकिस्तान में घूम कर रहे हैं। अब इस मसले पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने भी पाकिस्तान को चेतावनी दी है। वह पेरिस में पांच दिवसीय पूर्ण बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
टी राजा कुमार ने किया आगाह
FATF अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि आतंकवाद वित्तपोषण के खिलाफ पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और कार्रवाई पर संगठन की पूरी नजर बनी हुई है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार FATF अध्यक्ष टी राजा कुमार से जब पूछा गया कि क्या रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन की गतिविधियां आतंकवाद पर नकेल कसने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धताओं के खिलाफ हैं? इसपर उन्होंने कहा कि आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला और अपने सिस्टम को मजबूत करने के लिए वो लगातार पाकिस्तान की कार्रवाईयों की निगरानी कर रहे हैं।
पिछले साल ग्रे लिस्ट से बाहर हुआ पाक
दरअसल, हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयदा सलाहुद्दीन को कुछ दिन पहले पाकिस्तान में खुलेआम घूमते हुए देखा गया था। इस दौरान वह हिजबुल के खुंखार आतंकी बशीर अहमद पीर के जनाजे में शामिल हुआ था। अमेरिकी विदेश विभाग में लिस्टेड आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन हिजबुल मुजाहिदीन के नेता बशीर अहमद पीर के जनाजे की नमाज अदा कर रहा था। आपको बता दें कि पाकिस्तान को पिछले साल FATF की ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था। मीडिया से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी सभी 34 प्रतिबद्धताओं को पूरा करना जरूरी है। मीडिया में आई खबरों को लेकर किए गए सवालों का जवाब देते हुए राजा कुमार ने कहा कि मैं मीडिया रिपोर्टों पर अटकलें नहीं लगाउंगा लेकिन, इतना जरूर है कि एशिया पैसिफिक ग्रुप पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदमों की निगरानी कर रहा है।
क्या है FATF?
जानकारी के लिए बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने के लिए बनी FATF (Financial Action Task Force) एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है। यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध को रोकने की कोशिश करता है, जो कि आतंकवाद को बढ़ाने के लिए किए जाते हैं। पाकिस्तान पर आरोप लगे थे कि वहां मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम हो रहा है। इस आरोप के बाद पाकिस्तान को 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था। लेकिन अब कुछ रिपोर्ट्स के आधार पर FATF ने पाकिस्तान को राहत देने का काम कर दिया है। भारत की तरफ से इसका विरोध जरूर किया गया, लेकिन FATF ने उसे नजरअंदाज कर दिया। FATF ने ग्रे लिस्ट से हटाते हुए कहा था कि पाकिस्तान को आतंकी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम करना जारी रखना होगा












Click it and Unblock the Notifications