'10 संक्रमितों में 9 हो रहे हैं ICU में भर्ती', ओमिक्रॉन खोजने वाली अफ्रीकी डॉक्टर ने बजाया खतरे का अलार्म
डॉ एंजेलिक कोएत्जी, दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष डॉक्टर हैं और अभी तक हजारों ओमिक्रॉन संमक्रमित मरीजों का इलाज कर चुकी हैं। डॉ एंजेलिक कोएत्जी इस वक्त ओमिक्रॉन वायरस को लेकर अलग अलग माध्यमों के जरिए दुनिया को आगाह कर रही हैं।
जोहानिसबर्ग, दिसंबर 21: अफ्रीका देशों में सबसे पहले ओमिक्रॉन वेरिएंट को खोजने वाली दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष डॉक्टर डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने कोरोना वायरस को लेकर कई बड़ी जानकारियां दुनिया के साथ शेयर की हैं। डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने कहा है कि, दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन नहीं लेने वाले अगर 10 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित होते हैं, तो उनमें से 9 मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर जो बड़ी बात बताई है, वो भारत जैसे देशों के लिए काफी चिंतनीय है, क्योंकि भारत की बड़ी आबादी अभी भी वैक्सीनेटेड नहीं है।

डॉ एंजेलिक कोएत्जी की बड़ी बातें
डॉ एंजेलिक कोएत्जी, दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष डॉक्टर हैं और अभी तक हजारों ओमिक्रॉन संमक्रमित मरीजों का इलाज कर चुकी हैं। डॉ एंजेलिक कोएत्जी इस वक्त ओमिक्रॉन वायरस को लेकर अलग अलग माध्यमों के जरिए दुनिया को आगाह कर रही हैं और उनके बताए उपायों पर दुनिया के कई देश अमल भी कर रहे हैं। डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने ही सबसे पहले बताया था कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट की तुलना में काफी ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण डेल्डा वेरिएंट की तुलना में कमजोर होते हैं। अभी, जबकि ओमिक्रॉन वेरिएंट को दुनिया में फैले तीसरा ही हफ्ता हुआ है, और ज्यादातर लोग वैक्सीन ले चुके हैं, लिहाजा ओमिक्रॉन वेरिएंट कितना खतरनाक है और कितना प्रभाव डाल सकता है, इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल रही थी। लेकिन, अब पता चलने लगा है कि, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है, उनके ऊपर ओमिक्रॉन वेरिएंट क्या असर डालता है।
वैक्सीन नहीं लेने वालों के लिए खतरा
डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर कई अहम बातें बताई हैं और सबसे चिंता करने वाली बात जो उन्होंने बताई है, वो है वैक्सीन नहीं लेने वालों पर ओमिक्रॉन वायरस का प्रभाव। डॉ एंजेलिक कोएत्जी ने कहा कि, दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन नहीं लेने वाले 10 संक्रमितों में से 9 संक्रमितों को आईसीयू में भर्ती करवाने की नौबत आ रही है। डॉ एंजेलिक कोएत्जी का ये बयान भारत जैसे देशों के लिए काफी चिंतनीय है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी तक भारत में वैक्सीन की दोनों खुराक 50 फीसदी आबादी को भी नहीं मिली है और करीब करीब ये तय है कि, आने वाले महीनों में ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की तादात रॉकेट की रफ्तार से बढ़ने वाली है, लिहाजा जिन लोगों ने अभी भी वैक्सीन नहीं लिया है, उनके पास अब वैक्सीन लेने के लिए काफी कम वक्त बचा है और ऐसे लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की खुराक ले लेनी चाहिए।

काफी तेजी से फैलता है ओमिक्रॉन वेरिएंट
दक्षिण अफ्रीकी मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष, डॉ एंजेलिक कोएत्जी, जिन्होंने ओमिक्रॉन का पता लगाया था, उन्होंने एएनआई से बात करते हुए इस वायरस को काफी तेजी से लोगों को संक्रमित करने वाला वेरिएंट बताया। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा कि, "यह काफी ट्रांसमिशेबल है और अगर मैं डेल्टा से इसकी तुलना करती हूं, तो देखती हूं कि, डेल्टा से ज्यादा इसकी स्पीड है''। उन्होंने कहा कि, ''हमने अभी तक दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन लिए लोगों में गंभीर मामले कम ही देखे हैं, ज्याजातर मरीजों में ओमिक्रॉन का असर कमजोर दिख रहा है।''

भारत में अभी भी डेल्टा का ही कहर
डॉ एंजेलिक कोएत्जी का यह बयान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दो दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि कोरोनावायरस का डेल्टा वेरिएंट ही अभी भी भारत में प्रमुख तौर पर लोगों को संक्रमित कर रहा है और अभी तक भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट का फैलाव शुरू नहीं हुआ है। आईसीएमआर के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ समीरन पांडा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, इसका मतलब यह है कि भारत में अभी मौजूदा कोविड-19 उपाय और टीके प्रभावी रहेंगे। जबकि ओमिक्रॉन के मामले आने वाले वक्त में बढ़ सकते हैं, हालांकि, आईसीएमआर ने यह भी कहा है कि, यह जरूरी नहीं कि स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी बोझ पड़े।

भारत में ओमिक्रॉन की मौजूदा स्थिति
भारत में अभी तक ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या 100 के आकड़े को पार कर चुका है और इसको लेकर आईसीएमआर के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ समीरन पांडा ने टीओआई से कहा कि, ''ज्यादातर संक्रमित ऐसे हैं, जो विदेशों से भारत आए हैं और ऐसे मरीजों से जो सैंपल अभी हमने इकट्ठे किए हैं, उसपर रिसर्च चल रहा है और अभी हम ज्यादा जानकारी की प्रतिक्षा कर रहे हैं''। डॉक्टर पांडा ने लोगों से सभी कोविड गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है और सभी प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ भारत में बने टीके प्रभावी होंगे।

फिर से संक्रमित होने का पांच गुना खतरा
वहीं, लंदन के इंपीरियल कॉलेज ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर जो स्टडी किया है, उसमें पता चला है कि, कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट में लोगों को फिर से संक्रमित करने की पांच गुना शक्ति है। यानि, ऐसे लोग, जो पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, उनमें ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रंमित होने का खतरा पांच गुना ज्यादा है और ओमिक्रॉन वेरिएंट के डेल्टा की तुलना में हल्का होने का कोई संकेत नहीं है। अध्ययन में कहा गया है, "हमें डेल्टा से अलग गंभीरता वाले ओमिक्रॉन संक्रमितो में (अस्पताल में भर्ती होने और लक्षण की स्थिति दोनों के जोखिम के लिए) कम लक्षण होने का कोई सबूत नहीं मिला है"। हालांकि यह नोट किया गया है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों पर डेटा बहुत सीमित है। इंपीरियल कॉलेज ने यह स्टडी तीन लाख 30 हजार लोगों पर की है, जिनमें डेल्टा से संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख 22 हजार 62 थे।












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