Donald Trump Tariff on China: ट्रंप ने 'ड्रैगन' पर फोड़ा टैरिफ बम, जानें अब क्या करेगा चीन?
Donald Trump Tariff on China: चीन ने अमेरिका द्वारा 438 बिलियन डॉलर से अधिक के चीनी उत्पादों पर 34 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है। हालांकि, उसने तुरंत कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश पर जोर दिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह फैसला अमेरिकी व्यापार नीति को नया आकार देने की ट्रंप की रणनीति का हिस्सा है। इस कदम के बाद चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका की आलोचना करते हुए इसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन बताया।

चीन ने अमेरिका से अपने एकतरफा टैरिफ उपायों को वापस लेने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का अनुरोध किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि अमेरिका ने पारस्परिकता के नाम पर कई देशों पर टैरिफ लगाया है, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
चीन की प्रतिक्रिया: क्या उठाएगा कदम?
चीन ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने और डब्ल्यूटीओ में वाशिंगटन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, चीन ने 10 अमेरिकी कंपनियों को अविश्वसनीय इकाई सूची में डाल दिया है। इनमें एआई, आईटी, रक्षा, सुरक्षा और विमानन से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।
हालांकि, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को जारी रखते हुए चीन ने तत्काल जवाबी कार्रवाई टाल दी है। चीन ने कहा कि ट्रेड वॉर में कोई विजेता नहीं होता और अमेरिका को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
अमेरिका पर नए टैरिफ के असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए टैरिफ से अमेरिका के उपभोक्ताओं और उद्योगों को भारी नुकसान हो सकता है। इससे अमेरिका में आयात महंगा हो जाएगा, जिससे घरेलू बाजार पर असर पड़ेगा।
चीन-अमेरिका व्यापार संबंधों की स्थिति (2024):
- अमेरिका और चीन का कुल व्यापार: 582.4 बिलियन डॉलर
- अमेरिका से चीन को निर्यात: 143.5 बिलियन डॉलर
- चीन से अमेरिका को आयात: अधिक टैरिफ के कारण घटने की संभावना
आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर टैरिफ विवाद आगे बढ़ा, तो इससे वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर चीन टिकटॉक की बिक्री जैसे मुद्दों पर अमेरिका के पक्ष में फैसला लेता है, तो वे कुछ टैरिफ में राहत दे सकते हैं।
फिलहाल, चीन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, लेकिन बातचीत को प्राथमिकता दी है। आने वाले दिनों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।












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