ईरानी महिलाओं के लिए एलन मस्क का इंटरनेट एक्टिवेट, US ने प्रतिबंधों में दी ढील, जल रहा है देश
संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा की है, कि वह ईरान पर इंटरनेट सेवाओं का विस्तार करने के लिए निर्यात प्रतिबंधों में ढील दे रहा है।
तेहरान, सितंबर 24: ईरान में महिलाएं अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रही हैं और इस्लामिक कट्टरपंथी शासन के खिलाफ पूरा देश सुलग रहा है। महिलाएं अब सिर्फ हिजाब से ही छुटकारा नहीं पाना चाहती हैं, बल्कि उनका गुस्सा अब कट्टर इस्लामिक शासन के खिलाफ फूट पड़ा है। 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में युवा पीढ़ी का जो गुस्सा फूटा है, उसे कुचलने के लिए ईरान का कट्टर इस्लामिक शासन बर्बर तरीकों को आजमा रहे हैं, जिसमें अब तक 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन ऐसा लगता है, कि अपना हक लिए बगैर इस बार महिलाएं अपने घर जाने वाली नहीं हैं। वहीं, ईरानी महिलाओं की आवाज पूरी दुनिया में पहुंचे, इसके लिए अमेरिका ने ईरान पर लगाए इंटरनेट प्रतिबंधों में ढील दे दी है और उसके बाद एलन मस्क ने इंटरनेट एक्टिवेट करने की घोषणा कर दी है।

ईरान में देशव्यापी हुआ प्रदर्शन
ईरान की मोरल पुलिस की कस्टडी में 22 साल की युवती महसा अमीनी की संदिग्ध मौत के बाद ईरान में शुक्रवार को लगातार आठवें दिन भी भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है और दिनों-दिन ये विरोध प्रदर्शन और तेज ही होता जा रहा है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं, वहीं, ओस्लो स्थित एक संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि, आधिकारिक मौत का आंकड़ा सिर्फ 17 है, लेकिन उससे तीन गुना ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वहीं, रिपोर्ट में कहा गया है कि, विरोध प्रदर्शन कम से कम 80 से ज्यादा शहरों में किया जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गये सत्यापित वीडियो फुटेज में सरकार समर्थित रैलियों के तितर-बितर होने के कुछ ही घंटों बाद रात में अंधेरे के बाद राजधानी तेहरान के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ जमा होती दिखाई दे रही है। वहीं, कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सरकार की दंगा विरोधी बल के बीच भी संघर्ष होता हुआ देखा जा रहा है और विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए ईरान सरकार ने पूरे देश में सख्त इंटरनेट प्रतिबंध लगा दिए हैं।

अमेरिका ने इंटरनेट प्रतिबंध में दी ढील
संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा की है, कि वह ईरान पर इंटरनेट सेवाओं का विस्तार करने के लिए निर्यात प्रतिबंधों में ढील दे रहा है, जिसके बाद स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा कि, वह इस्लामिक गणराज्य में अपनी कंपनी की स्टारलिंक उपग्रह सेवा को एक्टिवेट कर रहे हैं। एलन मस्क ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के उस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि 'ईरानी लोगों को इंटरनेट फ्रीडम और फ्री इनफॉर्मेशन का प्रसार' करने के लिए एक्शन लेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि, "यह स्पष्ट है कि ईरानी सरकार अपने ही लोगों से डरती है।" वहीं, प्रदर्शनकारियों का मुकाबला करने के लिए शुक्रवार को तेहरान और अन्य शहरों में सरकार समर्थित रैलियों भी निकलनी शुरू हो गई हैं, जिसमें हिजाब पहनने की अनिवार्यता का समर्थन किया जा रहा है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने कहा कि, "षड्यंत्रकारियों और धर्म के खिलाफ बेअदबी की निंदा करने वाले ईरानी लोगों का महान प्रदर्शन आज हुआ।" मध्य तेहरान में हिजाब समर्थक प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन को सरकारी न्यूज चैनल ने लाइव दिखाया है, जिसमें काले लबादे में महिलाओं को दिखाया गया है। महिलाएं काली चादर ओढ़ी हुईं थीं।

संयुक्त राष्ट्र ने भी लिया संज्ञान
ओस्लो स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) एनजीओ ने कहा कि गुरुवार रात उत्तरी गिलान प्रांत के रेजवांशहर शहर में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में छह लोगों के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारी और भड़क गये हैं। जबकि बाबोल और बाबोल में अन्य मौतें दर्ज की गईं हैं। वहीं, उत्तरी ईरान के अमोल में भी भारी हिंसा होने की खबर है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरानी सुरक्षा बलों से सरकार विरोधी प्रदर्शनों के खिलाफ "अनावश्यक या अनुपातहीन बल" का उपयोग करने से परहेज करने की अपील की है। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि, उन्होंने आगे बढ़ने से बचने के लिए सभी से संयम बरतने का भी आग्रह किया। दुजारिक ने न्यूयार्क में संवाददाताओं से कहा कि, "हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में अत्यधिक बल प्रयोग के कारण दर्जनों लोगों की मौत और घायल होने की खबरों से चिंतित हैं।" उन्होंने कहा कि, "हम अधिकारियों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संघ के अधिकार का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।"

प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक नेता की प्रतिमा जलाई
वहीं, आंदोलनकारियों ने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता खमेनेई की प्रतिमा को उनके अपने गृहनगर मशहद में स्थापित प्रतिमा को फूंक दिया है। खमेनेई ने अभी तक विरोध प्रदर्शन पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, पिछले दिनों रिपोर्ट आई थी, कि उन्होंने ही हिजाब कानून को और सख्त करने के आदेश दिए थे। वहीं, मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के ससुर ने भी पिछले महीने ईरान की मोरल पुलिस की हिजाब कानून की सख्ती से पालन करवाने के लिए तारीफ की थी और उन्होंने हिजाब पहनने को लेकर किसी भी तरह की कोताही को बर्दाश्त नहीं करने के लिए ईरान की नैतिकता पुलिस को शाबाशी दी थी।

'बहुत खून बह रहा है'
वहीं, राज्य समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया है और पुलिस कारों में आग लगाकर सरकार विरोधी नारे लगाए हैं। वहीं, न्यूयॉर्क स्थित सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (सीएचआरआई) ने कहा, "सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के अनुसार, सरकार ने लाइव गोला-बारूद, पैलेट गन और आंसू गैस के साथ जवाब दिया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को खून बह रहा है।" इंटरनेट एक्सेस को प्रतिबंधित कर दिया गया है जिसे वेब मॉनिटर नेटब्लॉक्स ने "व्यवधानों का कर्फ्यू-शैली पैटर्न" कहा है। नेटब्लॉक्स ने कहा कि, "ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया गया और कई उपयोगकर्ताओं के लिए कनेक्टिविटी रुक-रुक कर आ रही है और शुक्रवार को तीसरे दिन मोबाइल इंटरनेट बाधित रहा।" वहीं, ईरान की फ़ार्स समाचार एजेंसी ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ये कदम उठाए गये हैं।












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