Dhurandhar In Court: पाकिस्तान में धुरंधर पर मचा बवाल! लोगों ने की जमकर तारीफ और PPP पहुंची कोर्ट, आगे क्या?
Dhurandhar In Court: बॉलीवुड की नई जासूसी फिल्म 'धुरंधर' रिलीज़ होते ही भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। रणवीर सिंह अभिनीत इस फिल्म को जहां एक वर्ग एक हाई-ऑक्टेन स्पाई थ्रिलर और दमदार सिनेमाई एक्सपीरियंस मान रहा है।
वहीं दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक रूप से पक्षपाती और आपत्तिजनक कहानी बताकर आलोचना कर रहा है। यही दो तरह की प्रतिक्रियाएं जो आगे चलकर कानूनी विवाद में बदल गईं, जब पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) से जुड़े एक कार्यकर्ता ने कराची की अदालत में फिल्म के खिलाफ याचिका दायर कर दी।

पाकिस्तान में बटोर रही तारीफ
पाकिस्तान में 'धुरंधर' को लेकर एक तबका ऐसा भी है जिसने फिल्म को महज एक व्यावसायिक एक्शन-थ्रिलर के तौर पर देखा। सोशल मीडिया और यूट्यूब रिव्यूज़ में कई पाकिस्तानी दर्शकों ने माना कि फिल्म का एक्शन, बैकग्राउंड म्यूज़िक और कलाकारों की परफॉर्मेंस काबिल-ए-तारीफ है। कराची के कंटेंट क्रिएटर बिलाल हुसैन ने स्वीकार किया कि फिल्म में एकतरफा नजरिया मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद इसकी सिनेमैटोग्राफी, स्टंट्स और कहानी की गति दर्शकों को बांधे रखती है।
कराची और राजनीति को दिखाने पर आपत्ति
दूसरी ओर, पाकिस्तान में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसने फिल्म के कंटेंट पर तीखी आपत्ति जताई। आलोचकों का कहना है कि 'धुरंधर' कराची को एक ऐसे शहर के रूप में दिखाती है जहां गैंग वॉर, अपहरण, यातना और अराजकता आम बात है। उनके अनुसार, वास्तविक गैंग इतिहास और राजनीतिक संदर्भों को फिल्मी अतिशयोक्ति के साथ मिलाया गया है। कई समीक्षाओं में यह सवाल भी उठा कि क्या फिल्म ने जटिल सामाजिक-राजनीतिक हालात को जरूरत से ज्यादा सरलीकृत और एकतरफा रूप में पेश किया है।
PPP का विरोध और कानूनी कार्रवाई
विवाद तब और गहरा गया जब पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) ने सीधे तौर पर फिल्म पर आपत्ति जताई। पार्टी का आरोप है कि 'धुरंधर' के एक दृश्य में PPP के झंडे और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस दृश्य के जरिए PPP को आतंकवादी संगठनों के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
कोर्ट में केस दर्ज
PPP कार्यकर्ता मुहम्मद आमिर ने कराची की जिला एवं सत्र न्यायालय (साउथ) में याचिका दायर कर फिल्म निर्माताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। याचिका में निर्देशक आदित्य धर, निर्माता लोकेश धर और ज्योति किशोर देशपांडे के साथ-साथ रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन समेत कई कलाकारों और तकनीकी टीम के सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है।
बेनजीर भुट्टो की तस्वीर बना मुख्य मुद्दा
PPP नेताओं के अनुसार, बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों का इस्तेमाल न सिर्फ कानूनी रूप से गलत है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद संवेदनशील मामला है। PPP नेता सुमेता अफजल सैयद ने सोशल मीडिया पर फिल्म की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला "दुर्भावनापूर्ण चित्रण" है। पार्टी का दावा है कि इससे PPP समर्थकों के खिलाफ नफरत फैलने का खतरा पैदा होता है।
पुलिस कार्रवाई न होने पर अदालत का सहारा
याचिकाकर्ता मुहम्मद आमिर का कहना है कि उन्होंने पहले दराखशन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिका में पाकिस्तान दंड संहिता की मानहानि, आपराधिक धमकी और दंगे भड़काने से जुड़ी धाराओं का उल्लेख किया गया है, साथ ही पुलिस से पारदर्शी जांच और तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
2000 के दशक के पाकिस्तान की फिल्मी झलक
कुल मिलाकर, 'धुरंधर' को लेकर पाकिस्तान में सामने आई दोहरी प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि फिल्म को अलग-अलग नजरियों से देखा जा रहा है। जहां राजनीतिक दल और कुछ आलोचक इसके प्रतीकों और संदर्भों पर आपत्ति जता रहे हैं, वहीं दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा इसे 2000 के दशक के पाकिस्तान की उस वास्तविकता की फिल्मी झलक मानता है, जब कराची में गैंग वॉर, अंडरवर्ल्ड नेटवर्क और अस्थिर सुरक्षा हालात लगातार सुर्खियों में रहते थे।
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