चीन के इशारे पर नाचने लगे मैक्रों? फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा- अमेरिका का ‘पिछलग्गू’ बनना बंद करे यूरोप
चीन पहुंचने पर राष्ट्रपति मैक्रों ने मीडिया से कहा था कि चीन की दिलचस्पी जंग को आगे बढ़ाने में नहीं है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वो जंग खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति तीन दिवसीय दौरे पर चीन गए हुए थे। इस यात्रा के दौरान लगभग 6 घंटे तक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ समय बिताने के बाद घर लौटे मैक्रों ने अमेरिका को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है।
विमान यात्रा के दौरान चर्चित वेबसाइट POLITICO और दो फ्रांसीसी पत्रकारों के साथ बात करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यूरोप को अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए। इस दौरान मैक्रों ने यूरोप के लिए "रणनीतिक स्वायत्तता" के सिद्धांत पर जोर दिया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यूरोप को तीसरी महाशक्ति बनने पर ध्यान देना चाहिए। यूरोप को हथियारों, ऊर्जा के लिए अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि यूरोप को ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच टकराव में खुद को घसीटने से बचना चाहिए।
मैक्रों ने कहा, "हम उन संकटों में फंस जाते हैं जो हमारे हैं ही नहीं। ऐसा कर हम बड़ा खतरा मोल ले रहे हैं। ऐसा लगता है कि हमारी कोई अपनी रणनीतिक स्वायत्तता है ही नहीं।" मैक्रों ने कहा कि ये विडंबना है कि यूरोप ये मानता है कि वो अमेरिका का अनुयायी है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, "यूरोपीय लोगों को इस सवाल का जवाब देने की जरूरत है कि क्या ताइवान में तनाव बढ़ना उनके हित में है? नहीं। सबसे बुरी चीज तो ये है कि हम यूरोपीय लोग इस मुद्दे पर अमेरिका की तरह सोचने लगे और हम इस मुद्दे पर अमेरिकी एजेंडे और इस पर चीन की प्रतिक्रिया को देखकर अपने कदम उठाएं।"
मैक्रों ने कहा कि हम यूक्रेन संकट का हल नहीं निकाल पा रहे हैं मगर ताइवान मुद्दे पर हम ऐसे रिएक्ट कर रहे हैं। फ्रांसीसी नेता ने कहा कि "हमें स्पष्ट होना चाहिए कि हमारे विचार अमेरिका के साथ कहां तक हैं,चाहे वह यूक्रेन के बारे में हो, चीन से संबंध के बारे में हो या फिर प्रतिबंधों बारे में हो, हमारे पास एक यूरोपीय रणनीति होनी चाहिए।"
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, "हमें एक शक्ति बनाम दूसरी शक्ति के बीच में नहीं पड़ना चाहिए।" उन्होंने कहा कि यूरोप को दुनिया की गड़बड़ी और ऐसी चीजों से जिनसे हमारा कोई मतलब नहीं उन संकटों में नहीं फंसना चाहिए।
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने गुरुवार को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। मैक्रों ने जिनपिंग से रूस-यूक्रेन जंग पर चर्चा की। उन्होंने जिनपिंग से रूस को जंग रुकवाने के लिए तैयार करने की अपील की। जवाब में जिनपिंग ने कहा- चीन अपनी तरफ से इस बारे में पूरी कोशिश कर रहा है।
इसी बीच ताइवान की राष्ट्रपति मध्य अमेरिका के दौरे पर हैं। ताइवान की राष्ट्रपति की अमेरिका दौरे से नाराज चीन ने युद्ध अभ्यास शुरू कर दिया है। चीन ने दूसरे दिन की मिलिट्री ड्रिल के दौरान ताइवान को 71 फाइटर जेट्स और 45 वॉर प्लेन से घेर लिया। इस पूरे ऑपरेशन को जॉइंट स्वॉर्ड नाम दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये सोमवार तक जारी रहेगा।
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