इबोला हो रही है अनियंत्रित, स्थिति गंभीर- संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र। पश्चिम अफ्रीका में फैले इबोला वायरस का कहर कम होता नहीं दिख रहा। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने बताया कि लगभग 3,500 लोगों के इबोला संक्रमित या संदिग्ध होने की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी से 1,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इबोला वायरस नियंत्रण के प्रयासों से कहीं तेजी से फैल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कम से कम 60 करोड़ डॉलर की जरूरत है। वहां के शीर्ष अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्थिति सुधरने से पहले और अधिक बिगड़ेगी। लिहाजा, इससे निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तत्काल सुनियोजित, समन्वित उपायों की जरुरत है।
सबसे जटिल महामारी है इबोला
विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक मार्ग्रेट चान ने कहा कि ''इबोला के 40 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी, सबसे गंभीर और सबसे जटिल महामारी है।'' इस महामारी से निपटने के लिए समुचित कार्रवाई की भी जरुरत है।
डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि वे व्यावसायिक एयरलाइनों से इबोला प्रभावित देशों में सेवाएं बहाल करने के लिए बात कर रहे हैं, क्योंकि उड़ानें रद्द होने से महामारी रोकने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयास बाधित हो रहे हैं।
लोग सचेत रहें
इबोला से प्रभावित देशों गिनी, लाइबेरिया, नाइजीरिया और सियरा लियोन हैं। जहां इसके चपेट में आकर सबसे ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। चान ने कहा कि लोगों को उन बातों के बारे में बताया जाना चाहिए जिनसे बीमारी का खतरा होता है जैसे असुरक्षित तरीके से देखभाल करना, असुरक्षित तरीके से दफनाना, घर में परिवार के बीमार सदस्यों की देखभाल आदि।
उन्होंने कहा कि इबोला वैश्विक खतरा बन गया है जिससे निपटने के लिए प्रभावित देशों के साथ तत्काल एकजुटता से वैश्विक प्रयास किए जाने की जरुरत है और इनकी अगुवाई राष्ट्रीय प्राधिकारियों को करनी चाहिए।












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