दूसरे राउंड की बहस में भी शामिल नहीं हुए डोनाल्ड ट्रम्प, क्या विवेक रामास्वामी को इससे फायदा हो रहा है?
अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी के लिए रिपब्लिकन पार्टी की दूसरी बहस संपन्न हो गई। बुधवार रात लॉस एंजिल्स स्थित रीगन लाइब्रेरी में हुई इस दूसरी रिपब्लिकन बहस में एक बार फिर से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शामिल नहीं हुए। ऐसे में ये बहस उनके बिना ही ये बहस आगे बढ़ी।
ट्रम्प बहस में भाग लेने के बजाय मिशिगन चले गए। उनका लक्ष्य एक प्रमुख राज्य में ऑटोकर्मचारियों की हड़ताल को भुनाना था जो आम चुनाव का रुख बदलने में मदद कर सकता है। यहां पहुंचकर ट्रम्प ने कहा, "मैं किसी भी परिस्थिति में अमेरिकी ऑटोमोबाइल उद्योग को मरने नहीं दूंगा।" आपको बता दें कि ऑटो विनिर्माण क्षेत्र के वर्कर्स इन दिनों जो बाइडन सरकार से नाराज हैं।

आपको बता दें कि आयोवा कॉकस द्वारा आधिकारिक तौर पर जीओपी नामांकन प्रक्रिया शुरू करने में चार महीने से भी कम समय बचा है, ट्रम्प के प्रतिद्वंद्वियों पर यह दिखाने का दबाव बन रहा है कि वे एक वास्तविक विकल्प के रूप में उभर सकते हैं।
दो घंटे तक चली इस अराजक बहस के दौरान, प्रत्याशियों ने जमकर एक-दूसरे पर हमला किया। मंच पर मौजूद सातों उम्मीदवार पार्टी के नामांकन की दौड़ में डोनाल्ड ट्रम्प से काफी अंतर से पीछे हैं। ऐसे में उन्हें भली-भांति मालूम है कि उन्हें स्थिति को बदलने के लिए जल्द ही कुछ बड़ा करना होगा।
फ़्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने आक्रामक शुरुआत की, उन्होंने अपने पहले जवाब में राष्ट्रपति के रूप में सेवा करते समय बहस में शामिल न होने और राष्ट्रीय ऋण में वृद्धि के लिए ट्रम्प की आलोचना की।
फ्लोरिडा गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप आज भी गायब हैं। उन्हें आज रात इस मंच पर होना चाहिए। अपने रिकॉर्ड की रक्षा करना उसका कर्तव्य है।' एक अन्य प्रत्याशी क्रिस क्रिस्टी ने कहा, 'आप आज रात यहां नहीं हैं क्योंकि आप अपने रिकॉर्ड का बचाव करने से डरते हैं। आप मूर्ख बन रहे हैं... हम अब आपको डोनाल्ड डक कहेंगे।'
इस बहस के दौरान हेली ने ट्रम्प की चीन नीति की भी आलोचना की और कहा कि उन्हें लगता है कि पूर्व राष्ट्रपति अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करते थे और देश से संभावित खतरों के बारे में बहुत कम करते थे।
सर्वेक्षणों से पता चलता है कि ट्रम्प ने इन बहसों को नजरअंदाज करने के अपने फैसले के लिए कोई राजनीतिक कीमत नहीं चुकाई है। दरअसल, ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों पर अपनी बढ़त बढ़ा ली है। ऐसी चर्चा है कि ट्रम्प कथित तौर पर मियामी में होने वाली तीसरी बहस में भी हिस्सा नहीं लेंगे
ट्रम्प ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की कसम खाई थी लेकिन कार्यालय में वह इसे पूरा करने में विफल रहे। बुधवार की बहस में, नामांकन के लिए उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उस विफलता पर हमला बोला। न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने कहा, "ट्रम्प ने कहा था कि वह पूरी सीमा पर एक दीवार बनाने जा रहे हैं, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।"
ट्रम्प की अनुपस्थिति का रामास्वामी को फायदा ये हुआ कि इस बार भी वे ही बहस के केंद्र में रहे। विवेक रामास्वामी पिछले महीने चुनावों में बढ़त के साथ बहस में आए थे। ऐसे में माइक पेंस, निक्की हेली और क्रिस क्रिस्टी सहित बाकि प्रतिद्वंद्वियों ने रामास्वामी को निशाने पर लिया।
जुलाई महीने में हुए सर्वेक्षण में बेहद पीछे रहने वाले विवेक रामास्वामी को पहली डिबेट में शानदार प्रदर्शन करने का फायदा भी खूब मिला था। मौजूदा दौर में रामास्वामी, ट्रम्प के बाद सबसे पसंदीदा उम्मीदवार बनकर उभरे हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ट्रम्प के बहस से दूर रहने का फायदा फिर से विवेक रामास्वामी को मिल पाएगा।












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