युद्ध के 54वें दिन हताश हुआ यूक्रेन, जेलेंस्की ने कहा, अब दुनिया से टूटा भरोसा... मारियुपोल में भीषण तबाही
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन से बात करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, रूसी सैनिक राजधानी कीव से भले ही हट गये हैं, लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है, कि रूस डोनबास पर कब्जा करने में सक्षम नहीं है...
कीव, अप्रैल 18: यूक्रेन युद्ध का आज 54वां दिन है और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि, उनका भरोसा अब इस दुनिया से टूट चुका है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि, रूस ने उनके देश पर हमला किया और रूस ने फिर से यूक्रेनी शहरों पर हमला बढ़ा दिया है, इसीलिए उन्हें अब अपने पड़ोसियों पर विश्वास नहीं रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने पूर्वी यूक्रेन के लवीव शहर पर भीषण हमले किए हैं, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति का टूटा भरोसा
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भले ही सैन्य मदद नहीं मिली, लेकिन यूक्रेन को पश्चिमी देशों ने करोड़ों डॉलर के हथियारों की सप्लाई की है, लेकिन जेलेंस्की ने युद्ध के 54वें दिन कहा है, कि ‘मैं दुनिया पर विश्वास नहीं करता... हम शब्दों पर विश्वास नहीं करते। रूस के तनाव के बाद, हमें अपने पड़ोसियों पर विश्वास नहीं है।‘ यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि, ‘हमें एकमात्र विश्वास देश की जनता में है, आप में है, और हमारे लोगों में है, हमारी सेना में है'। सीएनएन को दिए गये एक इंटरव्यू के दौरान जेलेंस्की ने कहा कि, ‘हमारा विश्वास इसलिए है, क्योकि यहां हमें सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि काम से समर्थन मिलता है'।
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हारा नहीं है रूस- जेलेंस्की
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन से बात करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, रूसी सैनिक राजधानी कीव से भले ही हट गये हैं, लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है, कि रूस डोनबास पर कब्जा करने में सक्षम नहीं है और यूक्रेनी राजधानी को फिर से जब्त करने की कोशिश नहीं करेगा। ज़ेलेंस्की ने कहा कि, ‘हमने उनसे [रूस] लड़ाई लड़ी और वे चले गए, और वे कीव से भाग रहे थे ... इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वे डोनबास पर कब्जा करने में सक्षम हैं, तो वे कीव की ओर आगे नहीं आएंगे।‘ आपको बता दें कि, युद्ध के एक महीना खत्म होने के बाद यूक्रेन ने अपनी रणनीति बदल दी थी और पूर्वी यूक्रेन की तरफ अपना फोकस कर दिया है, जिसमें डोनबास का इलाका आता है।

आठवें हफ्ते में पहुंचा यूक्रेन युद्ध
यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का आठवां हफ्ता शुरू हो चुका है और रूस भले ही पिछले 53 दिनों की लड़ाई में यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने में नाकामयाब रहा हो, लेकिन रूस अभी तक आधे से ज्यादा यूक्रेन को पूरी तरह से तबाह कर चुका है। वहीं, रूस का सबसे बड़ा टारगेट अब बंदरगाह वाले शहर मारियुपोल पर पूरी तरह से कब्जा करना है, लेकिन यूक्रेनी सेना हथियार रखने को तैयार नहीं है, लिहाजा मारियुपोल में भीषण जंग अभी भी जारी है। पिछले हफ्ते यूक्रेन ने मारियुपोल में समुद्री तट पर तैनात रूस के युद्धपोत को मिसाइल हमले में उड़ाने का दावा किया था।

खंडहर में बदला मारियुपोल शहर
मारियुपोल शहर की रूस ने घेराबंदी कर रखी है, लेकिन मारियुपोल में तैनात यूक्रेनी सैनिकों ने अपनी बहादुरी से रूसी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए हैं और यूक्रेनी सैनिकों ने साफ कर दिया है, कि वो आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे। पिछले सात हफ्तों की जंग में मारियुपोल शहर अब पूरी तरह से खंडहर में बदल गया है, लेकिन यूक्रेन ने साफ कहा है, कि वो मरते दम तक लड़ाई जारी रखेंगे। मॉस्को ने दावा किया है कि उसने प्रमुख बंदरगाह शहर के अधिकांश शहरी क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। जबकि, यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्यामल ने जोर देकर कहा है कि, रूसी सैनिक बार बार यूक्रेनी सैनिकों को सरेंडर करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन हमारे सैनिक पूरी बहादुरी के साथ जंग लड़ रहे हैं। उन्होंने एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि, मारियुपोल शहर अभी तक रूस के कब्जे में नहीं गया है।

देश के पुनर्निमाण की तैयारी
वहीं, अभी तक जंग खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यूक्रेन के पुननिर्माण की तैयारी शुरू कर दी है और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने आईएमएफ से बातचीत शुरू कर दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक ट्वीट करते हुए बताया कि, उन्होंने आईएमएफ के प्रबंध निदेशक के साथ यूक्रेन की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की तैयारी के मुद्दे पर चर्चा की है। जेलेंस्की ने कहा कि, हमारे पास अभी के लिए स्पष्ट योजनाएं हैं, साथ ही संभावनाओं की दृष्टि भी है। मुझे यकीन है कि आईएमएफ और यूक्रेन के बीच सहयोग जारी रहेगा। वहीं, जेलेंस्की के ट्टीट का जवाब देते हुए IMF के प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि, ‘आज एक बहुत अच्छी बातचीत के लिए राष्ट्रपति जेलेंस्की का धन्यवाद। यूक्रेन को अधिक समर्थन के लिए एक यूक्रेन के भागीदारों के साथ मिलकर देश के पुननिर्माण के लिए नींव रखना आवश्यक है'।

पूर्वी यूक्रेन को नहीं छोड़ने का दावा
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र में रूसी सेना से लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने यहां तक कहा कि, यूक्रेन रूस के साथ युद्ध समाप्त करने की शर्त पर देश के पूर्वी हिस्से में अपनी जमीन नहीं छोड़ेगा। आपको बता दें कि, डोनबास दक्षिण-पूर्व में दो प्रांतों का एक क्षेत्र है जिसे मॉस्को पूरी तरह से अलगाववादियों को सौंपने की मांग करता है। यूक्रेन ने कहा कि उसने अब तक डोनबास के डोनेट्स्क और लुहान्स्क के क्षेत्रों में रूसी सैनिकों को आने से रोक रखा है। जबकि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन युद्ध में जीत का दावा करने के लिए और अधिक डोनबास क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए दृढ़ हैं। इस बीच, अमेरिका यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है और अमेरिकी हथियारों के दम पर यूक्रेन ने रूसी सेना को भीषण नुकसान पहुंचाया है।

मारियुपोल में भीषण तबाही
यूक्रेन के अनुमान के मुताबिक, मारियुपोल में लगातार बमबारी और सड़क पर लड़ाई में कम से कम 21,000 लोग मारे गए हैं। युद्ध के शुरुआती हफ्तों में एक घातक रूसी हवाई हमले से एक प्रसूति अस्पताल भी बम से उड़ा दिया गया था। वहीं, एक थियेटर पर भी रूस ने विशालकाय बम गिराया था, जिसमें 300 से ज्यादा शरणार्थी मारे गये थए। वहीं, यूक्रेन शहर में करीब साढ़े एक लाख लोग लगातार कम भोजन, बिना पानी और बिना बिजली के किसी तरह जिंदगी जी रहे है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शहर की जनसंख्या करीब साढ़े 4 लाख थी, जिनमें अब सिर्फ एक लाख लोग ही बचे हुए हैं।












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