अब क्या करेंगे नेतन्याहू? इजरायली दूतावास ने हड़ताल का किया ऐलान, हवाई सेवा भी ठप, राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

इजरायल में लोगों ने पीएम नेतन्याहू के घर के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की कई बार पुलिस से झड़प हुई। कई लोगों ने हाइवे पर आग जला दी।

Israel Embassy Go On Strike

Image: oneindia

इजराइल में नेतन्याहू सरकार के न्यायिक सुधार बिल के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इस योजना को लेकर विवाद इतना बढ़ चुका है कि अब इजरायल के सबसे बड़े श्रमिक संघ, हिस्ताद्रुत ने दुनिया भर में इजराइल के राजनयिक मिशनों सहित सभी सरकारी कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने का निर्देश दिया है। हिस्ताद्रुत के प्रमुख अर्नोन बार-डेविड ने सोमवार को इस ऐतिहासिक हड़ताल का ऐलान किया है। दुनिया भर में इजरायल के दूतावास को अगली सूचना तक बंद रखने का ऐलान किया गया। इस दौरान कोई कांसुलर सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी। भारत में इजरायली दूतावास अपने श्रमिक संघ के निर्देश के बाद हड़ताल पर चला गया है।

श्रमिक संघ के निर्देश के बाद इजरायल में हवाई अड्डा प्राधिकरण ने भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा है कि सरकार की न्यायपालिका में आमूल-चूल बदलाव की योजना के विरोध में हड़ताल का आह्वान किए जाने के बाद देश के मुख्य अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। विमानों के उड़ान न भरने से हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका है। विदेशों से इजरायल आ रहे विमानों को तेल अवीव के बाहरी इलाके में स्थित बेन-गुरियन हवाई अड्डे पर उतारे जाने का फैसला किया गया है।

इसके साथ ही राष्ट्रपति इसाक हरजोग ने भी इजरायली पीएम से इस विवादित योजना को तत्काल रोकने की अपील की है। इजरायली राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा, ''बीती रात हमने बहुत मुश्किल हालात देखे। मैं प्रधानमंत्री, सरकार के सदस्यों और गठबंधन के सदस्यों से अपील करता हूं कि भावनाएं आहत हैं। पूरा देश गहरी चिंता में डूबा हुआ है। हमारी सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, समाज- सभी खतरे में हैं। इजराइल के सभी लोग उम्मीद भरी निगाहों से आपको देख रहे हैं। सभी यहूदी लोग आपसे उम्मीद लगाए बैठे हैं। पूरी दुनिया को आपसे उम्मीदें हैं।''

राष्ट्रपति हरजोग ने सरकार से देश की खातिर राजनीतिक मतभेदों को दूर रखने का भी आह्वान किया है। राष्ट्रपति ने कहा, ''इजरायल के लोगों की एकता, जरूरी जिम्मेदारी के लिए, मैं आपसे विधायी प्रक्रिया तत्काल रोकने की अपील करता हूं।'' राष्ट्रपति की इस अपील से एक दिन पहले पीएम नेतन्याहू ने इस योजना का विरोध करने के लिए अपने रक्षा मंत्री योआव गैलैंट को बर्खास्त कर दिया था। रक्षा मंत्री ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि देश के न्यायालय को कमजोर करने के लिए जो बिल लाया गया है, उससे मिलिट्री में भी फूट पड़ रही है। इससे देश की सुरक्षा को खतरा है।

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