WHO ने कहा, कभी खत्‍म नहीं हो सकता है कोरोना वायरस, लॉकडाउन ही बचने का अकेला उपाय

जेनेवा। जो लोग यह सोच रहे हैं कि अगले एक साल या दो साल के अंदर कोरोना वायरस पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा, तो उनके लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) की तरफ से एक बुरी खबर है। डब्‍लूएचओ का कहना है कि कोरोना वायरस को खत्‍म करना नामुमकिन है। आपको बता दें कि दिसंबर 2019 में चीन के शहर वुहान से निकले इस वायरस ने अब तक दुनियाभर में 562,769 लोगों की जान ले ली है और 12,625,156 लोग इससे संक्रमित हैं।

आने वाली है सेकेंड पीक

आने वाली है सेकेंड पीक

डब्‍लूएचओ के इमरजेंसी प्रोग्राम के मुखिया डॉक्‍टर माइक रेयान ने जेनेवा में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कोविड-19 पर अहम बातें कहीं। उन्‍होंने कहा, 'वर्तमान स्थिति में तो ऐसा नहीं लगता कि यह वायरस कभी खत्‍म हो सकेगा। हम इस वायरस को खत्‍म कर पाएंगे, ऐसा मुश्किल है।' उन्‍होंने कहा कि इनफेक्‍शन के क्‍लस्‍टर्स को कम करके इस वायरस के सबसे बुरे प्रभाव से दुनिया को बचाया जा सकता है। डॉक्‍टर रेयान के मुताबिक वायरस की सेकेंड पीक आने वाली है और लॉकडाउन अपनाकर वायरस के दुष्‍प्रभाव से बचा जा सकेगा।

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    जांच के लिए रवाना हुई WHO की टीम

    जांच के लिए रवाना हुई WHO की टीम

    इसके बीच ही डब्‍लूएचओ की एक टीम शुक्रवार को चीन के लिए रवाना हो गई है। इस टीम में दो लोग हैं और यह टीम जांच करेगी कि कोविड-19 वायरस आखिर कैसे दुनिया तक पहुंचा है। संगठन की प्रवक्‍ता मारग्रेट हैरिस ने बताया कि टीम में एनिमल हेल्‍थ और महामारी से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम चीन के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करेगी और जांच का रास्‍ता खोलेगी। उन्‍होंने कहा है कि इस दौरान टीम की पूर्ण क्षमता पर भी वार्ता होगी। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से पिछले वर्ष निकला था। इसके बाद इसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी।

    हवा से भी फैलता है वायरस

    हवा से भी फैलता है वायरस

    डब्‍लूएचओ ने गुरुवार को वायरस के हवा में फैलने से जुड़ी रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस पर अभी और ज्‍यादा रिसर्च की जरूरत है। गौरतलब है कि हाल ही में कई देशों के वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि वायरस हवा में फैलता है। खासकर जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस छोड़ता, बात करता या खांसता है, तो वायरस हवा में फैल जाता है। डब्ल्यूएचओ लंबे समय से इस संभावना को खारिज कर रहा था। लेकिन अब उसने मान लिया है कि कुछ रिपोर्ट्स में इंडोर एरिया जैसे कि रेस्टोरेंट, फिटनेस क्लास आदि जगहों पर संक्रमण के हवा में फैलने का दावा किया गया था, जो कि संभव है।

    साल 2021 से पहले वैक्‍सीन मिलना मुश्किल

    साल 2021 से पहले वैक्‍सीन मिलना मुश्किल

    शुक्रवार को भारत की विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और वानिकी पर बनी संसदीय समिति की तरफ से बताया गया है कि कोरोना वायरस की भारतीय या फिर किसी और देश की वैक्‍सीन साल 2021 से पहले मिलना मुश्किल है। इस दौरान कम कीमत वाले मेडिकल उपकरण समेत वैक्‍सीन और ऐसी दवाईयों को विकसित करने के बारे में भी चर्चा की गई है जिसके लिए चीन पर निर्भर न रहना पड़े।

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