Greece News: ग्रीस में समलैंगिक विवाह को दी गई मंजूरी.. जानिए कट्टर ईसाई देश के लिए ये फैसला कितना था मुश्किल?
Greece Same Sex Marriage: प्रभावशाली और कट्टर चर्चों के भारी विरोध के बाद भी सिकंदर के देश ग्रीस की सरकार ने उस ऐतिहासिक कानून को पास कर दिया है, जिसमें सेम सेक्स मैरिज, यानि समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की बात कही गई है। ग्रीस ऐसा करने वाला पहला रूढ़िवादी ईसाई देश बन गया है।
ग्रीस में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए काफी संघर्ष किया गया है और सरकार के इस फैसले को समर्थन देने के लिए ग्रीस संसद में क्रॉस वोटिंग तक की गई है।

ग्रीस संसद में समलैंगिंक विवाह बिल पास
300 सीटों वाली संसद में समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के लिए सरकार को 175 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सरकार के पास 175 वोट ही थे, लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के एक सांसद ने क्रॉस वोट कर दिया और 176 वोटों के साथ समलैंगिंक विवाह पर संसद में बिल पास हो गया। इस बिल को प्रधान मंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस की सेंटर-दक्षिणपंथी सरकार ने तैयार किया था, जिसका देश के चर्चों में भारी विरोध किया गया था।
संसद के अंदर 76 सांसदों ने सेम सेक्स मैरिज विधेयक के खिलाफ मतदान किया, जबकि 46 सांसदों ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया और सदन से बाहर निकल आए। वोटिंग के बाद प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस ने ट्वीट किया, कि ग्रीस को "विवाह समानता कानून बनाने वाला 16वां (यूरोपीय संघ) देश बनने पर गर्व है।"
उन्होंने लिखा, कि "यह मानवाधिकारों के लिए एक मील का पत्थर है, जो आज के ग्रीस को दर्शाता है - एक प्रगतिशील और लोकतांत्रिक देश, जो यूरोपीय मूल्यों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"
ग्रीस में इस बिल को संसद में पेश होने के बाद बिल के करोड़ों समर्थक, संसद के बाहर और टीवी स्क्रीन पर बहस लाइव देख देख रहे थे और जैसे ही संसद ने वोटिंग के बाद परिणामों की घोषणा की, ठीक वैसे ही बिल के समर्थक जश्न मनाने लगे और एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी।
वहीं, बिल का समर्थन करने वाले एक समर्थक निकोलन ने कहा, कि "हमारे देश में इसे अपनाने में काफी समय लगा... लेकिन कम से कम यह हुआ और यही महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा, कि "हम अब अदृश्य नहीं हैं।"

बिल के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन
सरकार की तरफ से विधेयक तैयार करने के बाद से ही बिल के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे और बिल का विरोध करने वाले लोगों ने, ईसाई धर्म से जुड़ी प्रार्थना पुस्तकें और धार्मिक प्रतीक लेकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था।
जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है, कि अधिकांश यूनानी मामूली अंतर से सुधार का समर्थन करते हैं, और यह मुद्दा जीवनयापन की उच्च लागत से ज्यादा चिंतित देश में गहरे विभाजन को जन्म देने में नाकाम रहा है।
इस विधेयक को मुख्य विपक्षी सिरिज़ा सहित चार वामपंथी दलों का समर्थन प्राप्त था। छोटे वामपंथी पैसेज टू फ्रीडम पार्टी के एक विधायक स्पाइरोस बिबिलास ने कहा, कि "यह कानून हर समस्या का समाधान नहीं करता है, लेकिन यह एक शुरुआत है, जो खुले तौर पर समलैंगिक हैं।"
हालांकि, इसके बाद भी कई सांसद, जिनमें सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ के सांसद थे, वो संसद से बाहर निकल गये थे, लेकिन संसद में बिल बहुमत से पास हो गया। देश के तीन छोटे दक्षिणपंथी दलों और स्टालिनवादी-जड़ वाली कम्युनिस्ट पार्टी ने दो दिवसीय बहस की शुरुआत में ही मसौदा कानून को खारिज कर दिया था।
प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस ने मतदान से पहले सांसदों से कह था, कि "समान लिंग वाले जोड़ों के माता-पिता, दोनों के पास अभी भी अपने बच्चों को उनकी ज़रूरत की चीजें उपलब्ध कराने के लिए समान कानूनी अवसर नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, कि "उन्हें स्कूल में दाखिला लेने में सक्षम होने के लिए, यात्रा करने में सक्षम होने के लिए, डॉक्टर के पास जाने में सक्षम होने के लिए, या उन्हें अस्पताल ले जाने में सक्षम होने के लिए। ...यही तो हम ठीक कर रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, कि यह विधेयक विवाहित समान-लिंगी साझेदारों और उनके बच्चों को पूर्ण माता-पिता का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन यह ग्रीस में समलैंगिक जोड़ों को सरोगेट माताओं के माध्यम से माता-पिता बनने से रोकता है, यह विकल्प वर्तमान में उन महिलाओं के लिए उपलब्ध है, जो स्वास्थ्य कारणों से बच्चे पैदा नहीं कर सकती हैं।
हालांकि, कई एलजीबीटीक्यू+ अधिकार अधिवक्ताओं ने उस सीमारेखा की आलोचना की है, साथ ही ट्रांसजेंडर लोगों के लिए किसी भी प्रावधान का इस बिल में ना होने की आलोचना की है।
आलोचना इसलिए की गई है, कि समलैंगिंक माता-पिता के पास अभी सरोगेट प्रोसेस से बच्चे को जन्म देने और पालने का अधिकार नहीं है।

एलजीबीटीक्यूआई मानसिक स्वास्थ्य की वकालत करने वाले ऑरलैंडो एलजीबीटी+ के वैज्ञानिक सह-निदेशक, मनोवैज्ञानिक नैन्सी पापाथानासिउ ने उस चिंता को दोहराया, लेकिन कहा, कि नया कानून समानता की एक बहुत ही महत्वपूर्ण भावना प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, "भेदभाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। और सिर्फ इतना जानना भी, कि कानून से भेदभाव कम होगा, वो एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के लिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुरक्षात्मक और प्रेरक है।"
गवर्निंग न्यू डेमोक्रेसी (एनडी) पार्टी की सांसद मारिया सिरेंगेला ने कहा, कि यह सुधार समान-लिंग वाले जोड़ों और उनके बच्चों के लिए लंबे समय से चले आ रहे अन्याय में सुधार करता है। उन्होंने कहा, "आइए इस पर विचार करें कि नौकरशाही प्रक्रियाओं में उलझे हुए, छाया में इतने साल बिताने वाले इन लोगों पर क्या गुजरी है।"
सर्वेक्षणों से पता चलता है, कि ज्यादातर यूनानी समलैंगिक विवाह के लिए सहमत हैं, हालांकि वे पुरुष जोड़ों को सरोगेसी के माध्यम से पितृत्व प्रदान करने के विचार को अस्वीकार करते हैं। ग्रीस में 2015 से समान-लिंग नागरिक भागीदारी की अनुमति दी गई है, लेकिन ऐसे पिता सिर्फ जैविक पिता ही कहलाते हैं, उन्हें बच्चों को पालने का अधिकार नहीं है। ये मामला अभी भी ग्रीस में अफसरशाही में उलझा हुआ है।












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