Trump Venezuela President: ट्रंप ने खुद को बताया वेनेजुएला का 'नया राष्ट्रपति', छोड़ना होगा व्हाइट हाउस?
Donald Trump Acting President Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TRUTH पर खुद को 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' घोषित कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने एक एडिटेड विकिपीडिया पेज साझा किया है, जिसमें जनवरी 2026 से उन्हें वेनेजुएला का प्रमुख दिखाया गया है।
यह सनसनीखेज दावा 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल कर गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या एक व्यक्ति एक साथ दो देशों का राष्ट्रपति रह सकता है?

Trump Venezuela Acting President: ट्रंप का सनसनीखेज दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में अपनी प्रोफाइल पोस्ट कर कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता का सुरक्षित हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक वे खुद वहां की कमान संभालेंगे। ट्रंप का यह कदम अमेरिकी इतिहास में अभूतपूर्व है, जहां एक मौजूदा राष्ट्रपति दूसरे संप्रभु राष्ट्र पर सीधे शासन का दावा कर रहा है। इंटरनेट पर यह पोस्ट वायरल हो गई है और इसे ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का विस्तार माना जा रहा है।
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क्या राष्ट्रपति पद छोड़ेंगे ट्रंप?
अमेरिकी संविधान के 'इमोलुमेंट्स क्लॉज' के अनुसार, कोई भी राष्ट्रपति पद पर रहते हुए विदेशी सरकार का पद स्वीकार नहीं कर सकता। हालांकि, ट्रंप ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा नहीं दिया है और वे व्हाइट हाउस में बने रहेंगे। उनकी 'एक्टिंग प्रेसिडेंट' वाली सोशल मीडिया पोस्ट वास्तव में एक कूटनीतिक दबाव है। इसका उद्देश्य वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर अमेरिकी वर्चस्व स्थापित करना और दुनिया को यह जताना है कि अब वहां की सत्ता की डोर वाशिंगटन के हाथों में है।
ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व: मादुरो की गिरफ्तारी
वेनेजुएला में इस उथल-पुथल की पटकथा 3 जनवरी 2026 को लिखी गई थी। अमेरिकी विशेष बलों ने कराकस में एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। मादुरो को अब न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोप चल रहे हैं। हालांकि वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है, लेकिन ट्रंप के ताजा पोस्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि असली नियंत्रण वाशिंगटन के हाथों में ही है।
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Venezuela oil control USA: वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी 'कब्जा'
ट्रंप के इस पूरे कदम के केंद्र में वेनेजुएला का विशाल तेल भंडार है। ट्रंप ने 'राष्ट्रीय आपातकाल' घोषित कर वेनेजुएला के तेल राजस्व को अमेरिकी नियंत्रण में ले लिया है। अमेरिका की योजना 50 मिलियन बैरल कच्चे तेल को रिफाइन कर बेचने की है, जिसकी कीमत लगभग 35,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी अमेरिकी शर्तों का पालन नहीं करेगा, उसे गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी सेना ने पहले ही वेनेजुएला के कई ऑयल टैंकरों को अपने कब्जे में ले लिया है।
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संप्रभुता का उल्लंघन या शांति की बहाली?
ट्रंप के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है। आलोचक इसे किसी देश की संप्रभुता का सरेआम उल्लंघन और वेनेजुएला को अमेरिका की 'कॉलोनी' बनाने जैसा बता रहे हैं। वहीं, ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह वेनेजुएला के लोगों को तानाशाही से मुक्ति दिलाने और वहां स्थिरता लाने के लिए जरूरी है। मार्को रुबियो के 'थ्री-स्टेप प्लान' के तहत अमेरिका अब वेनेजुएला की अंतरिम सरकार पर पूरा दबाव बनाए हुए है ताकि वहां के संसाधनों का इस्तेमाल अमेरिकी हितों में हो सके।












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