European Parliament election: कौन संभालेगा यूरोपीय यूनियन की कमान, आज से 27 देशों में चुनाव, क्यों है अहम?
European Parliament election 2024: भारत में मैराथन चुनाव खत्म होने के बाद अब यूरोपीय संसद में चुनाव शुरू हो गये हैं और आज से शुरू हुआ चुनाव 9 जून तक चलेगा, जो इस साल की सबसे बड़ी वैश्विक लोकतांत्रिक घटनाओं में से एक है।
इस बार यूरोपीय संघ के चुनावों में 27 देशों के करीब 40 करोड़ नागरिक मतदान करने जा रहे हैं और इस बार के चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा है। मतदाता गाजा और यूक्रेन में युद्ध, यूरोपीय अर्थव्यवस्था और नौकरियों के बारे में चिंतित हैं, लिहाजा इस बार के चुनाव को लेकर पूरी दुनिया की ध्यान अब यूरोप पर है।

माना जा रहा है, कि इस बार यूरोप में दक्षिणपंथ की हवा चल रही है और हमास के समर्थन में निकाली गई रैलियों ने यूरोप के लोगों में असुरक्षा के भाव भर दिए हैं। लिहाजा, अगर यूरोपीय संसद में दक्षिणपंथी पार्टियों का बोलबाला होता है, तो इसका साफ मतलब ये होगा, कि यूरोप में किन लोगों की एंट्री होगी, और किन लोगों की नहीं, इसपर कड़े कानून बन जाएंगे। हर पांच साल पर होने वाला यूरोपीय संसद का ये चुनाव पूरी दुनिया पर असर डालता है।
राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा ताकत और मतदाताओं का भरोसा हासिल करने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं। और फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है, कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस पद पर बनी रहेंगी या उन्हें हटा दिया जाएगा?
यूरोपीय संसद के लिए चुनाव कब होंगे?
27 सदस्यों वाले ब्लॉक यूरोपीय संसद के लिए ये 10वीं बार चुनाव हो रहे हैं और ये मतदान 6 जून से 9 जून तक चलेगा। चुनाव परिणाम 9 जून की शाम को ही घोषित किए जाएंगे, जब इसके सभी सदस्य देश मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले लेंगे। पहले यूरोपीय संसद के पास सिर्फ सुझाव देने का ही अधिकार था, लेकिन अब इसकी शक्तियां काफी बढ़ गई हैं और अब ये सदस्य देशों की सरकारों के साथ मिलकर कानून भी बनाता है, लिहाजा पूरी दुनिया के लिए यूरोपीय संसद के चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
यूरोपीय संसद के लिए कैसे होते हैं चुनाव?
नीदरलैंड में आज से यूरोपीय संसद के लिए चुनाव शुरू हो गये हैं और रविवार को मतदान खत्म हो जाएगा। ये मतदान एक ही मतपत्र पर प्रत्यक्ष सार्वभौमिक मताधिकार द्वारा किया जाता है। साधारण शब्दों में समझें, तो बैलेट पेपर के जरिए आम नागरिकों के पास सांसदों को चुनने का अधिकार होता है।
यूरोपीय संसद में एक देश के सदस्यों की संख्या कितनी होगी, ये उस देश की जनसंख्या के आकार पर निर्भर करती है। माल्टा, लक्ज़मबर्ग और साइप्रस की जनसंख्या कम है, इसलिए उनके पास सिर्फ 6 सांसद हैं, जबकि जर्मनी के सदस्यों की संख्या 96 तक है। 2019 में, यूरोपीय लोगों ने 751 सांसदों को चुना था।
जबकि, 2020 में यूनाइटेड किंगडम के ईयू से बाहर निकलने के बाद, MEPs (यूरोपीय संसद के सदस्य) की संख्या घटकर 705 रह गई। ब्रिटिश MEPs के पास 73 सीटें थीं, जिनमें से कुछ सीटों को दूसरे सदस्य देशों को फिर से वितरित कर दिया गया था।
चुनाव के बाद, यूरोपीय संसद में 15 अतिरिक्त सदस्य होंगे, जिससे कुल सदस्यों की संख्या 720 हो जाएगी। बारह देशों को अतिरिक्त MEPs मिलेंगे। ये चुनाव राष्ट्रीय राजनीतिक दलों द्वारा लड़े जाते हैं, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद, ज्यादातर सांसद अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समूहों में शामिल हो जाते हैं।

किन लोगों के पास होता है वोट देने का अधिकार?
यूरोपीय संसद के लिए वोटिंग में सबसे दिलचस्प बात ये है, कि इसमें 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को भी वोट देने की इजाजत होती है।
बेल्जियम में, 2022 में बनाए गए एक कानून ने न्यूनतम मतदान आयु को घटाकर 16 वर्ष कर दिया है, जबकि जर्मनी, माल्टा और ऑस्ट्रिया भी 16 वर्ष के बच्चों को वोट देने की अनुमति दे रहे हैं। ग्रीस में, मतदान की सबसे कम आयु 17 वर्ष है। अन्य सभी सदस्य देशों में मतदान करने की उम्र 18 साल है। चुनाव लड़ने के लिए भी न्यूनतम उम्र की जरूरत है और ज्यादातर देशों में 18 वर्ष से लेकर इटली और ग्रीस में 25 वर्ष तक चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र रखा गया है।
मतदान प्रतिशत क्या हो सकता है?
यूरोपीय संघ के चुनावों में आमतौर पर बहुत ज्यादा मतदान नहीं होता है, लेकिन 2019 के चुनाव में लोगों की दिलचस्पी में काफी उछाल आया था। 2019 में 50.7 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था, जो 2014 की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा था। जबकि, 1979 में यूरोपीय संसद में सबसे ज्यादा मत डाले गये थे और मत प्रतिशत 62 प्रतिशत तक चला गया था।
अप्रैल में यूरोपीय संसद के यूरोबैरोमीटर ने संभावना जताई थी, कि आगामी चुनाव में लोगों की दिलचस्पी में भारी उछाल आया है और लगभग 71 प्रतिशत यूरोपीय लोगों ने कहा था, कि वे मतदान करने के बारे में सोच रहे हैं।
यूरोपीय संसद के सामने मुख्य मुद्दे क्या हैं?
यूरोप के लिए यूक्रेन युद्ध सबसे बड़ा मुद्दा है और यूरोपीय संघ के चुनाव में भी यूक्रेन पर रूस का आक्रमण सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। लिहाजा, यूरोप की सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा बात की जा रही है। 9 देशों में यूरोपीय संघ की रक्षा और सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा बात की गई है। जिसके बाद यूरोप की अर्थव्यवस्था, नौकरियां, गरीबी और सामाजिक बहिष्कार, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और यूरोप का भविष्य कैसा हो सकता है, ये मुद्दे भी काफी प्रमुखता से उभरे हैं।
यूरोपीय संघ के सांसद क्या करते हैं?
यूरोपीय संसद, यूरोपीय संघ की एकमात्र संस्था है जिसे यूरोपीय नागरिक सीधे तौर पर चुनते हैं। यह शक्तिशाली यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा, यूरोपीय आयोग के लिए एक वास्तविक एग्जीक्यूटिव आर्म है।
हालांकि यूरोपीय संसद के पास कानून प्रस्तावित करने की पहल नहीं है। लेकिन इसकी शक्तियां बढ़ती जा रही हैं। यह अब कई विषयों पर फैसला लेने में सक्षम है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, बैंकिंग नियम, कृषि, मत्स्य पालन, सुरक्षा या न्याय से संबंधित कानूनों पर मतदान कर सकती है। विधायिका यूरोपीय संघ के बजट पर भी मतदान करती है, जो यूरोपीय नीतियों के कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है, उदाहरण के लिए, यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता पर यूरोपीय संसद फैसला लेता है।
कानून निर्माता भी चेक एंड बैलेंस सिस्टम का एक महत्वपूर्ण तत्व हैं और यूरोपीय संसद के सदस्य ही यूरोपीय संघ के कमिश्नरों के नामांकन को मंजूरी देते हैं, जो मंत्रियों के समान ही होते हैं। इसके अलावा, यूरोपीय संसद दो तिहाई मतों से यूरोपीय आयोग को इस्तीफा देने पर भी मजबूर कर सकता है।
यूरोपीय संसद की मौजूदा स्थिति क्या है?
यूरोपीय संसद की 705 सीटों में से 176 सीटों के साथ सेंटर-राइट विचारधारा वाली यूरोपीयन पीपुल्स पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उर्सला वॉन डेर लेयेन इसी पार्टी से संबंधित हैं और चुनाव के बाद यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा के शीर्ष पर बने रहने की उम्मीद कर रही है हैं।
यूरोपीय संसद में दूसरा सबसे बड़ा समूह एसएंडडी है, जो केंद्र-वामपंथी पार्टी ऑफ यूरोपियन सोशलिस्ट्स का राजनीतिक समूह है, जिसके पास वर्तमान में 139 सीटें हैं। उदारवादी और यूरोप समर्थक रिन्यू समूह के पास 102 सीटें हैं, जबकि ग्रीन और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से बना गठबंधन 72 सीटों पर है।
इस बार के नतीजों के कैसे रहने की संभावना है?
दक्षिणपंथी विचारधारा वाले दो समूह यूरोपीय कंजर्वेटिव एंड रिफॉर्मिस्ट (ECR) और आइडेंटिटी एंड डेमोक्रेसी (ID), यूरोपीय संसद में तीसरे और चौथे सबसे बड़े राजनीतिक समूह बनने की ओर अग्रसर हो सकते हैं। दोनों समूहों में कई मतभेद हैं और यह स्पष्ट नहीं है, कि वे किस हद तक एक साथ मिलकर यूरोपीय संघ के एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर युद्ध में रूस के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने के यूरोपीय संघ के प्रयासों को वो कितना आगे लेकर जाएंगे।
वहीं, ईपीपी और एसएंडडी के स्थिर रहने की उम्मीद है। पिछले चुनाव में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद लिबरल और ग्रीन्स दोनों को झटका लग सकता है।
चुनाव के बाद क्या होगा?
एक बार जब वोटों की गिनती हो जाती है और तमाम पार्टियों को कितनी सीटें मिली हैं, इस बात का निर्धारण हो जाता है, तो सभी सांसद मिलकर 16 से 19 जुलाई के बीच संसद के पहले पूर्ण सत्र में अपने अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। फिर, संभवतः सितंबर में हफ्तों की बातचीत के बाद, वे सदस्य राज्यों द्वारा किए गए प्रस्ताव के बाद यूरोपीय यूनियन के अध्यक्ष को नामित करेंगे।
2019 में, वॉन डेर लेयेन ने बहुत कम वोटों के साथ (383 वोट पक्ष में, 327 विपक्ष में, 22 वोट गैर-हाजिर) जीता था और यूरोपीय यूनियन का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं थी। सांसदों को एक ही वोट में उन्हें मंजूरी देने से पहले यूरोपीय आयुक्तों से भी सुनना होगा।
वॉन डेर लेयेन के पास किसी अन्य टीम के लिए नियुक्त होने के अच्छे अवसर हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त नेताओं का समर्थन हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सुझाव देकर कई सांसदों को नाराज भी किया है, कि वे चुनाव के नतीजों के आधार पर कट्टर दक्षिणपंथियों के साथ काम कर सकती हैं।












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