डोनाल्‍ड ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ जारी मिलिट्री ड्रिल खत्‍म करने का ऐलान किया, पेंटागन से लेकर सियोल तक हड़कंप

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    सियोल/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मंगलवार को नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात के बाद ऐलान किया है कि वह साउथ कोरिया में जारी मिलिट्री एक्‍सरसाइज को खत्‍म करेंगे। ट्रंप के इस ऐलान ने न सिर्फ साउथ कोरिया बल्कि अमेरिका के भी टॉप मिलिट्री ऑफिसर्स को भी चौंका दिया है। हालांकि पेंटागन की ओर से कहा गयाहै कि ट्रंप ने इस एनाउंसमेंट से पहले रक्षा मंत्री जिम मटीस से सलाह ली दी थी। इसके बावजूद अमेरिका के सर्विंग और रिटायर मिलिट्री ऑफिसर्स ने इस बात पर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि अमेरिका की ओर से मिलिट्री एक्‍सरसाइज को इस तरह से खत्‍म करने पर प्‍योंगयांग की ओर से खतरा बढ़ सकता है।

    ट्रंप ने एक्‍सरसाइज को बताया उकसाने वाला

    ट्रंप ने एक्‍सरसाइज को बताया उकसाने वाला

    एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा है, 'मैं काफी हैरान हूं कि हमने काफी कुछ दिया लेकिन हमें इस समिट से बहुत कम हासिल हुआ है।' उन्‍होंने कहा कि यह फैसला गैर-जिम्‍मेदाराना है और इससे इच्‍छा-शक्ति पर असर पड़ेगा और साथ ही इस फैसले से अमेरिका-साउथ कोरिया के संबंधों की विश्‍वसनीयता भी घटेगी। ट्रंप ने मिलिट्री एक्‍सरसाइज से जुड़ी टिप्‍पणी किम जोंग उन से मुलाकात के बाद प्रेस कांफ्रेंस में की थी। उन्‍होंने कहा था, 'वॉर गेम्‍स काफी महंगे हैं और उकसाने वाले हैं।' ट्रंप ने यह बात कहकर किम जोंग के सुर में सुर मिलाया था। किम जोंग पहले इसी अंदाज में अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच जारी मिलिट्री एक्‍सरसाइज का विरोध कर चुके हैं। अमेरिका की ओर से हमेशा ही उनके विरोध को नकार दिया गया था।

    अमेरिका वापस आएंगे सैनिक

    अमेरिका वापस आएंगे सैनिक

    ट्रंप ने यह भी कहा कि वह साउथ कोरिया में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को भी वापस बुलाना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा, 'अभी 32,000 अमेरिकी सैनिक साउथ कोरिया में हैं और मैं इन सभी को घर वापस लेकर आना चाहूंगा।' दक्षिण कोरिया में 28,000 अमेरिकी सैनिक साउथ कोरिया में हैं। अमेरिकी सैनिक कोरियाई युद्ध के समय में से ही वहां पर मौजूद हैं जो कि साल 1953 में जाकर खत्‍म हो सका था। हालांकि दोनों कोरियाई देशों की सेनाएं अभी तक युद्ध की हालत में हैं। अगर ट्रंप यह फैसला लागू करते हैं तो किम जोंग के साथ हुई मुलाकात के बाद यह उनका पहला ठोस और विवादित कदम होगा।

    पेंटागन ने टिप्‍पणी करने से इनकार किया

    पेंटागन ने टिप्‍पणी करने से इनकार किया

    वहीं ट्रंप के ऐलान पर साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति निवास ब्‍लू हाउस का कहना है कि अभी यह देखना होगा कि ट्रंप के बयान का मतलब या फिर इस बयान के पीछे मंशा क्‍या है। वहीं ब्‍लू हाउस ने यह भी कहा कि नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए और भी अगर उपाय होंगे तो उनमें साउथ कोरिया मदद करने को तैयार है। वहीं साउथ कोरिया में अमेरिकी सेना के प्रवक्‍ता की ओर से न्‍यूज एजेंसी रायटर्स को बताया गया है कि उनके पास अभी तक मिलिट्री ड्रिल से जुड़ा कोई भी निर्देश नहीं आया है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की ओर से ट्रंप के बयान पर कोई भी टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया गया है।

    सकते में हैं साउथ कोरिया के अधिकारी

    सकते में हैं साउथ कोरिया के अधिकारी

    वहीं एक साउथ कोरियन अधिकारी ने रायटर्स के साथ बातचीत करते समय कहा कि वह ट्रंप के फैसले से अचंभे में हैं। इस अधिकारी को पहले लगा था कि शायद ट्रंप गलती से कुछ और बोल गए हैं। इस अधिकारी ने कहा कि जब ट्रंप ने मिलिट्री एक्‍सरसाइज को 'उकसाने' वाला करार दिया तो उन्‍हें काफी हैरानी हुई। अभी तक किसी भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति की ओर से इस तरह का कोई शब्‍द कभी प्रयोग नहीं किया गया। साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन ने किम से मुलाकात के बाद करीब 20 मिनट तक उनसे बात की। दोनों की बातचीत का रीडआउट भी रिलीज किया गया है लेकिन अभी तक इसमें मिलिट्री एक्‍सरसाइज का कोई भी जिक्र नहीं है।

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    English summary
    US President Donald Trump surprises with pledge to end military exercises in S.Korea and officials are in shock.

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