अमेरिका के खून में जहर घोल रहे अवैध प्रवासी... क्या डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिमों को धमकाया, क्या है इरादा?

Donald Trump News: रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा है, कि बिना दस्तावेज वाले आप्रवासी "हमारे देश के खून में जहर घोल रहे हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ऐसी भाषा दोहराई है, जिसकी पहले ज़ेनोफोबिक और नाजी बयानबाजी के रूप में जमकर आलोचना की गई है। वहीं, माना जा रहा है, कि डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर मुसलमान हैं, क्योंकि वो पहले ही ऐलान कर चुके हैं, कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं, तो कुछ देशों के मुस्लिमों की अमेरिका में एंट्री पर पाबंदी लगा देंगे।

डोनाल्ड ट्रम्प ने न्यू हैम्पशायर में एक चुनाव अभियान कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की, जहां उन्होंने अवैध रूप से अमेरिकी सीमा पार करने का प्रयास करने वाले प्रवासियों की रिकॉर्ड संख्या के खिलाफ सरकारों की नीति की आलोचना की।

Donald Trump News

डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है, कि अगर उन्हें चार साल का एक और कार्यकाल दिया जाता है, तो वो अवैध आप्रवासन पर नकेल कसने और कानूनी आप्रवासन को प्रतिबंधित करने का काम करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने डरहम शहर में कई हजार समर्थकों की उपस्थिति वाली एक रैली में कहा, "वे हमारे देश के खून में जहर घोल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि आप्रवासी दक्षिण अमेरिका के अलावा एशिया और अफ्रीका से अमेरिका आ रहे हैं। वो "पूरी दुनिया से वे हमारे देश में आ रहे हैं।"

अप्रवासियों पर आक्रामक डोनाल्ड ट्रंप

सितंबर के अंत में प्रकाशित एक दक्षिणपंथी वेबसाइट द नेशनल पल्स के साथ एक साक्षात्कार के दौरान ट्रम्प ने उसी "खून में जहर घोलने वाली" भाषा का इस्तेमाल किया था। जिसकी काफी आलोचना की गई थी और एंटी-डिफेमेशन लीग के नेता जोनाथन ग्रीनब्लाट ने डोनाल्ड ट्रंप की भाषा को "नस्लवादी, ज़ेनोफोबिक और घृणित" कहा था।

येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और फासीवाद पर किताब लिख चुके जेसन स्टेनली ने कहा, कि ट्रम्प द्वारा उस भाषा का बार-बार इस्तेमाल करना खतरनाक है। उन्होंने कहा, कि ट्रम्प के शब्द नाजी नेता एडॉल्फ हिटलर की बयानबाजी की प्रतिध्वनि हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक किताब "मीन काम्फ" में यहूदियों द्वारा जर्मन रक्त में जहर डाले जाने के खिलाफ चेतावनी दी थी।

स्टेनली ने कहा, कि "वह अब रैलियों में इस भाषा को बार बार दोहरा रहे हैं और खतरनाक भाषण को दोहराने से इसका सामान्यीकरण और इसके इस्तेमाल की आशंका बढ़ जाती है और यह अमेरिका में अप्रवासियों की सुरक्षा के लिए बहुत चिंताजनक बात है।"

अक्टूबर में ट्रम्प अभियान के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने पूर्व राष्ट्रपति की भाषा को लेकर हो रही आलोचना को "निर्र्थक" कहकर खारिज कर दिया था और यह तर्क देते हुए कहा था, कि इसी तरह की भाषा किताबों, समाचार लेखों और टीवी पर प्रचलित हैं।

शनिवार को टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर, चेउंग ने सीधे तौर पर ट्रम्प की टिप्पणियों को संबोधित नहीं किया और इसके बजाय इजराइल पर हमास के 7 अक्टूबर के हमले के बाद से अमेरिकी कॉलेज कैंपस विरोध प्रदर्शन को कैसे संभाल रहे हैं, इस विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मीडिया और शिक्षा जगत ने "खतरनाक विरोधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह" दी है और हमास समर्थक बयानबाजी, खतरनाक और चिंताजनक दोनों है।

आपको बता दें, कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप चुनावी मैदान में सबसे आगे चल रहे उम्मीदवार हैं और उन्होंने सीमा सुरक्षा को अपने अभियान का एक प्रमुख विषय बनाया है। वह अपने 2017-2021 के राष्ट्रपति पद से कट्टरपंथी नीतियों को बहाल करने और नई नीतियों को लागू करने की कसम खा रहे हैं, जो आप्रवासन पर और अधिक लगाम लगाएंगी।

दोबारा चुने जाने पर ट्रंप ने "हमारी दक्षिणी सीमा पर आक्रमण रोकने और अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा घरेलू निर्वासन अभियान शुरू करने" का वादा किया है। यानि, अगर डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं, तो अमेरिका से अवैध शरणार्थियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया जाएगा।

https://hindi.oneindia.com/news/international/how-modi-govts-zero-terror-plan-queers-pakistan-s-army-chief-pitch-on-kashmir-during-us-visit-860747.html
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+