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Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में हालात बेकाबू! इजरायल-ईरान जंग के बीच EU ने अपने सभी स्टॉफ वापस बुलाया

EU Advisory Personnel Middle East: मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने बड़ा कदम उठाते हुए क्षेत्र से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है।

ईरान द्वारा जवाबी मिसाइल हमले शुरू करने के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की लपटें तेज होते देख यूरोपीय संघ (EU) ने शनिवार, 28 फरवरी को अपने 'गैर-जरूरी' कर्मचारियों (Non-essential personnel) को तत्काल प्रभाव से मिडिल ईस्ट से बाहर निकालने का आदेश दिया है।

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'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (अमेरिकी नाम) और 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' (इजरायली नाम) के तहत ईरान पर हुई बमबारी के बाद स्थिति को बेहद खतरनाक बताया जा रहा है।

Israel Iran War पर EU की चेतावनी: हालात खतरनाक मोड़ पर, नागरिकों की सुरक्षा अहम

यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कालास (Kaja Kallas) ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि पूरे मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम बेहद खतरनाक हैं। ईरान के शासन ने हजारों लोगों की जान ली है। उसका बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम, साथ ही आतंकी संगठनों को दिया जा रहा समर्थन, वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

काजा कालास ने साफ कहा कि इस समय नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन EU की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने इज़रायल के विदेश मंत्री गिदेओन सार समेत क्षेत्र के अन्य मंत्रियों से बातचीत की है। उन्होंने कहा, हमारा कांसुलर नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है और EU नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। गैर-जरूरी EU कर्मचारियों को क्षेत्र से वापस बुलाया जा रहा है।

Israel Iran War पर 'मैक्सिमम रिस्ट्रेंट' की अपील

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भी ईरान में हो रहे घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने बयान में कहा, ईरान में हो रहे घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे अधिकतम संयम बरतें, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान करें। उन्होंने यह भी कहा कि EU अपने सदस्य देशों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि क्षेत्र में मौजूद EU नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।

EU ने यह भी स्पष्ट किया कि रेड सी (लाल सागर) में चल रहा उसका नौसैनिक मिशन 'एस्पाइड्स (Aspides)' पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। यह मिशन समुद्री मार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के लिए तैयार है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही बाधित न हो।

British Airways Tel Aviv cancelled: विमान सेवाओं पर ब्रिटिश एयरवेज ने लगाई रोक

युद्ध के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) असुरक्षित हो गया है, जिससे वैश्विक विमानन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ब्रिटिश एयरवेज एयरलाइन ने तेल अवीव और बहरीन के लिए अपनी सभी उड़ानें 3 मार्च तक रद्द कर दी हैं। अम्मान (जॉर्डन) की सेवाएं भी फिलहाल बंद हैं। भारत की एयर इंडिया समेत लुफ्थांसा और एयर फ्रांस ने भी खाड़ी देशों के लिए अपनी उड़ानों को या तो रद्द कर दिया है या उनके मार्ग बदल दिए हैं।

मध्य पूर्व पर मंडराता युद्ध का खतरा

इज़रायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब केवल क्षेत्रीय संकट नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। EU का अपने कर्मचारियों को निकालना, एयरलाइनों द्वारा उड़ानें रद्द करना और नौसैनिक मिशनों को हाई अलर्ट पर रखना इस बात का संकेत है कि स्थिति किसी भी समय और बिगड़ सकती है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति के जरिए हालात संभाले जाएंगे या मध्य पूर्व एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ेगा।

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