अमेरिका के लिए सैकड़ों जासूसी सैटेलाइट बनाएंगे Elon Musk, इंच-इंच पर होगी सुपरपावर की नजर, कितना खतरा?
SpaceX Spy Satellites: अमेरिका के जासूसी सैटेलाइट्स पहले से ही दुनिया में चप्पे-चप्पे पर नजर रखते आए हैं, लेकिन अमेरिका ने अब नेशनल सिक्योरिटी का हवाला देते हुए आसमान में जासूसों का जाल बिछाने जा रहा है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क की स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स को कथित तौर पर राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व वाले अमेरिकी रक्षा विभाग के राष्ट्रीय टोही कार्यालय (NRO) की तरफ से पृथ्वी की निचली कक्षा में विशालकाय सैटेलाइट्स सर्विलांस को बनाने और विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि स्टारशील्ड नाम के इस नेटवर्क से अमेरिका को पृथ्वी पर अभूतपूर्व सटीकता के साथ लक्ष्यों की निगरानी के लिए एक कॉर्डिनेटेड सर्विलांस करने की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। साधारण शब्दों में समझें, तो सैटेलाइट्स के इस जाल से अमेरिका पृथ्वी पर एक एक इंच की निगरानी कर सकेगा, और जाहिर तौर पर ये लोगों की गोपनीयता का उल्लंघन होने के साथ साथ, दूसरे देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा।
याद होना चाहिए, कि कैसे जब भारत परमाणु बम का परीक्षण करने वाला था, तो अमेरिकी सैटेलाइट ने भारतीय वैज्ञानिकों को परेशान कर दिया था।
सैटेलाइट्स का जाल बिछाएगा स्पेसएक्स
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में स्पेसएक्स की भागीदारी वॉल स्ट्रीट जर्नल के पहले के खुलासे पर आधारित है, जिसमें स्पेसएक्स और एक अज्ञात सरकारी एजेंसी के बीच 2021 में 1.8 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट का खुलासा हुआ था।
स्टारशील्ड का लक्ष्य, निर्बाध डेटा ट्रांसमिशन के लिए रिले उपग्रहों के साथ मिलकर काम करने वाले कई छोटे इमेजिंग उपग्रहों का उपयोग करके एक विशालकाय निगरानी उपकरण स्थापित करना है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि एलन मस्क की कंपनी जिस तरह का सैटेलाइट्स का जाल बिछाएगी, उससे धरती के एक एक इंच जगह की HD क्वालिटी की तस्वीरें ली जा सकती हैं, और ये दुनिया के हर कोने को कवर करेगा, जो संयुक्त राज्य अमेरिका की खुफिया जानकारी एकत्र करने की क्षमताओं को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा देगी।

रॉयटर्स से बात करने वाले एक सूत्र ने कहा है, कि इन सैटेलाइट्स के इंस्टॉल होने के बाद अमेरिका की नजर से कुछ भी छिपाना संभव नहीं होगा।
हालाँकि न तो स्पेसएक्स और न ही एनआरओ ने आधिकारिक तौर पर इस प्रयास में कंपनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन एक एनआरओ प्रवक्ता ने रॉयटर्स को एक अद्वितीय अंतरिक्ष-आधारित खुफिया, निगरानी और टोही प्रणाली विकसित करने की एजेंसी की प्रतिबद्धता से वाकिफ कराया है।
यह ताजा कॉन्ट्रैक्ट अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा अंतरिक्ष पहल के क्षेत्र में स्पेसएक्स के बढ़ते पोर्टफोलियो को जोड़ता है। हाल की रिपोर्टों से संकेत मिलता है, कि स्पेसएक्स ने स्टारशील्ड कार्यक्रम के तहत उपग्रह कम्युनिकेशन प्रस्तुत करने के लिए स्पेस फोर्स के साथ 70 मिलियन डॉलर का सौदा हासिल किया है।












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