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भारत और रूस के बीच एस-400 डील के बाद प्रतिबंधों पर बोले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप, दिल्‍ली को जल्‍द पता चलेगा

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    वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने पिछले दिनों भारत और रूस के बीच हुई एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। भारत पर रूस से मिलिट्री डील करने की वजह से अमेरिकी प्रतिबंध लगेंगे या नहीं इस पर ट्रंप ने कहा है, 'आने वाले दिनों में वह क्‍या फैसले लेंगे इस बारे में भारत को जल्‍द पता लगेगा।' आपको बता दें कि अमेरिका, काटसा कानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है जैसे उसने चीन पर लगाए हैं। हालांकि डील के बाद अमेरिकी अधिकारी की ओर से कहा गया था कि काटसा का मकसद मित्र देशों को सजा देना या उन्‍हें नुकसान पहुंचाना नहीं है। भारत और रूस के बीच पिछले दिनों पांच बिलियन डॉलर यानी 39,000 करोड़ रुपए की एस-400 डील साइन हुई है। यह डील रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन के भारत दौरे पर साइन हुई जो पिछले दिनों दो दिवसीय दौरे पर भारत आए थे।ये भी पढ़ें-जानिए S-400 की डील के बाद भारत पर कौन से प्रतिबंध लगा सकता है अमेरिका

    बहुत जल्‍द ट्रंप बताएंगे अपना फैसला

    बहुत जल्‍द ट्रंप बताएंगे अपना फैसला

    अमेरिका ने काट्सा यानी काउंटरिंग अमेरिकाज एडवरसरीज थ्रू सैंक्‍शंस एक्‍ट के तहत सिर्फ ट्रंप के पास यह ताकत है कि वह भारत को या तो छूट दे सकते हैं या फिर प्रतिबंध लगा सकते हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप से भारत और रूस के बीच हुए समझौते को लेकर सवाल किया गया था। ट्रंप ने इस पर जवाब दिया, 'भारत को जल्‍द पता लगेगा।' जब ट्रंप से पूछा गया कब तो उन्‍होंने कहा, 'बहुत जल्‍दी, इतनी जल्‍दी कि आपने सोचा भी नहीं होगा।' अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो भी वहीं पर मौजूद थे जब ट्रंप काटसा प्रतिबंधों पर जवाब दे रहे थे। माइक पोंपेयो और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस ने इससे पहले भारत को छूट देने की वकालत की थी।

    पहले भी दी गई थी धमकी

    पहले भी दी गई थी धमकी

    व्‍हाइट हाउस की ओर से कहा गया थ, 'काटसा में मिलने वाली छूट बहुत ही सीमित है और इसका मकसद रूसी उपकरणों से देशों को अलग करना है।' वहीं, भारत में अमेरिकी राजदूत की ओर से डील के बाद कहा गया था कि काटसा का मकसद रूस पर नियंत्रण करना है और इसके तहत किसी मित्र देश या साझीदार की मिलिट्री क्षमताओं को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं है। एक अधिकारी की ओर से जोर देकर इस बात को कहा गया कि इन प्रतिबंधों का निशाना सिर्फ और सिर्फ रूस है। पुतिन के भारत दौरे से पहले भी अमेरिका की तरफ से अप्रत्‍यक्ष तौर पर नई दिल्‍ली को प्रतिबंधों की धमकी दी गई थी।

     एस-400 को माना अमेरिका ने बड़ी डील

    एस-400 को माना अमेरिका ने बड़ी डील

    अमेरिका ने पुतिन के दौरे से पहले अपने साथियों से अपील की थी कि वे रूस के साथ होने वाले व्‍यापारिक संबंधों से बचें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो फिर उन पर अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा बढ़ सकता है। यह चेतावनी अमेरिका की ओर से ऐसे समय आई थी जब रूस ने इस बात की पुष्टि की थी कि पुतिन के भारत दौरे पर एस-400 की डील साइन होगी। ट्रंप प्रशासन के एक सीनियर ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि कई बड़े मिलिट्री इक्विपमेंट्स जिसमें एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम भी शामिल है, उसे काटसा प्रतिबंधों के तहत एक बड़ा सौदा माना जाएगा। ऐसे में प्रतिबंधों की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

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    English summary
    ‘India will soon find out,'says US President Donald Trump on sanctions for mega defence deal with Russia.

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