Venezuela Row: अमेरिका ने एक और देश पर किया कब्जा? सड़कों पर ‘ट्रंप स्ट्रीट' के पोस्टर वायरल
Iran Protest 2025: ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। बढ़ती महंगाई और बदहाल अर्थव्यवस्था से उपजा जन आक्रोश अब एक हिंसक विद्रोह का रूप ले चुका है, जो तेहरान से लेकर शिया धार्मिक गढ़ क़ोम सहित 50 से अधिक शहरों में फैल गया है।
ईरान में जारी आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों को ईरानी सड़कों के आधिकारिक नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रीट' के पोस्टर और स्टीकर लगाते हुए देखा जा सकता है।

'ट्रंप स्ट्रीट' और प्रदर्शनकारियों का संदेश
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवा प्रदर्शनकारी ईरानी सड़क संकेतों के ऊपर 'ट्रंप स्ट्रीट' लिखे हुए स्टीकर चिपकाते नजर आ रहे हैं। यह कृत्य सीधे तौर पर वर्तमान सरकार के प्रति घृणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति एक प्रतीकात्मक समर्थन को दर्शाता है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि वे निर्दोष प्रदर्शनकारियों को मारते हैं, तो अमेरिका Locked and Loaded (पूरी तरह तैयार) है। प्रदर्शनकारी इन पोस्टरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर अमेरिका से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।
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'ट्रंप स्ट्रीट' पोस्टरों से अमेरिकी साजिश के संकेत
ईरान में जारी खूनी संघर्ष के बीच 'ट्रंप स्ट्रीट' के पोस्टरों ने उन दावों को हवा दे दी है कि इस विद्रोह की डोर अमेरिका के हाथों में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पोस्टरों का सार्वजनिक रूप से लगना महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि विदेशी समर्थन का खुला संकेत है। दूसरी ओर, हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार किए जाने के साहसिक कदम ने ईरानी नेतृत्व की नींद उड़ा दी है, जिससे अब तेहरान में भी तख्तापलट का डर गहरा गया है।
मौत का तांडव और 'खामेनेई मुर्दाबाद'
पिछले सात दिनों में हिंसा इस कदर बढ़ गई है कि अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। तेहरान (Iran Economy Crisis) और क़ोम जैसे शिया गढ़ों में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं। सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारे गए लोगों के जनाजे अब सरकार विरोधी रैलियों में बदल रहे हैं। लोग न केवल महंगाई के खिलाफ लड़ रहे हैं, बल्कि 'शाह की वापसी' और धार्मिक शासन के अंत की मांग कर रहे हैं। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के पुतले जलाए जा रहे हैं, जो ईरान के इतिहास में एक दुर्लभ और गंभीर घटना है।
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Donald Trump Iran Warning: ट्रंप की 'रेस्क्यू' चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर ईरान को खुलेआम धमकी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का कत्लेआम नहीं रुका, तो अमेरिका उनके बचाव (Rescue) के लिए आएगा। इस बयान के बाद ईरान ने तुरंत संयुक्त राष्ट्र (UN) का दरवाजा खटखटाया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और 'डिजिटल आतंकवाद' को बढ़ावा दे रहा है। ईरान ने अपनी 'निर्णायक और संतुलित आत्मरक्षा' की बात दोहराते हुए कहा है कि वह किसी भी विदेशी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।
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वेनेजुएला संकट का साया और ईरान का भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी ऑपरेशन (जिसमें राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार किया गया) ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को नई उम्मीद और ईरानी सरकार को गहरा डर दिया है। ईरान को डर है कि अमेरिका वेनेजुएला की तर्ज पर ईरान में भी सत्ता परिवर्तन (Regime Change) का प्रयास कर सकता है। सड़कों पर ट्रंप के पोस्टर लगना इसी डर और विरोध का सबसे ताजा और विवादास्पद चेहरा बन गया है। ईरान अब एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां एक तरफ गृहयुद्ध का खतरा है और दूसरी तरफ विदेशी हस्तक्षेप की आशंका।












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