पाकिस्तान के क्वेटा में TTP ने फिर किया पुलिस पर हमला, बाल-बाल बचे बाबर आजम-शाहिद अफरीदी
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में रविवार को एक बार आतंकियों ने फिर से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है। इस हादसे में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई वहीं 7 लोग घायल हो गए।

Image: oneindia
पाकिस्तान में आतंकियों ने सरकार की नाक में दम कर रखा है। आए दिन वे किसी भी इलाके में विस्फोट को अंजाम दे रहे हैं जिसमें बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी सहित आम लोग निशाना बन रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में रविवार को एक बार आतंकियों ने फिर से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है। इस हादसे में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि 7 लोग घायल हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विस्फोट क्वेटा पुलिस लाइन क्षेत्र में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक जहां विस्फोट हुआ वहां से कुछ ही दूरी पर नवाब बुगती स्टेडियम है। जब विस्फोट हुआ तब इस स्टेडियम में पीएसएल का प्रदर्शनी मैच चल रहा था। इस दौरान बाबर आजम और शाहिद अफरीदी जैसे दिग्गज वहीं मौजूद थे।
स्टेडियम में हजारों की संख्या में थे लोग
रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। धमाके के बाद मैच को कुछ देर के लिए रोक भी दिया गया। जब मैच हो रहा था तब स्टेडियम में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। घटनास्थल पर बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता जीशान अहमद ने डॉन को बताया कि घायलों को क्वेटा के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। फिलहाल इस बारे में पुलिस ने कोई बयान जारी नहीं किया है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने रविवार को जारी एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है। इसमें कहा गया है कि विस्फोट में सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाया गया था।
पेशावर हमले में 101 पुलिस की मौत
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की ओर से हाल के दिनों में सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाते हुए सुनियोजित हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले पेशावर की एक मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस घटना में 101 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसमें अधिकांश पुलिसकर्मी शामिल थे।
संघर्ष विराम रद्द होने के बाद हमले बढ़े
पाकिस्तान आतंकवाद की ताजा लहर से प्रभावित हुआ है। इस लहर से देश का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, इसके अलावा इसकी सीमा से सटे बलूचिस्तान और पंजाब के मियांवाली शहर में आतंकी हमले देखे गए हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को शीर्ष समिति की बैठक के दौरान पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने टीटीपी को नियंत्रित करने के लिए अफगान तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुंदजादा के हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला किया था। पिछले साल नवंबर में टीटीपी ने जून 2022 में सरकार के साथ हुए अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम को रद्द कर दिया था और अपने आतंकवादियों को सुरक्षा बलों पर हमले करने का आदेश दिया था।
शीर्ष नेताओं को दी है धमकी
टीटीपी का अलकायदा से गहरा वैचारिक संबंध है। टीटीपी ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जारी रखता है, तो वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पीएमएन-एल और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाएगा।












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