Gaza Peace Board: ब्रिटेन के पूर्व PM,भारतीय मूल के बैंकर..., ट्रंप के 'गाजा शांति बोर्ड' में 7 लोग कौन?
Donald Trump Gaza Peace Board: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में युद्ध के बाद स्थिरता और पुनर्निर्माण के लिए एक उच्च स्तरीय 'शांति बोर्ड' (Peace Board) का गठन किया है। ट्रंप खुद इस 7 सदस्यीय बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य युद्ध से तबाह हो चुके गाजा में शासन व्यवस्था को फिर से खड़ा करना और निवेश जुटाना है। यह कदम गाजा में हमास और इजराइल के बीच हुए हालिया संघर्ष विराम के बाद शांति को स्थायी बनाने की एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश माना जा रहा है।

Gaza reconstruction board members: शांति बोर्ड में कौन-कौन?
- डोनाल्ड ट्रंप अध्यक्ष (Chairman), अमेरिकी राष्ट्रपति
- मार्को रुबियो अमेरिका के विदेश मंत्री (Secretary of State)
- टोनी ब्लेयर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
- जारेड कुश्नर ट्रंप के दामाद और वरिष्ठ सलाहकार
- अजय बंगा वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष (भारतीय-अमेरिकी)
- स्टीव विटकॉफ ट्रंप के विशेष दूत और प्रॉपर्टी डेवलपर
- मार्क रोवन अरबपति बिजनेसमैन (Apollo Global Management के CEO)
- रॉबर्ट गैब्रियल अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
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अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को मिली जगह
ट्रंप के इस महत्वाकांक्षी बोर्ड में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर और प्रॉपर्टी डेवलपर स्टीव विटकॉफ को शामिल किया गया है। बोर्ड के हर सदस्य को गाजा की सफलता के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण, क्षेत्रीय संबंधों को सुधारना और बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाना शामिल है। वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा की मौजूदगी यह संकेत देती है कि गाजा के आर्थिक ढांचे को खड़ा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मदद पर विशेष जोर रहेगा।
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भारतीय मूल के अजय बंगा भी सदस्य
भारतीय मूल के अजय बंगा (Ajay Banga World Bank Gaza) को इस बोर्ड में शामिल करना ट्रंप की एक सोची-समझी रणनीति है। वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष के तौर पर बंगा के पास दुनिया भर में विकास परियोजनाओं के लिए फंडिंग जुटाने का विशाल अनुभव है। गाजा में युद्ध के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और निवेश लाने के लिए उनकी आर्थिक विशेषज्ञता सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे इस शांति योजना को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मजबूती मिलेगी।
टोनी ब्लेयर की नियुक्ति पर गहराता विवाद
बोर्ड में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को शामिल करने पर विवाद शुरू हो गया है। ब्लेयर को 2003 के इराक युद्ध में उनकी भूमिका के कारण मध्य पूर्व (Middle East) में एक विवादास्पद शख्सियत माना जाता है। हालांकि वे पहले भी इजराइल-फिलिस्तीन शांति प्रयासों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन उन पर इजराइल के प्रति झुकाव रखने के आरोप लगते रहे हैं। ट्रंप ने भी पहले उनकी स्वीकार्यता पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब उन्हें गाजा के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
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World News Hindi: सुरक्षा और शासन के लिए नई व्यवस्था
गाजा में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ट्रंप ने पूर्व मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल' (ISF) का नेतृत्व सौंपा है। वहीं, फिलिस्तीनी तकनीकी समिति के जरिए स्थानीय कामकाज को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है, जिसकी कमान अली शाथ संभालेंगे। निकोलाय म्लादेनोव को गाजा के लिए उच्च प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। यह पूरी टीम मिलकर गाजा में शासन क्षमता के विकास और युद्ध के बाद मलबे में तब्दील हो चुके शहरों को दोबारा बसाने की रणनीति पर काम करेगी।
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असली चुनौती हमास का निशस्त्रीकरण
गाजा में 10 अक्टूबर से शुरू हुई शांति योजना के तहत बंधकों की रिहाई तो हो गई है, लेकिन असली चुनौती हमास का निशस्त्रीकरण है। इजराइल की सख्त मांग है कि हमास पूरी तरह अपने हथियार डाल दे, जो इस समझौते का सबसे पेचीदा मुद्दा बना हुआ है। दूसरी ओर, युद्धविराम के बावजूद इजराइल ने गाजा के कुछ हिस्सों में पुराने ढांचों को गिराना जारी रखा है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में ट्रंप का यह शांति बोर्ड कितना सफल होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।












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