मंगल ग्रह पर तूफान, नासा के रोवर सिस्टम में आई खराबी, वैज्ञानिक चिंतित
वॉशिंगटनः मंगल ग्रह पर रेतीले तूफान की वजह से नासा का एक रोवर सिस्टम खतरे में पड़ गया है। रेतीले तूफान के के कारण रोवर को सूरज की रोशनी नहीं मिल पा रही, जिसके कारण रोवर बिजली नहीं बना पा रहा है। नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि रेतीले तूफान के कारण रोवर का सिस्टम अपने आप पावर सेविंग मोड में चला गया है। नासा से रोवर का संपर्क टूट गया है, जिस कारण से वैज्ञानिक काफी चिंतित हैं।

मंगल ग्रह पर आया रेतीला तूफान
गुरुवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि मंगल पर रेतीले तूफान आया, जिससे नासा के सौर-संचालित 'अपॉर्चुनिटी रोवर' का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नासा एक अधिकारी ने बुधवार को कहा था कि 'हम चिंतित हैं लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि तूफान बंद हो जाएगा और रोवर से हमारा संपर्क दोबारा जुड़ पाएगा।'

रोवर के अधिकतर फंक्शन ठप पड़ गए हैं- नासा
नासा का कहना है कि रोवर के अधिकतर फंक्शन ठप पड़ गए हैं। रेतीले तूफान के आने के बाद रोवर की ट्रांसमिशन क्षमता कमजोर हो गई है। रोवर के लिए सूरज बिजली का मुख्य स्त्रोत है और रोवर को रोशनी नहीं मिल पा रही है। काफी दिनों से मंगल ग्रह पर रेतीला तूफान आया हुआ है, उन्हें भी नहीं पता कि ये तूफान कब खत्म होगा। तूफान के रुकने के बाद ही रोवर को सौर ऊर्जा मिल पाएगी और दोबारा शुरू हो पाएगा।

साल 2012 से मंगल ग्रह पर है रोवर
नासा का ही क्यूरोसिटी रोवर भी मंगल ग्रह के वातावरण और सतह की जांच कर रहा है। रोवर ने नासा को काफी तस्वीरें भी भेजी थी। रोवर ने मंगल की चट्टानों के कुछ नमूने इकट्ठे किए थे। बता दें, ये रोवर अगस्त 2012 से मंगल ग्रह पर है।












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