VIDEO: तो इसलिए खामेनेई को ट्रंप ने उतारा मौत के घाट, अब आई असली वजह सामने, फोन पर पत्रकार को खुद बताई सच्चाई
Donald Trump on Ali Khamenei Death: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का तीसरा दिन मिडिल ईस्ट के लिए बेहद तनावपूर्ण रहा। इसी बीच एक बड़ा राजनीतिक धमाका तब हुआ जब अमेरिकी पत्रकार जोनाथन कार्ल (Jonathan Karl) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे सवाल किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के पीछे असली वजह क्या थी। ट्रंप का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने साफ कहा, "उसने (Khamenei) मुझे दो बार मारने की कोशिश की थी, मैंने उसे पहले मार दिया।"
ABC News के वॉशिंगटन चीफ कॉरेस्पोंडेंट नाथन कार्ल ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने ईरान को लेकर ट्रंप से कई मिनट तक बातचीत की। उन्होंने ट्रंप से पूछा कि जब खामेनेई नहीं रहे तो अब सत्ता कौन संभालेगा। इस पर ट्रंप ने कहा कि हमला बेहद सटीक और सफल था। उनके मुताबिक, कई वरिष्ठ अधिकारी और संभावित उत्तराधिकारी मारे जा चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जिन नामों पर चर्चा हो रही थी, वे सभी अब जिंदा नहीं हैं। यानी सत्ता की अगली लाइन लगभग खत्म हो चुकी है।

जोनाथन कार्ल ने यह भी बताया कि उन्होंने ट्रंप से 2024 में कथित ईरानी साजिश का जिक्र किया, जिसमें ट्रंप की हत्या की कोशिश की बात सामने आई थी। इस पर ट्रंप ने कहा, "उन्होंने मुझे दो बार मारने की कोशिश की। इससे पहले कि वो मुझे मारता, मैंने उसे मरवा दिया।" ट्रंप का यह बयान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के उन दावों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया था कि ईरान की सरकार ट्रंप के खिलाफ साजिश रच रही थी।
अमेरिकी पत्रकार जोनाथन कार्ल की ट्रंप से फोन पर हुई बातचीत
एक्स पर शेयर किए वीडियो में जोनाथन कार्ल कहते हैं,
"मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान को लेकर कई मिनट तक बात की। मैंने उनसे पूछा कि अब जब अयातुल्ला अली खामेनेई, जो सुप्रीम लीडर थे, नहीं रहे तो अब उनकी जगह कौन लेगा? उनका (ट्रंप) जवाब दिलचस्प था। उन्होंने कहा कि हमला इतना सफल रहा कि ज्यादातर संभावित दावेदार ही खत्म हो गए। उन्होंने मुझसे कहा कि अब वह कोई भी नहीं होगा जिसके बारे में हम सोच रहे थे, क्योंकि वे सभी मारे जा चुके हैं। मैंने उनसे इस बात पर भी चर्चा की कि ईरानियों ने उन्हें मारने की कोशिश की थी। 2024 में ट्रंप को मारने की एक ईरानी साजिश थी। इस पर उन्होंने अयातुल्ला के बारे में कहा, 'मैंने उसे उससे पहले खत्म कर दिया, इससे पहले कि वह मुझे खत्म करता। उन्होंने दो बार कोशिश की। खैर, मैंने उसे पहले ही मार दिया।' जहां तक युद्ध कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर राष्ट्रपति ने मुझसे कहा कि उन्हें हमेशा लगता था कि यह चार या पांच हफ्तों का मामला होगा। उन्होंने यही कहा, चार या पांच हफ्तों का ऑपरेशन। उन्होंने कहा कि यह इससे छोटा भी हो सकता है और जरूरत पड़ी तो वह इसे लंबा चलाने के लिए भी तैयार थे। तीन अमेरिकियों की मौत पर राष्ट्रपति ने कहा, 'यह युद्ध है और युद्ध में हताहत होते हैं।' उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि राष्ट्रपति के तौर पर वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन, पिछले गर्मियों में ईरान में किए गए ऑपरेशन और इस मौजूदा ऑपरेशन के बावजूद, अब तक कुल अमेरिकी हताहतों की संख्या सिर्फ तीन है। आज रात राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई लंबी बातचीत का यह एक संक्षिप्त सार है।"
ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' और बढ़ता टकराव (Operation Epic Fury)
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिका ने इस मिशन को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया। इस अभियान में ईरान के कई सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसी हमले में खामेनेई सहित कई शीर्ष राजनीतिक और सैन्य चेहरे मारे जाने का दावा किया गया।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। मिसाइल हमले इजराइल की ओर दागे जा रहे हैं और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया जा रहा है। पूरे मिडिल ईस्ट में हालात विस्फोटक बने हुए हैं।
ट्रंप का यह दावा कि खामेनेई ने उन्हें दो बार मारने की कोशिश की थी और इसी वजह से उन्होंने पहले कार्रवाई की, इस जंग को और राजनीतिक रंग दे रहा है। अगर यह बयान सही है तो यह सिर्फ सैन्य टकराव नहीं, बल्कि निजी और रणनीतिक प्रतिशोध की कहानी भी बन सकता है। फिलहाल सवाल यही है कि क्या यह चार-पांच हफ्तों में खत्म होगा या मिडिल ईस्ट एक लंबी और खतरनाक जंग की ओर बढ़ चुका है।












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