कोरोना के बीच 'कुदरत के कहर' से कांपी धरती, इस देश के वैज्ञानिकों ने जारी किया सुनामी का अलर्ट

कोरोना वायरस की महामारी के बीच इस देश में कुदरती आफत ने धरती को हिलाकर रख दिया...

नई दिल्ली। दुनिया के दिग्गज कहे जाने वाले देश इस समय कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं। चीन, ईरान, इटली और अमेरिका में भयानक तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस का कहर फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका में कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कोहराम मचाया हुआ है, जहां अभी तक इस वायरस के कारण 66 हजार से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना वायरस की इस महामारी के बीच कुछ देश 'कुदरती आफत' के कहर से भी जूझते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को क्रीट के ग्रीक द्वीप के दक्षिण में 6.6 तीव्रता के भूकंप के काफी तेज झटके महसूस किए गए।

सुनामी की चेतावनी जारी

सुनामी की चेतावनी जारी

वहीं, 'डेली स्टार' ने यूरोपीय भूमध्यसागरीय विज्ञान केंद्र के हवाले से बताया है कि 6.6 तीव्रता के भूकंप के बाद इस द्वीप में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र भूमध्य सागर में 17 किलोमीटर (10.5 मील) की गहराई में था। यहां सबसे नजदीक आबादी वाला क्षेत्र, उत्तर में लगभग 90 किलोमीटर दूर, नीया अनातोली गांव है।

लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकले

लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकले

न्यूज एजेंसी ANA के मुताबिक, क्रीट के उत्तरी तट पर बसे मुख्य शहर इराक्लिओ में लोगों ने कई सेकंड तक भूकंप के इन झटकों को महसूस किया और कुछ लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। इस भूकंप के अलावा 4.8 और 4.1 तीव्रता के दो और भूकंप भी महसूस किए गए। क्रीट द्वीप पर आए भूकंप के 10 मिनट बाद ही करीब 102 किलोमीटर दूर लगातार दो बार हेराक्लिओन और लस्सीथी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता 4.8 और 4.1 मापी गई। हालांकि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर अभी तक नहीं मिली है।

हर साल यहां सैकड़ों भूकंप आते हैं

हर साल यहां सैकड़ों भूकंप आते हैं

आपको बता दें कि ग्रीस सबसे ज्यादा भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है और हर साल यहां सैकड़ों भूकंप आते हैं। यहां आखिरी बार सबसे ज्यादा घातक भूकंप एजियन सागर में कोस के द्वीप पर जुलाई 2017 में आया था। 6.7 तीव्रता के इस भूकंप में दो लोगों की जान चली गई थी। वहीं हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाला भूचाल एंथेंस क्षेत्र में 1999 में आया था, जब यहां 143 लोगों की मौत हुई थी। शनिवार को आया भूकंप हालांकि काफी तेज था, लेकिन आबादी वाले इलाकों से दूर होने के कारण किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।

जापान में भी सुनामी और भूकंप का अलर्ट

जापान में भी सुनामी और भूकंप का अलर्ट

गौरतलब है कि इस समय कई देश कोरोना वायरस के साथ-साथ कुदरत के कहर से जूझ रहे हैं। बीते 23 अप्रैल को ही जापान के सरकारी पैनल की तरफ से भी चेतावनी जारी करते हुए कहा गया था कि देश मे बड़ी सुनामी और भूकंप आ सकते हैं। इससे पहले 18 अप्रैल को जापान में एक तीव्र भूकंप आ चुका है और प्रशांत महासागर के दक्षिणी हिस्‍से में आया यह भूकंप टोक्‍यो से गुजर गया था। इसमें किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं आई थी। जापान की मीटियोरॉजिकल एजेंसी का कहना है कि यह भूकंप जापान के दक्षिण में ओगासावारा द्वीप पर आया था।

सुनामी से उठ सकती हैं 90 मीटर तक की ऊंची लहरें

सुनामी से उठ सकती हैं 90 मीटर तक की ऊंची लहरें

23 अप्रैल को जारी चेतावनी की रिपोर्ट में कहा गया कि एरिमो टाउन में सुनामी की वजह से 90 मीटर तक की ऊंची लहरें उठ सकती हैं। जापान टाइम्‍स की मानें तो इसकी वजह से टोक्‍यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्‍स इंक के मालिकाना हक वाला फुकिशिमा का न्‍यूक्लियर प्‍लांट डूब सकता है। यह प्‍लांट साल 2011 में आई सुनामी में भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस सुनामी और भूकंप ने देश को हिला दिया था। जापान के 16 राज्‍यों में इसकी वजह से 10,872 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 17,000 लोग लापता हो गए थे।

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