ड्रग्स को लेकर बेहद सख्त हैं इन देशों में कानून, नशीले पदार्थों की तस्करी में पकड़े गए तो फांसी तय
नशीले पदार्थ के सेवन से लोगों को रोकने के लिए दुनियाभर में सख्त कानून बनाए गए हैं। ड्रग्स की तस्करी करने वाले लोगों पर कार्रवाई होती है लेकिन फिर भी ये समस्या जस की तस बनी हुई है।

सिंगापुर में बुधवार को नशीले पदार्थों की तस्करी के दोषी को फांसी दे दी गई। 46 साल के तंगराजू सुपैया को 2013 में एक किलो से अधिक गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सुपैया को एक किलो गांजा सिंगापुर से मलेशिया पहुंचाने में दोषी पाया गया था।
सिंगापुर में नशीले पदार्थों को लेकर सख्त कानून हैं। हालांकि सुपैया की सजा को लेकर पूरी दुनिया से प्रतिक्रियाएं आईं। मृत्युदंड के खिलाफ आवाज उठाने वाले ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैन्सन सहित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यलाय ने भी सुपैया की सजा माफ करने की अपील की थी।
हालांकि सिंगापुर ने पूरी दुनिया की अपील को धत्ता बताते हुए सुपैया को फांसी दे ही। रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर ने पिछले साल 11 लोगों को फांसी दी थी और उसका कहना है कि इस तरह की सजा लोगों को ड्रग्स से जुड़े अपराध करने से रोकती है और देश की जनता इस नीति का समर्थन करती है।
ड्रग नीति सुधार समूह हार्म रिडक्शन इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के लिए फांसी की सजा में वृद्धि हो रही है। 2021 में नशे से जुड़े मामले में 131 लोगों को फांसी की सजा मिली थी जबकि 2022 में ये आंकड़ा 285 पहुंच गया।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अधिकांश देशों ने विश्व भर में मृत्युदंड पर स्वैच्छिक रोक लगाए जाने का आहवान किया था। यूएन के मुताबिक मादक पदार्थों के अपराधों के लिये मौत की सजा दिया जाना अन्तरराष्ट्रीय मानदंडों और मानकों के नजरिये से अनुचित है।
सिंगापुर ही नहीं कई देश हैं जहां नशे की समस्या को रोकने को लेकर कई सख्त कानून हैं-
चीन
चीन में नशे को लेकर कड़े प्रावधान हैं। वहां पर नशीले पदार्थों से तस्करी के मालमों में मौत की सजा का प्रावधान है। हाल के वर्षों में कई लोगों को वहां नशीले पदार्थों की तस्करी में मौत की सजा सुनाई गई है।
वियतनाम
एमनेस्टी की रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि वियतनाम दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे बड़ा जल्लाद देश है। यहां ड्रग्स से जुड़े अपराधों से गंभीरता से निपटा जाता है। अगर कोई 1.3 पाउंड से अधिक हेरोइन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे फांसी दे दी जाती है।
ईरान
मौत की सजा का जिक्र होते ही ईरान की छवि याद आ जाती है। यह देश हाल के वर्षों में मौत की सजा देने के मामले में बेहद क्रूरता बरत रहा है। ईरान में सिर्फ 2022 में कम से कम 582 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इनमें 256 मामले नशे से जुड़े थे।
सऊदी अरब
सऊदी अरब ने कुछ साल पहले ड्रग्स से जुड़े मामलों में मौत की सजा पर रोक लगा दी थी लेकिन हाल के सालों में एक बार फिर से यहां मौत की सजा सुनाई जाने लगी है। बीते साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने सऊदी अरब से आग्रह किया कि मादक पदार्शों से सम्बन्धित अपराधों के लिये मृत्यु दंड दिये जाने पर रोक लगाई जाए।












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