दिलीप कुमार के निधन से पाकिस्तान से अमेरिका तक शोक, जानिए विदेशी अखबारों ने क्या लिखा
महान भारतीय अभिनेता दिलीप कुमार के निधन पर विदेशी मीडिया ने भी शोक जताया है। जानिए विदेशी मीडिया ने क्या लिखा है।
नई दिल्ली, जुलाई 07: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के आत्मा दिलीप कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है और पूरी दुनिया में शोक की लहर फैल गई है। पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक में दिलीप कुमार को गमगीन होकर श्रद्धांजलि दी जा रही है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने जहां ट्वीट कर भारतीय फिल्म जगत के सबसे मजबूत स्तंभ को याद किया है, वहीं अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के इस कोहिनूर को श्रद्धांजलि दी है।

पाकिस्तान में गमगीन श्रद्धांजलि
भारत की आजादी से बाद दिलीप कुमार का घर भले पाकिस्तान में चला गया, लेकिन इस महान अभिनेता ने भारत देश को ही अपनी मातृभूमि चुना। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दिलीप कुमार का पुश्तैनी मकान था, जिसे अब पाकिस्तान सरकार म्यूजियम बनाने वाली है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने ट्वीट कर दिलीप कुमार के निधन पर शोक जताया है और कहा कि ''दिलीप कुमार के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। वो एक विनम्र इंसान, शानदार कलाकार थे। वहीं, पाकिस्तान के कई मंत्रियों ने भी दिलीप कुमार के निधन पर शोक जताया है।

अलजजीरा में निधन की खबर
इंटरनेशनल न्यूज पेपर अलजजीरा ने दिलीप कुमार की निधन की खबर को अपनी वेबसाइट की लीड स्टोरी के तौर पर रखा है। अलजदीरा ने लिखा है कि ''दिलीप कुमार, जिनका वास्तविक नाम मोहम्मद युसूफ खान था, उनका निधन भारत के पश्चिमी शहर मुंबई में हो गया है।'' अलजजीरा ने लिखा है कि ''भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक दिलीप कुमार का पश्चिमी शहर मुंबई में निधन हो गया है, उनके परिवार ने कहा कि वे 98 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे।'' अलजजीरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ''देव आनंद और राज कपूर के साथ दिलीप कुमार उन तीन बड़े नामों में से एक थे, जिन्होंने 1940 से 1960 के दशक तक भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग में अपना दबदबा बनाया।'' इसके साथ ही अलजजीरा ने दिलीप कुमार की बायोग्राफी को भी विस्तार से बताया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में दिलीप कुमार
अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिलीप कुमार को लेकर अपनी हेडलाइन में कहा है कि 'दिलीप कुमार, भारतीय फिल्म अभिनेता, जिन्होंने बॉलीवुड में वास्तविकता को लाया, 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।' न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि 'दिलीप कुमार, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के शुरूआती समय के मेथड एक्टर्स में से एक थे, और उस तिकड़ी के अंतिम सदस्य थे, जिन्होंने 1950-60 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया था।' न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ''स्वतंत्रता के बाद के भारत में श्री दिलीप कुमार और दो अन्य सितारे हिंदी फिल्म नायक को परिभाषित करने के लिए तैयार थे। राज कपूर ने नवनिर्मित भारतीय युवाओं के उस समय की स्थिति को पर्दे पर प्रतिबिंबित किया था। और उनके ऊपर चार्ली चैपलीन का छाप था, जिसे उन्होंने हमेशा माना था, और राजकपूर का सिनेमाई कैरेक्टर एक ऐसी दुनिया से बातचीत कर रही थी, जो अपनी मासूमियत खो रही थी। वहीं, देव आनंद, जिन्हें भारत के ग्रेगरी पेक के रूप में जाना जाता है, उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पश्चिमी सभ्यता को मूर्त रूप दिया था। वहीं, दिलीप कुमार ने देव आनंद और राज कपूर की शैली के विपरीत अपने पात्रों में गहराई को उतार दिया था।

पाकिस्तानी अखबार में दिलीप कुमार
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने दिलीप कुमार के निधन की खबर को प्रमुखता से छापते हुए उन्हें एक 'लिजेंड्री' एक्टर बताया है और लिखा है कि 'दिलीप कुमार के जाने के बाद भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का एक सितारा चला गया है'। डॉन ने लिखा है कि 'दिलीप कुमार को पाकिस्तान में काफी प्यार किया जाता था और उन्हें पाकिस्तान के सबसे बड़े सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान से नवाजा गया था।' वहीं, पाकिस्तान के एक और बड़े अखबार 'ट्रिब्यून' ने भी दिलीप कुमार के निधन की खबर को छापा है और उन्हें भारत पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया की फिल्म इंडस्ट्री का एक बेहतरीन कलाकार कहा है।












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