माउंट एवरेस्ट पर चढ़े दर्जनों कोरोना संक्रमित पर्वतारोही, नेपाल सरकार ने आरोपों को बताया निराधार
नेपाल में जून के महीने की शुरुआत में कम से कम 59 संक्रमित लोग माउंट एवरेस्ट पर पहुंचे थे, जिसमें शिखर पर पहुंचने वाले पांच लोग भी शामिल हैं।
काठमांडू, 28 जून। नेपाल में जून के महीने की शुरुआत में कम से कम 59 संक्रमित लोग माउंट एवरेस्ट पर पहुंचे थे, जिसमें शिखर पर पहुंचने वाले पांच लोग भी शामिल हैं। पर्वतारोहियों के इंटरव्यू और पर्वतारोहण कंपनियों के जरिए यह बात सामने आई है। हालांकि, नेपाल सरकार इस बात से साफ तौर पर इंकार कर रही है।

क्या था पूरा मामला
वह अप्रैल महीने का समय था, माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप में जहां पर्वतारोही चढ़ाई से पहले कुछ समय वहां गुजारकर वहां के वातावरण के अभ्यस्त होने का प्रयास करते हैं, वहां जंगबू शेरपा खांसी और बुखार से बीमार पड़ गए।
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17,590 फीट की ऊंचाई पर उनकी बीमारी तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद अभियान कंपनी जिसने बहरीन के राजकुमार को एवरेस्ट पर चढ़ने में मदद करने के लिए शेरपा को काम पर रखा था, ने शेरपा को राजधानी काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनके कोरोना से संक्रमित होने का पता चला। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में एक हफ्ता और घर पर 6 दिन गुजारे और उसके बाद दोबारा बेस कैंप में वापस आए।
कोरोना के कारण उस समय उनके जैसे अनुभवी गाइड की कमी थी और यदि राजकुमार की चढ़ाई को रद्द किया जाता तो इससे अभियान कंपनी को हजारों डॉलर का नुकसान हो सकता था। उनसे शरीर में वायरस के अवशेष थे, इसके बावजूद शेरपा (38) राजकुमार और 15 अन्य लोगों के दल का नेतृत्व किया और इस तरह वह कोरोना से संक्रमित माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाले संभवत: पहले व्यक्ति बन गए। इस महीने की शुरुआत में चढ़ाई के सत्र के सत्र का अंत होने तक 59 कोरोना से संक्रमित लोग माउंट एवरेस्ट पर चढ़े। पर्वतारोहियों के इंटरव्यू और पर्वतारोहण कंपनियों के जरिए यह बात सामने आई है। हालांकि, नेपाल सरकार इस बात से साफ तौर पर इंकार कर रही है।
नेपाल सरकार का कहना है कि एवरेस्ट पर कोरोना का कभी कोई मामला सामने नहीं आया है। नेपाल के पर्यटन अधिकारी ने एवेरेस्ट पर पर्वतारोहियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबर को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वहां न्यूमोनिया का एक मरीज था, जो इलाज के बाद ठीक हो गया था. उन्होंने कहा कि पहाड़ की शुष्क हवा में खांसी कोई नई बात नहीं है।
सरकार ने कहा कि अभियान कंपनियां अपने साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञ रखती हैं और चढ़ाई से पहले सभी पर्वतारोहियों का लगातार कोरोना टेस्ट कर रही हैं और जो भी पॉजिटिव पाया जाता है उसे आइसोलेट किया जाता है। हो सकता है कि जिन पर्वातारोहियों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है उन्हें चढ़ाई के दौरान कोरोना हुआ हो जो शुरुआती जांच में पकड़ में न आया हो।
आंग शेरिंग शेरपा ने की जांच की मांग
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाते हुए नेपाल माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आंग शेरिंग शेरपा ने कहा है कि इस मसले की गहराई से जांच करने की जरूरत है।












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