डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलने से अमेरिकी चुनाव पर क्या असर होगा?

Trump assassination attempt and US election: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक रैली के दौरान जानलेवा हमले का नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव अभियान पर निश्चित रूप से असर पड़ने की संभावना दिख रही है।

अमेरिका में हुई इस राजनीतिक हिंसा से चुनाव पर प्रभाव न पड़े, इसकी अभी कोई संभावना नहीं है। खासकर तब जब अमेरिकी लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियां रिपब्लिकन नेता पर हुए हमले को उनकी हत्या की कोशिश के तौर पर देख रही हैं।

donald trump

जख्मी डोनाल्ड ट्रंप ने दे दिया बड़ा चुनावी संदेश
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के घेरे में खून से लथपथ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रति की तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। उस दौरान ट्रंप ने जिस तरह से मुट्ठी बांधकर अपने समर्थकों को डटे रहने का संकेत दिया, उसमें बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा हुआ है।

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उनके बेटे एरिक ट्रंप ने बिना देर किए अपने जख्मी पिता की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अमेरिका को इसी फाइटर की जरूरत है।'

बाइडेन को लग गया अंदाजा, चुनाव के लिए है खतरे का संकेत?
घायल ट्रंप के अमेरिकी चुनाव के लिए क्या मायने हो सकते हैं, इसे भांपने में नवंबर के चुनाव में डेमोक्रैटिक पार्टी से उनके संभावित प्रतिद्वंद्वी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जरा भी देरी नहीं की। वे बयान देने के लिए डेलावेयर में फौरन कैमरे पर आए और कहा, 'इस तरह की हिंसा के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। यह पागलपन है।'

उन्होंने कहा, 'हम ऐसे नहीं हो सकते।...' बाद में उन्होंने फोन पर डोनाल्ड ट्रंप से बात की। उन्होंने वीकेंड वाली बीच की छुट्टियां कम करके तत्काल व्हाइट हाउस लौटने का फैसला कर लिया।

डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव अभियान की बेदम हुई धार!
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप को गोली लगने की घटना के बाद बाइडेन के चुनाव अभियान से जुड़े सभी तरह की गतिविधियों पर विराम लगा दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक टेलीविजन पर चलने वाले चुनाव प्रचार से जुड़े सारे कंटेंट भी हटाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी को लग रहा है कि इस समय ट्रंप पर राजनीतिक हमले करना पूरी तरह से अनुचित होगा, बल्कि अभी उनपर हुए हमले को निशाना बनाए जाने की आवश्यकता है।

ट्रंप को मिल रही है चौतरफा सहानुभूति
दरअसल, यह ऐसा समय है, जब सभी तरह के नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ड डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन से लेकर जिमी कार्टर तक ने तत्काल हमले की निंदा की है और इस बात पर राहत जताई है कि ट्रंप को ज्यादा चोटें नहीं आईं और वे सुरक्षित हैं।

ट्रंप समर्थकों ने खोल दिया है राष्ट्रपति बाइडेन के खिलाफ मोर्चा
ट्रंप जख्मी हैं और उनके समर्थक और सहयोगी इस घटना के लिए राष्ट्रपति बाइडेन पर निशाना साध रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस के एक रिपब्लिकन सांसद ने तो एक्स पोर्ट पर राष्ट्रपति पर 'हत्या के लिए उकसाने' तक का आरोप लगा दिया है।

सीनेटर जेडी वेंस ने कहा है कि बाइडेन ने चुनाव अभियान में जिस तरह की बयानबाजी की है, उसी की वजह से यह घटना हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में वेंस का नाम उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के लिए चुना जा सकता है।

'घृणित टिप्पणियों को चुनाव में जवाबदेह बनाने की जरूरत'
ओहियो के सीनेटर वेंस ने कहा है, 'बाइडेन के अभियान का मुख्य आधार ये है कि डोनाल्ड ट्रम्प एक दबंग फासीवादी हैं, जिन्हें हर कीमत पर रोका जाना चाहिए।......ऐसे बयान ट्रंप की हत्या की कोशिश के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।'

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अमेरिकी चुनाव पर क्या असर होगा?
वहीं, ट्रंप के कैंपेन मैनेजर क्रिस लैसीविटा ने कहा कि शनिवार के हमले को देखते हुए 'लेफ्टिस्ट ऐक्टिविस्ट, डेमोक्रेटिक डोनोर्स और यहां तक की जो बाइडेन' की घृणित टिप्पणियों को नवंबर के चुनाव में जवाबदेह बनाने की जरूरत है। ऐसे में लगता है कि आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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