ट्रंप सरकार ने बदले H-1B वीजा नियम, भारत के आईटी पेशेवरों की बढ़ेंगी मुश्किलें

ट्रंप सरकार ने कड़े किए वीजा नियम, भारत के आईटी पेशेवरों की बढ़ेंगी मुश्किलें

नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B और L1 वीजा के नवीनीकरण की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है। इससे अमेरिका में काम कर रहे भारत के आईटी पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। 23 अक्टूबर को जारी नए निर्देश के मुताबिक, कंपनी H-1B या L1 वीजा रखने वाले कर्मचारी का कार्यकाल बढ़ाती है तो डॉक्यूमेंट्स के प्रूफ की पूरी जिम्मेदारी कर्मचारी की ही होगी, इसमें कंपनी की भूमिका कम हो जाएगी। H-1B वीजा भारत से अमेरिका जाकर काम करने वाले लोगों को उनकी कंपनी दिलवाती हैं। H-1B वीजा के जरिए बड़ी तादाद में भारत के आईटी पेशेवरों को अमेरिका में काम मिलता है और ये भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय है।

Donald Trump gov makes more difficult for H-1B visa extension

यूएस सिटीजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज ने कहा है कि अब वीजा के लिए अप्लाई करने पर अपनी योग्यता खुद साबित करनी होगी। इस तरह से उन्होंने अपनी 13 साल पुरानी पॉलिसी को बदला है। इससे पहले ये जिम्मेदारी फेडरल एजेंसी की होती थी लेकिन अब ये नियम बदल दिया गया है। इस नीति को लेकर कहा गया है कि इस नीति के चलते केवल योग्य H-1B कर्मियों को ही अमेरिका में रहने की इजाजत होगी और इससे वीजा धोखाधड़ी और दुरुपयोग कम होगा।

इससे पहले की नीति में अगर किसी व्यक्ति को एक बार वर्क वीजा मिल जाता था तो उसे वीजा की अवधि बढ़वाने में ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आती थी। नई नीति के तहत हर बार विस्तार के दौरान उन्हें संघीय अधिकारियों के सामने प्रमाणित करना होगा कि वे अब भी उस वीजा के लिए पात्र हैं जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया है।

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